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पानी निकासी न होने से गलियों में बारिश के पानी से जलभराव
Updated Fri, 27 Jul 2018 12:24 AM IST
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पानी निकासी न होने से गलियों में बारिश के पानी से जलभराव
फोटो नंबर-39
अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। गांव फरल में पानी निकासी न होने से गांव की कई गलियों में बारिश के पानी से जलभराव हो गया। सुबह हुई बारिश से लगभग आधा दर्जन गलियों में एक से दो फूट पानी भर गया। स्कूली बच्चों व ग्रामीणों को बाहर आने जाने के लिए पानी के बीचों-बीच से ही गुजरना पड़ा। तीर्थ पर लगने वाले ऐतिहासिक मेले में 2 महीने से कम का समय रह चुका है। जिसमें लाखों श्रद्धालु देशभर से आते है। ऐसे में पूर्व मेलों के अनुभव के अनुसार मेले के दौरान बारिश भी हो जाती है, ऐसे में श्रद्धालु के लिए चलना भी मुश्किल हो जाऐगा। गांव से म्यौली ड्रेन तक 45 लाख रुपए की लागत से नाला बनाने का कार्य पिछले दो महीने से बहुत ही धीमी गति से चला हुआ है। ग्रामीण वेदप्रकाश, जयभगवान, पोलाराम, रामकुमार, शिशपाल व राजा राम ने प्रशासन से मांग की है कि मेले से पहले नाले का कार्य पूर्ण करवाया जाए। कई मोहल्ले के घरों में भी बारिश का पानी घूस जाता है।
जब तक नाले का कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक पानी निकासी की समस्या रहेगी। पंचायत अपने स्तर पर नालों की सफाई करवाती रहती है। जिन तालाबों में बारिश का पानी जाता है, वे भी ओपर फलों हो चुके है।
सरपंच अमरेंद्र सिंह।
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फोटो नंबर-39
अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। गांव फरल में पानी निकासी न होने से गांव की कई गलियों में बारिश के पानी से जलभराव हो गया। सुबह हुई बारिश से लगभग आधा दर्जन गलियों में एक से दो फूट पानी भर गया। स्कूली बच्चों व ग्रामीणों को बाहर आने जाने के लिए पानी के बीचों-बीच से ही गुजरना पड़ा। तीर्थ पर लगने वाले ऐतिहासिक मेले में 2 महीने से कम का समय रह चुका है। जिसमें लाखों श्रद्धालु देशभर से आते है। ऐसे में पूर्व मेलों के अनुभव के अनुसार मेले के दौरान बारिश भी हो जाती है, ऐसे में श्रद्धालु के लिए चलना भी मुश्किल हो जाऐगा। गांव से म्यौली ड्रेन तक 45 लाख रुपए की लागत से नाला बनाने का कार्य पिछले दो महीने से बहुत ही धीमी गति से चला हुआ है। ग्रामीण वेदप्रकाश, जयभगवान, पोलाराम, रामकुमार, शिशपाल व राजा राम ने प्रशासन से मांग की है कि मेले से पहले नाले का कार्य पूर्ण करवाया जाए। कई मोहल्ले के घरों में भी बारिश का पानी घूस जाता है।
जब तक नाले का कार्य पूर्ण नहीं हो जाता, तब तक पानी निकासी की समस्या रहेगी। पंचायत अपने स्तर पर नालों की सफाई करवाती रहती है। जिन तालाबों में बारिश का पानी जाता है, वे भी ओपर फलों हो चुके है।
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सरपंच अमरेंद्र सिंह।