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एफसीआई मजदूर यूनियन ने सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
Updated Tue, 04 Dec 2018 12:35 AM IST
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एफसीआई मजदूर यूनियन ने सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन
फोटो नंबर-11
अमर उजाला ब्यूरो
ढांड। एफसीआई के गोदामों में कार्यरत मजदूरों ने प्रबंधन वर्ग के श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ व लंबित मांगों के समर्थन में गेट पर मीटिंग कर सरकार विरोधी नारेबाजी की।
रघुवंश राय, दीना राय, प्यारा सिंह, राम सिंह, महेंद्र सिंह, रामचंद्र, लक्ष्मेशवर राय, अजय कुमार, रविकांत ने बताया कि एफसीआई में कार्यरत मजदूरों की मांगों के समर्थन में 1 से 16 दिसंबर तक प्रत्येक दिन सुबह के समय गेट मीटिंग कर सरकार विरोधी नारेबाजी की जाएगी। इसके बाद 17 दिसंबर को नई दिल्ली मेें अधिकार रैली की जाएगी। जिसमें देशभर के लाखों की संख्या में श्रमिक भाग लेंगे। अगर सरकार फिर भी ना मानी तो 18 दिसंबर से नई दिल्ली में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांगें विभागीय श्रमिकों को वेज रिविजन 1 जनवरी 2017 से लागू करना, नो वर्क नो पे श्रमिकों को अपग्रेड़ कर सिंगल लेबर सिस्टम लागू करना, ठेका प्रथा समाप्त करना, श्रमिकों का अवैध स्थानांतरण बंद करना, छंटनीग्रस्त श्रमिकों को निगम में भर्ती करना, पंजाब तथा हरियाणा के रेल हैड पर पहले की भांति डीपीएस श्रमिकों से कार्य करवाना,पीएलआई की गणना में ओटीए भत्ता अलग करना मुख्य रूप से शामिल है।
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अमर उजाला ब्यूरो
ढांड। एफसीआई के गोदामों में कार्यरत मजदूरों ने प्रबंधन वर्ग के श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ व लंबित मांगों के समर्थन में गेट पर मीटिंग कर सरकार विरोधी नारेबाजी की।
रघुवंश राय, दीना राय, प्यारा सिंह, राम सिंह, महेंद्र सिंह, रामचंद्र, लक्ष्मेशवर राय, अजय कुमार, रविकांत ने बताया कि एफसीआई में कार्यरत मजदूरों की मांगों के समर्थन में 1 से 16 दिसंबर तक प्रत्येक दिन सुबह के समय गेट मीटिंग कर सरकार विरोधी नारेबाजी की जाएगी। इसके बाद 17 दिसंबर को नई दिल्ली मेें अधिकार रैली की जाएगी। जिसमें देशभर के लाखों की संख्या में श्रमिक भाग लेंगे। अगर सरकार फिर भी ना मानी तो 18 दिसंबर से नई दिल्ली में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनकी मुख्य मांगें विभागीय श्रमिकों को वेज रिविजन 1 जनवरी 2017 से लागू करना, नो वर्क नो पे श्रमिकों को अपग्रेड़ कर सिंगल लेबर सिस्टम लागू करना, ठेका प्रथा समाप्त करना, श्रमिकों का अवैध स्थानांतरण बंद करना, छंटनीग्रस्त श्रमिकों को निगम में भर्ती करना, पंजाब तथा हरियाणा के रेल हैड पर पहले की भांति डीपीएस श्रमिकों से कार्य करवाना,पीएलआई की गणना में ओटीए भत्ता अलग करना मुख्य रूप से शामिल है।
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