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रिवाईज्ड न्यूज--नेशनल एक्शन कमेटी ऑफ जीएसटी प्रोफेशनल्स की ओर से दिया डीसी को ज्ञापन
Updated Sat, 03 Nov 2018 12:35 AM IST
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नेशनल एक्शन कमेटी ऑफ जीएसटी प्रोफेशनल्स ने दिया डीसी को ज्ञापन
जीएसटी में सुधार की मांग की
फोटो संख्या-13
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नेशनल एक्शन कमेटी ऑफ जीएसटी प्रोफेशनल्स एडवोकेट अशोक गोयल की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने डीसी को ज्ञापन दिया।
केंद्र सरकार को डीसी के माध्यम से भेजे ज्ञापन में बताया गया है कि नेशनल एक्शन कमेटी ऑफ जीएसटी प्रोफेशनल्स एक राष्ट्रीय स्तर का संगठन है। देश में जीएसटी लागू हुए लगभग डेढ़ साल हो चुका है। लेकिन कानून में वर्णित प्रावधानों व नियमों में आज भी अनेक विसंगतियां हैं। जिस कारण व्यापारियों को परेशानी हो रही हैं। इसमें सुधार के लिए केंद्र व राज्य सरकार व जीएसटी कॉउसिल को अवगत कराने के लिए 2 नवंबर को 29 राज्यों व केंद्रीय शासित प्रदेशों में आयुक्त राज्य कर व केंद्रीय उत्पाद सीमा शुल्क को लिखित ज्ञापन दिया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि यह कानून सरल नहीं है। सोलह महीने बाद भी जीएसटी पोर्टल की समस्याएं जारी हैं। यह नियमित रुप से काम नहीं करता। अंतिम दिनों में तो इसकी स्पीड काफी धीमी हो जाती है। जिससे लोगों का समय खराब होता है। इसलिए सरकार से मांग है कि इस पोर्टल की परेशानी दूर करे। इससे पूर्व के जो टेक्स कानून थे, वे अधिक सरल थे। ग्रामीण क्षेत्रों व छोटे कस्बों में पोर्टल चलाने में ज्यादा परेशानी आ रही हैं। देश में व्यापारी वर्ग जीएसटी की कागजी कार्रवाई में उलझा हुआ है। जिससे व्यापार में नुकसान होता है। सरकार द्वारा इसे सरल, सुगम व आसान बनाया जाना चाहिए। रिफंड देने की न्यूनतम सीमा तय की जाए। काउंसिल द्वारा जारी सूचना की तुरंत सोशल मीडिया पर जानकारी दी जाए। रिटर्न भरने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाए।
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जीएसटी में सुधार की मांग की
फोटो संख्या-13
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नेशनल एक्शन कमेटी ऑफ जीएसटी प्रोफेशनल्स एडवोकेट अशोक गोयल की अगुवाई में अधिवक्ताओं ने डीसी को ज्ञापन दिया।
केंद्र सरकार को डीसी के माध्यम से भेजे ज्ञापन में बताया गया है कि नेशनल एक्शन कमेटी ऑफ जीएसटी प्रोफेशनल्स एक राष्ट्रीय स्तर का संगठन है। देश में जीएसटी लागू हुए लगभग डेढ़ साल हो चुका है। लेकिन कानून में वर्णित प्रावधानों व नियमों में आज भी अनेक विसंगतियां हैं। जिस कारण व्यापारियों को परेशानी हो रही हैं। इसमें सुधार के लिए केंद्र व राज्य सरकार व जीएसटी कॉउसिल को अवगत कराने के लिए 2 नवंबर को 29 राज्यों व केंद्रीय शासित प्रदेशों में आयुक्त राज्य कर व केंद्रीय उत्पाद सीमा शुल्क को लिखित ज्ञापन दिया गया है।
ज्ञापन में कहा गया है कि यह कानून सरल नहीं है। सोलह महीने बाद भी जीएसटी पोर्टल की समस्याएं जारी हैं। यह नियमित रुप से काम नहीं करता। अंतिम दिनों में तो इसकी स्पीड काफी धीमी हो जाती है। जिससे लोगों का समय खराब होता है। इसलिए सरकार से मांग है कि इस पोर्टल की परेशानी दूर करे। इससे पूर्व के जो टेक्स कानून थे, वे अधिक सरल थे। ग्रामीण क्षेत्रों व छोटे कस्बों में पोर्टल चलाने में ज्यादा परेशानी आ रही हैं। देश में व्यापारी वर्ग जीएसटी की कागजी कार्रवाई में उलझा हुआ है। जिससे व्यापार में नुकसान होता है। सरकार द्वारा इसे सरल, सुगम व आसान बनाया जाना चाहिए। रिफंड देने की न्यूनतम सीमा तय की जाए। काउंसिल द्वारा जारी सूचना की तुरंत सोशल मीडिया पर जानकारी दी जाए। रिटर्न भरने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया जाए।
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