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नहर की खस्ताहालत को लेकर गांव काकौत के लोगों में दहशत
Updated Tue, 12 Dec 2017 12:21 AM IST
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‘नहर के किनारों का नहीं किया सही तो घेरेंगे लघु सचिवालय’
अमर उजाला ब्यूरो
पाई। यदि नहर टूट गई तो किसानों की फसल की बर्बादी के साथ-साथ गांव में बाढ़ आ जाएगी। यह आशंका जताते हुए ग्राम पंचायत काकोत व ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्दी ही नहर के किनारों को सही नहीं किया गया तो सारा गांव कैथल लघु सचिवालय का घेराव करेंगे।
सरपंच प्रतिनिधि बलबीर सिंह, पंच महेंन्द्र, बीरा, कालू, भगत राम, हरदीप एडवोकेट, बीरा सिंह, बलकेश, बलवान केत, गजे सिंह, राम सिंह, पाला राम आदि ने बताया कि उनके गांव के पास से नरवाना ब्रांच नहर से सूदकन नहर निकलती है और गांव के पास से गुजरती है। इस नहर के एक तरफ गांव है तो दूसरी ओर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल है। जिसमें लगभग दो हजार बच्चे शिक्षा ग्रहण करते है। स्कूल इस नहर से काफी नीचा है और नहर के बिल्कुल पास है। इस नहर के दोनो तरफ के किनारे खत्म हो गये है और टूट चुके है। जिससे किनारों की मिट्टी भी धंसने लग गई है। यह नहर किसी भी समय किसी भी ओर पानी के बहाव से पुरी तरह टूट सकती है। यदि यह टूट गई तो किसानों की गेहूं की फसल तो बर्बाद होगी, परन्तु स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे भी इसके पानी में डूब जाएंगे। जिससे कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने नहरी विभाग के उच्च अधिकारियों को इस बारे में पहले भी कई बार अवगत करवा है और आज पून: एस ई की अनुपस्थिति में इसके किनारों को ठीक करने का मांग पत्र देकर आये है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पाई। यदि नहर टूट गई तो किसानों की फसल की बर्बादी के साथ-साथ गांव में बाढ़ आ जाएगी। यह आशंका जताते हुए ग्राम पंचायत काकोत व ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्दी ही नहर के किनारों को सही नहीं किया गया तो सारा गांव कैथल लघु सचिवालय का घेराव करेंगे।
सरपंच प्रतिनिधि बलबीर सिंह, पंच महेंन्द्र, बीरा, कालू, भगत राम, हरदीप एडवोकेट, बीरा सिंह, बलकेश, बलवान केत, गजे सिंह, राम सिंह, पाला राम आदि ने बताया कि उनके गांव के पास से नरवाना ब्रांच नहर से सूदकन नहर निकलती है और गांव के पास से गुजरती है। इस नहर के एक तरफ गांव है तो दूसरी ओर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल है। जिसमें लगभग दो हजार बच्चे शिक्षा ग्रहण करते है। स्कूल इस नहर से काफी नीचा है और नहर के बिल्कुल पास है। इस नहर के दोनो तरफ के किनारे खत्म हो गये है और टूट चुके है। जिससे किनारों की मिट्टी भी धंसने लग गई है। यह नहर किसी भी समय किसी भी ओर पानी के बहाव से पुरी तरह टूट सकती है। यदि यह टूट गई तो किसानों की गेहूं की फसल तो बर्बाद होगी, परन्तु स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे भी इसके पानी में डूब जाएंगे। जिससे कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने बताया कि उन्होंने नहरी विभाग के उच्च अधिकारियों को इस बारे में पहले भी कई बार अवगत करवा है और आज पून: एस ई की अनुपस्थिति में इसके किनारों को ठीक करने का मांग पत्र देकर आये है।
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