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विद्युत निगम ने जनस्वास्थ्य विभाग को लिखा पत्र
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कैथल। सेक्टर 18 से गुजर रही ग्योंग ड्रेन के बीचों-बीच आ गई बिजली की लाइन को लेकर विद्युत निगम व जनस्वास्थ्य विभाग में तन गई है। विद्युत निगम ने जन स्वास्थ्य विभाग को चेतावनी भरे लहजे में पत्र लिखा है। जिसमें ड्रेन के बीचों-बीच पानी में खड़े खंभों के कभी भी गिर जाने की स्थिति के लिए जन स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेवार ठहराया है। साथ ही ड्रेन की इस स्थिति के लिए जिम्मेवार अधिकारी का नाम भी पूछा है। पत्र में कहा गया है कि यदि यह विद्युत लाइन गिर जाती है तो शहर की बिजली आपूर्ति बाधित हो जाएगी।
ड्रेन के दौरे के दौरान निगम के अधिकारियों को मिली थी खामियां
हुडा सेक्टर 18 के निवासियों ने ग्योंग ड्रेन से गुजर रही बिजली की 33 केवी की हाइटेंशन लाइन के बारे में जिला प्रशासन के अधिकारियों को अवगत करवाया था। उन्होंने एडीसी आरके सिंह के सामने यह समस्या रखी थी। प्रशासनिक आदेशों के बाद निगम के अधिकारियों ने ग्योंग डे्रन का दौरा किया व पाया कि जन स्वास्थ्य विभाग के समय-समय पर काम करने से डे्रन के किनारे खराब हो चुके हैं और लाइन खतरे की स्थिति में है, जो कभी भी गिर सकती है। इससे शहर की बिजली भी बाधित होगी। पत्र के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया गया है कि घटना होने पर निगम जिम्मेदार नहीं होगा।
बिजली निगम से जन स्वास्थ्य विभाग के मांगे ये आंकड़े
पत्र के माध्यम से बिजली निगम ने जन स्वास्थ्य विभाग से ड्रेन की लंबाई, चौड़ाई व गहराई बताने को कहा है। वहीं डे्रन की सफाई का प्रावधान, इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति का नाम बताने, ड्रेन का नक्शा उपलब्ध करवाने, पानी के खतरे का निशान उपलब्ध करवाने व ओवरफ्लो होने तक पानी की मात्रा बताने को भी कहा है।
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बिजली निगम के सिटी टू के एसडीओ सत्यवान नैन ने कहा कि डे्रन में लगे बिजली के पोलों को दुरुस्त करवाने व आंकड़े उपलब्ध करवाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया है। प्रयास है कि जल्द से जल्द लोगों की समस्या का समाधान हो जाए। यह विद्युत लाइन इस समय खत्तरनाक हालत में हैं। खंभे कभी भी गिर सकते हैं। इस लाइन से शहर में विद्युत की आपूर्ति हो रही है।
ड्रेन कच्ची होने के कारण बढ़ती है चौड़ाई
वहीं जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीई प्रदीप कुमार ने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से ड्रेन की सफाई का कार्य हर बार करवाया जाता है। ड्रेन कच्ची होने के कारण इसकी चौड़ाई मिट्टी का कटाव होने के कारण बढ़ती है। फिर भी बिजली की ओर से मिले पत्र को देखते हुए विभाग की ओर से पोलों के पास मिट्टी लगवाई जाएगी ताकि वे गिरे नहीं।
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ड्रेन के दौरे के दौरान निगम के अधिकारियों को मिली थी खामियां
हुडा सेक्टर 18 के निवासियों ने ग्योंग ड्रेन से गुजर रही बिजली की 33 केवी की हाइटेंशन लाइन के बारे में जिला प्रशासन के अधिकारियों को अवगत करवाया था। उन्होंने एडीसी आरके सिंह के सामने यह समस्या रखी थी। प्रशासनिक आदेशों के बाद निगम के अधिकारियों ने ग्योंग डे्रन का दौरा किया व पाया कि जन स्वास्थ्य विभाग के समय-समय पर काम करने से डे्रन के किनारे खराब हो चुके हैं और लाइन खतरे की स्थिति में है, जो कभी भी गिर सकती है। इससे शहर की बिजली भी बाधित होगी। पत्र के माध्यम से यह भी स्पष्ट किया गया है कि घटना होने पर निगम जिम्मेदार नहीं होगा।
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बिजली निगम से जन स्वास्थ्य विभाग के मांगे ये आंकड़े
पत्र के माध्यम से बिजली निगम ने जन स्वास्थ्य विभाग से ड्रेन की लंबाई, चौड़ाई व गहराई बताने को कहा है। वहीं डे्रन की सफाई का प्रावधान, इसके लिए जिम्मेदार व्यक्ति का नाम बताने, ड्रेन का नक्शा उपलब्ध करवाने, पानी के खतरे का निशान उपलब्ध करवाने व ओवरफ्लो होने तक पानी की मात्रा बताने को भी कहा है।
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बिजली निगम के सिटी टू के एसडीओ सत्यवान नैन ने कहा कि डे्रन में लगे बिजली के पोलों को दुरुस्त करवाने व आंकड़े उपलब्ध करवाने के लिए जन स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखा गया है। प्रयास है कि जल्द से जल्द लोगों की समस्या का समाधान हो जाए। यह विद्युत लाइन इस समय खत्तरनाक हालत में हैं। खंभे कभी भी गिर सकते हैं। इस लाइन से शहर में विद्युत की आपूर्ति हो रही है।
ड्रेन कच्ची होने के कारण बढ़ती है चौड़ाई
वहीं जन स्वास्थ्य विभाग के एसडीई प्रदीप कुमार ने बताया कि जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से ड्रेन की सफाई का कार्य हर बार करवाया जाता है। ड्रेन कच्ची होने के कारण इसकी चौड़ाई मिट्टी का कटाव होने के कारण बढ़ती है। फिर भी बिजली की ओर से मिले पत्र को देखते हुए विभाग की ओर से पोलों के पास मिट्टी लगवाई जाएगी ताकि वे गिरे नहीं।