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जलभराव से बचाव के लिए 17 लाख का बजट जारी, फिर भी अस्पताल में नहीं बन रही चहारदीवारी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 14 Dec 2021 01:39 AM IST
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17 lakh budget released to prevent waterlogging, yet the boundary wall is not being built in the hospital
17 lakh budget released to prevent waterlogging, yet the boundary wall is not being built in the hospital - फोटो : Kaithal
कैथल। लाखों रुपये के बजट जारी होने के बावजूद पाड़ला प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की जलभराव से सुरक्षा के लिए इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। अस्पताल की चहारदीवारी न होने के कारण पास में बने तालाब का गंदा पानी अस्पताल में घुसता है, जिससे वहां पर काम करने वाले स्टाफ और इलाज के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बारिश के दिनों में तो हालात इतने ज्यादा खराब हो जाते हैं कि जिस रास्ते से मरीज अस्पताल की भवन में प्रवेश करते हैं, उस रास्ते पर भी घुटनों तक पानी भर जाता है। ऐसे में मरीजों के लिए अस्थाई रास्ता बनाना पड़ता है।
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अस्पताल की चहारदीवारी और अन्य कार्यों को पूर्ण करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने लोक निर्माण विभाग को 17 लाख रुपये का बजट कई माह पहले उपलब्ध करवा दिया है, लेकिन अभी तक कार्य शुरू नहीं हुआ है। हालांकि विभागों की जरूरत को देखते हुए ग्रामीणों ने तालाब को अब खाली भी करवा दिया है और चहारदीवारी बनाने के लिए जगह भी खाली हो चुकी है, फिर भी कार्य शुरू नहीं हो पाया है। पाड़ला पीएचसी के अधीन आसपास के 21 गांव आते हैं। इनमें गांव पाड़ला, बाबा लदाना, अटैला, मालखेड़ी, बुढाखेड़ा, हरिपुरा, संगतपुरा, गढ़ी, नंद सिंह वाला, धर्मपुरा, सांघन, दिल्लोंवाली, कच्ची पिसोल, पक्की पिसोल, बरटा व मांझला सहित अन्य गांव शामिल हैं। जब अस्पताल में जलभराव होता है तो मरीज या तो दूसरे अस्पतालों में दवाई या इलाज के लिए पहुंचते हैं या फिर निजी चिकित्सकों से इलाज करवाना पड़ता है।
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गांव पाड़ला निवासी सचिन, प्रदीप, सतीश व संदीप ने बताया कि अस्पताल बनने की शुरुआत से ही यह समस्या बनी हुई है। अब तक समाधान नहीं हो पाया है। अब तो ग्रामीणों ने तालाब भी खाली करवा रखा है। ऐसे में विभाग को चाहिए कि जल्द से जल्द कार्य शुरू किया जाए। इससे मरीजों को भी परेशानी से छुटकारा मिलेगा।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्माण के लिए बजट जारी किया जा चुका है। अब आगे का कार्य लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जाना है। इस संबंध में अधिकारियों से लगातार बातचीत की जा रही है।
- डॉ. बलविंद्र गर्ग, उप सिविल सर्जन
पहले दीवार बनाने वाले स्थान पर तालाब का पानी होने के कारण जगह साफ नहीं थी। अब जगह साफ हो गई है। जल्द ही टेंडर लगाकर कार्य शुरू करवाया जाएगा।
- केसी पठानियां, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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