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जीएसटी के तहत कुल 7542 में से अब तक हुए 5505 अवेदन, नए आए 700
Updated Wed, 06 Sep 2017 12:04 AM IST
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जीएसटी : आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ने से व्यापारियों ने ली राहत की सांस
- कुल 7542 में से अब तक हुए 5505 अवेदन, नए आए 700
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। मंगलवार सुबह तक जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि होने के कारण दुकानदारों में रजिस्ट्रेशन की होड़ लगी हुई थी। लोग सुबह से ही जीएसटी के लिए जानकार लोगों के पास चक्कर लगा रहे थे। इसी बीच दोपहर तक जीएसटी की तिथि बढ़ जाने पर दुकानदारों ने राहत की सांस ली है। अब इसे बढ़ाकर 10 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। जिले में अभी तक करीब 2000 आयकर दाताओं का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है।
जीएसटी बिल को लागू हुए दो माह पूरे हो चुके हैं। इस बिल को लेकर सेल्स टैक्स विभाग की ओर से नियमित रूप से जीएसटी को लेकर कार्य किया जा रहा है। मंगलवार को जीएसटी नंबर की अंतिम तिथि होने के कारण आवेदन के लिए लघु सचिवालय स्थित सेल्स टैक्स विभाग में व्यापारियों का तांता लगा रहा। इस दौरान सभी व्यापारी आवेदन के लिए तेजी से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरी कर रहे थे।
2000 से अधिक का रजिस्ट्रेशन लंबित : सरकार की ओर से गत एक जुलाई से जीएसटी बिल को पूरी तरह से लागू कर दिया है। इसके बावजूद भी शहर में अधिकतर दुकानें ऐसी हैं जो बिना जीएसटी के तहत व्यापार कर रहा है। हालांकि इन दुकानदारों को कहना है कि पुराना मॉल स्टॉक होने के कारण कंपनी के मूल्य के अनुसार ही जीएसटी के तहत नया दाम नहीं आया जिस कारण उन्हें पुराने रेटों पर ही व्यापार करना पड़ रहा है।
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जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए भी दो किस्में है। जिसमें एक जो नए दुकानदार जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन करते हैं और दूसरा जो पहले से ही सेल्स टैक्स से रजिस्टर्ड हैं। इनकी दो कैटेगरी बनाई है, जीएसटी वन और टू। जीएसटी वन में नये रजिस्ट्रेशन और टू में सेल्स टैक्स से रजिस्टर्ड व्यापारी शामिल हैं।
जिला में कुल 7542 में से 5505 ने करवाया रजिस्ट्रेशन : जिला सेल्स टैक्स विभाग के डीईटीसी केएस कटारिया ने बताया कि जिला में अभी तक कुल 7542 व्यापारियों में से 5505 व्यापारियों ने जीएसटी नंबर लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। 2000 से अधिक का रजिस्ट्रेशन लंबित है। इसके अलावा करीब 700 ऐसे व्यापारी हैं जिन्होंने जीएसटी का नया रजिस्ट्रेशन नंबर लिया।
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- कुल 7542 में से अब तक हुए 5505 अवेदन, नए आए 700
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। मंगलवार सुबह तक जीएसटी के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि होने के कारण दुकानदारों में रजिस्ट्रेशन की होड़ लगी हुई थी। लोग सुबह से ही जीएसटी के लिए जानकार लोगों के पास चक्कर लगा रहे थे। इसी बीच दोपहर तक जीएसटी की तिथि बढ़ जाने पर दुकानदारों ने राहत की सांस ली है। अब इसे बढ़ाकर 10 सितंबर तक बढ़ा दिया गया है। जिले में अभी तक करीब 2000 आयकर दाताओं का रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाया है।
जीएसटी बिल को लागू हुए दो माह पूरे हो चुके हैं। इस बिल को लेकर सेल्स टैक्स विभाग की ओर से नियमित रूप से जीएसटी को लेकर कार्य किया जा रहा है। मंगलवार को जीएसटी नंबर की अंतिम तिथि होने के कारण आवेदन के लिए लघु सचिवालय स्थित सेल्स टैक्स विभाग में व्यापारियों का तांता लगा रहा। इस दौरान सभी व्यापारी आवेदन के लिए तेजी से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरी कर रहे थे।
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2000 से अधिक का रजिस्ट्रेशन लंबित : सरकार की ओर से गत एक जुलाई से जीएसटी बिल को पूरी तरह से लागू कर दिया है। इसके बावजूद भी शहर में अधिकतर दुकानें ऐसी हैं जो बिना जीएसटी के तहत व्यापार कर रहा है। हालांकि इन दुकानदारों को कहना है कि पुराना मॉल स्टॉक होने के कारण कंपनी के मूल्य के अनुसार ही जीएसटी के तहत नया दाम नहीं आया जिस कारण उन्हें पुराने रेटों पर ही व्यापार करना पड़ रहा है।
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जीएसटी रजिस्ट्रेशन के लिए भी दो किस्में है। जिसमें एक जो नए दुकानदार जीएसटी के तहत रजिस्ट्रेशन करते हैं और दूसरा जो पहले से ही सेल्स टैक्स से रजिस्टर्ड हैं। इनकी दो कैटेगरी बनाई है, जीएसटी वन और टू। जीएसटी वन में नये रजिस्ट्रेशन और टू में सेल्स टैक्स से रजिस्टर्ड व्यापारी शामिल हैं।
जिला में कुल 7542 में से 5505 ने करवाया रजिस्ट्रेशन : जिला सेल्स टैक्स विभाग के डीईटीसी केएस कटारिया ने बताया कि जिला में अभी तक कुल 7542 व्यापारियों में से 5505 व्यापारियों ने जीएसटी नंबर लेने के लिए रजिस्ट्रेशन करवा लिया है। 2000 से अधिक का रजिस्ट्रेशन लंबित है। इसके अलावा करीब 700 ऐसे व्यापारी हैं जिन्होंने जीएसटी का नया रजिस्ट्रेशन नंबर लिया।