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स्वास् थ्य केंद्र में डॉक्टर न होने से लोग परेशान
Updated Thu, 07 Sep 2017 11:52 PM IST
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स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टर न होने से लोग परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
राजौंद। गांव किठाना का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से कोई भी डॉक्टर नहीं है। यहां तक की लेडी डॉक्टर की पोस्ट खाली पड़ी है। जिससे महिलाओं को भारी दिक्कत हो रही है। आसपास के दो दर्जन से भी अधिक गांवों के लिए यह नाम का स्वास्थ्य केंद्र रह गया है। स्वास्थ्य केंद्र में न डेंटल डाक्टर है, न सर्जन, न लेडी डाक्टर और न ही रेगुलर स्टाफ नर्स यहां तक की चौकीदार से लेकर सफाई कर्मचारी भी नहीं है। जिसे लेकर लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति भारी रोष है।
ग्रामीण कृष्ण, महाबीर, अशोक, प्रदीप ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में पिछले लंबे समय से स्टाफ की भारी किल्लत होने के कारण काफी परेशानी हो रही है। स्वास्थ्य केंद्र में एक फार्मासिस्ट ही सभी मरीजों को देखता है। डाक्टरों के रिक्त पड़े पदों को लेकर ग्रामीणों ने स्वास्थ्य मंत्री तक गुहार लगाई लेकिन कुछ भी नहीं हो पाया। लोगों को आपातकालीन के लिए जींद व कैथल जाना पड़ता है। सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण कुमार ने बताया कि गांव की पंचायत के साथ मिलकर लगभग दो माह पहले एक डाक्टर व एक महिला चिकित्सक की नियुक्ति के लिए गुहार लगाई थी। महिला डाक्टर की नियुक्ति सफीदों में कर दी गई और डाक्टर के आर्डर किठाना के लिए जरूर किए गए थे लेकिन वह यहां आने से पहले ही ट्रांसफर सफीदों में करवा गए।
राजौंद एसएमओ डा. रजनीश ने कहा कि किठाना पीएचसी में महिला डाक्टर, डेंटल डाक्टर, मेडिकल आफिसर व स्टाफ नर्स व चौकीदार तथा सफाई कर्मचारी के पद रिक्त पड़े हैं जिसके बारे उच्चाधिकारियों को लिखा हुआ है।
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अमर उजाला ब्यूरो
राजौंद। गांव किठाना का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में लंबे समय से कोई भी डॉक्टर नहीं है। यहां तक की लेडी डॉक्टर की पोस्ट खाली पड़ी है। जिससे महिलाओं को भारी दिक्कत हो रही है। आसपास के दो दर्जन से भी अधिक गांवों के लिए यह नाम का स्वास्थ्य केंद्र रह गया है। स्वास्थ्य केंद्र में न डेंटल डाक्टर है, न सर्जन, न लेडी डाक्टर और न ही रेगुलर स्टाफ नर्स यहां तक की चौकीदार से लेकर सफाई कर्मचारी भी नहीं है। जिसे लेकर लोगों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति भारी रोष है।
ग्रामीण कृष्ण, महाबीर, अशोक, प्रदीप ने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र में पिछले लंबे समय से स्टाफ की भारी किल्लत होने के कारण काफी परेशानी हो रही है। स्वास्थ्य केंद्र में एक फार्मासिस्ट ही सभी मरीजों को देखता है। डाक्टरों के रिक्त पड़े पदों को लेकर ग्रामीणों ने स्वास्थ्य मंत्री तक गुहार लगाई लेकिन कुछ भी नहीं हो पाया। लोगों को आपातकालीन के लिए जींद व कैथल जाना पड़ता है। सरपंच प्रतिनिधि कृष्ण कुमार ने बताया कि गांव की पंचायत के साथ मिलकर लगभग दो माह पहले एक डाक्टर व एक महिला चिकित्सक की नियुक्ति के लिए गुहार लगाई थी। महिला डाक्टर की नियुक्ति सफीदों में कर दी गई और डाक्टर के आर्डर किठाना के लिए जरूर किए गए थे लेकिन वह यहां आने से पहले ही ट्रांसफर सफीदों में करवा गए।
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राजौंद एसएमओ डा. रजनीश ने कहा कि किठाना पीएचसी में महिला डाक्टर, डेंटल डाक्टर, मेडिकल आफिसर व स्टाफ नर्स व चौकीदार तथा सफाई कर्मचारी के पद रिक्त पड़े हैं जिसके बारे उच्चाधिकारियों को लिखा हुआ है।
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