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तीन साल में सरकार की 132 घोषणाएं..23 पूरी हो पाईं..54 पर काम जारी

Thu, 26 Oct 2017 12:35 AM IST
Updated Thu, 26 Oct 2017 12:35 AM IST
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तीन साल में सरकार की 132 घोषणाएं..23 पूरी हो पाईं..54 पर काम जारी
सरकार के तीन साल: 132 घोषणा में से महज 23 हो पाईं पूरी, 54 पर काम जारी
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। आज प्रदेश में सरकार के गठन को तीन साल पूरे हो रहे हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा सरकार की ओर से जिले में 132 घोषणाएं की गईं, जिनमें से अभी तक महज 23 घोषणाएं पूरी हो पाईं हैं, 54 पर काम अभी चल रहा है। जबकि 46 ऐसी हैं, जिन की कागजों में स्वीकृति संबंधी प्रक्रिया विचाराधीन है। इसको लेकर सत्तापक्ष ने सरकार के तीन साल को विकास एवं बदलाव का युग करार दिया है, वहीं विपक्ष ने इसे असफलता का युग करार दिया है।
जानकारी के अनुसार जिले में भाजपा की सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा चारों हलकों में कुल 132 घोषणाएं की गईं हैं। जिनमें से अब तक 9 ऐसी घोषणाएं पाई गईं, जिनकी व्यावहारिकता पर सवाल उठ गए। इसके अलावा 23 घोषणाएं ही अभी तक तीन साल की अवधि में पूरी हो पाईं हैं। जबकि 54 पर धरातल पर काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा 46 घोषणाएं ऐसी हैं, जिनकी फाइलें अभी सरकारी कार्यालयों में चक्कर काट रहीं हैं।
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इन घोषणाओं पर हुआ काम पूरा
मुख्यमंत्री की घोषणाओं में भगत सिंह कालौनी कैथल में सीवर लाइन बिछाई गई है। गुहला में 10 सड़कों पर काम पूरा हुआ है। क्योड़क से ग्योंग, क्योड़क से बरोट तक सड़क, पब्लिक हेल्थ की ओर से पूंडरी में 3 ट्यूबवेल, जिलास्तर पर वाल्मीकि जयंती मनाए जाने, विकलांगों को पेंशन देने, सिटी स्कैन की सुविधा, फल्गू तीर्थ पर 4 करोड़ से विकास कार्य सहित कई अन्य छोटी घोषणाएं पूरी की गई हैं।
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ये बड़े प्रोजेक्ट हैं लंबित
जिले में गांव क्योड़क में पशु विश्वविद्यालय का रिजनल सेंटर, गांव मूूंदड़ी में संस्कृत विश्वविद्यालय, शहर में पुराने बस अड्डे की जगह में सिटी स्क्वॉयर, नगर परिषद कार्यालय के निकट पार्किंग का प्रोजेक्ट, गुहला में लड़कियों का कॉलेज, कलायत में महिला महाविद्यालय, कोटीकूट तीर्थ क्योड़क, सूरजकुंड सरोवर में पानी भरने की परियोजना, जिला अस्पताल को 200 बेड की स्वीकृति के बाद स्टॉफ बढ़ाए जाने, रेलवे ओवर ब्रिज करनाल रोड, कैथल से करनाल रोड फोर की परियोजना, कैथल से कुरुक्षेत्र मार्ग को फोरलेन करने की परियोजना, हाबड़ी में हॉकी का मैदान, गुहला में मारकंडा डिस्ट्रीब्यूटरी के ऊपर कवर करने, चीका में चारों ओर सड़कों पर 2-2 किलोमीटर तक फोरलेन बनवाने व स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम अधूरा पड़ा है।
सभी के लिए सरकार ने काम किया
पहली बार हरियाणा में ऐसी सरकार बनी है, जिसने सभी वर्गों के हित में काम किया है। भेदभाव के बिना भर्तियों का मामला हो या प्रदेश में उद्योगों के विकास की बात हो, अध्यापकों की तबादला नीति है या सीएम विंडो सहित तमाम ऐसी योजनाएं हैं, जिससे सभी वर्गों के हितों का काम हो रहा है। सरकार के ये तीन साल उपलब्धियों से भरे हुए हैं। अगले दो सालों में भी प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों को छूएगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के नेतृत्व में भाजपा प्रदेश को आगे ले जाने का काम कर रही है। जिसके चलते अगले चुनाव में 47 नहीं 74 सीटें जीतेंगे।
सुभाष हजवाना, अध्यक्ष, भारतीय जनता पार्टी कैथल।
तीस साल पीछे धकेल दिया
तीन साल में हरियाणा को 30 साल पीछे धकेल दिया गया है। भाजपा के कार्यकाल में हर वर्ग सरकार से दुखी है। सरकार रोजगार देने, स्वास्थ्य, शिक्षा सहित तमाम मोर्चाें पर बुरी तरह से विफल रही है। कैथल में ही मुख्यमंत्री द्वारा घोषित अनेकों ऐसी योजनाएं हैं, जो आज तक अधूरी पड़ी हैं। अधिकारी किसी की सुनते नहीं, जनता सरकारी कार्यालयों में चक्कर काट रही है। गरीब आदमी को सरकार की नीतियों से काफी परेशानी हो रही है। व्यापारी वर्ग टैक्स नीतियों के कारण बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है। कुल मिलाकर हरियाणा तीन सालों में 30 साल पीछे चला गया है।

कंवरपाल करोड़ा, जिला अध्यक्ष, इनेलो, कैथल।
कांग्रेस के प्रोजेक्ट पर ईंट तक नहीं लगाई
भाजपा सरकार के तीन साल में प्रदेश में विकास होना तो दूर की बात, कैथल में शुरू किए गए विकास कार्य आज तक अधूरे पड़े हैं। पूर्व मंत्री माननीय रणदीप सुरजेवाला ने विकास की ऐसी आंधी चलाई थी कि कैथल का नाम चमकने लगा था। लेकिन आज कैथल में वही परियोजनाएं खस्ताहाल हैं। डेंगू से पीड़ित शहर की सुध लेने वाला कोई नहीं हैं। शहर में कांग्रेस कार्यकाल के कई बड़े प्रोजेक्टों पर एक ईंट तक नहीं लग पाई है। तीन साल के इस कार्यकाल में कैथल विकास की दौड़ में दशकों पीछे चला गया है।
रामनिवास मित्तल, पूर्व चेयरमैन, नगर परिषद कैथल
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