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रामलीला में शामिल कलाकारों द्वारा निभाई जा रही अनूठी पंरपरा
Updated Thu, 21 Sep 2017 12:45 AM IST
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‘रामलीला मंचन से पहले रक्षासूत्र बांधकर दशहरे तक घर बार त्याग लेते हैं प्रण’
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर में रामलीला मंचन में भाग ले रहे कलाकार सालों से एक अनूठी परंपरा निभा रहे हैं। इसके तहत वे दस दिनों तक रामलीला मंचन के लिए घर बार का मोह त्यागने का प्रण लेते हैं। इसके बाद वे मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम के कार्य में ही लीन रहते हैं। इसके लिए बाकायदा रक्षासूत्र बांधा जाता है, जो दशहरे के दिन ही खोला जाता है।
श्री ग्यारह रूद्री शिव मंदिर में श्री गणेश ड्रामेटिक क्लब के निर्देशक धर्मवीर असीजा ने बताया कि उनके क्लब की यह विशेष परंपरा रही है कि वे रामलीला को शुरू करने से कुछ घंटों पहले एक हवन का आयोजन करते हैं जिसमें क्लब के सभी सदस्य आहुति डालते हैं। उन्होंने बताया कि हवन के दौरान वह भगवान हनुमान के मंदिर में जाकर रक्षासूत्र बांधकर दस दिनों तक अपने घर को त्यागने का प्रण लेते हैं। ऐसा करने के पीछे उनकी आस्था है, ताकि उनकी ओर से लगातार दस दिनों तक की जाने वाली रामलीला में शुद्धता से अपना कार्य कर सके। ऐसे में कलाकार रामलीला में अपने रोल को बखूबी निभा सकते हैं। इसके साथ राम से जुड़े चरित्रों का असर उनकी वास्तविक जिंदगी में पड़ता है। असीजा ने बताया कि रामलीला के अंतिम दिन राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान सहित अन्य रोल करने वाले कलाकार मंदिर में जाकर प्रण को तोड़ते हैं। उन्होंने बताया कि दशहरे के दिन राजा राम के तिलक के बाद रामायण को भगवान श्री राम चंद्र के चित्र के आगे समर्पित कर देते हैं।
आज शुरु होगा मंचन
धर्मवीर असीजा ने बताया कि श्री गणेश ड्रामेटिक क्लब की ओर से वीरवार से रामलीला का मंचन की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने बताया कि रामलीला मंचन के पहले दिन श्रवण कुमार का ड्रामा व रावण वेदवती संवाद के दृश्य को दिखाया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शहर में रामलीला मंचन में भाग ले रहे कलाकार सालों से एक अनूठी परंपरा निभा रहे हैं। इसके तहत वे दस दिनों तक रामलीला मंचन के लिए घर बार का मोह त्यागने का प्रण लेते हैं। इसके बाद वे मर्यादापुरुषोत्तम श्रीराम के कार्य में ही लीन रहते हैं। इसके लिए बाकायदा रक्षासूत्र बांधा जाता है, जो दशहरे के दिन ही खोला जाता है।
श्री ग्यारह रूद्री शिव मंदिर में श्री गणेश ड्रामेटिक क्लब के निर्देशक धर्मवीर असीजा ने बताया कि उनके क्लब की यह विशेष परंपरा रही है कि वे रामलीला को शुरू करने से कुछ घंटों पहले एक हवन का आयोजन करते हैं जिसमें क्लब के सभी सदस्य आहुति डालते हैं। उन्होंने बताया कि हवन के दौरान वह भगवान हनुमान के मंदिर में जाकर रक्षासूत्र बांधकर दस दिनों तक अपने घर को त्यागने का प्रण लेते हैं। ऐसा करने के पीछे उनकी आस्था है, ताकि उनकी ओर से लगातार दस दिनों तक की जाने वाली रामलीला में शुद्धता से अपना कार्य कर सके। ऐसे में कलाकार रामलीला में अपने रोल को बखूबी निभा सकते हैं। इसके साथ राम से जुड़े चरित्रों का असर उनकी वास्तविक जिंदगी में पड़ता है। असीजा ने बताया कि रामलीला के अंतिम दिन राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान सहित अन्य रोल करने वाले कलाकार मंदिर में जाकर प्रण को तोड़ते हैं। उन्होंने बताया कि दशहरे के दिन राजा राम के तिलक के बाद रामायण को भगवान श्री राम चंद्र के चित्र के आगे समर्पित कर देते हैं।
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आज शुरु होगा मंचन
धर्मवीर असीजा ने बताया कि श्री गणेश ड्रामेटिक क्लब की ओर से वीरवार से रामलीला का मंचन की शुरुआत की जाएगी। उन्होंने बताया कि रामलीला मंचन के पहले दिन श्रवण कुमार का ड्रामा व रावण वेदवती संवाद के दृश्य को दिखाया जाएगा।
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