फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   गिरते भू-जलस्तर को रोकने के लिए पायलेट प्रोजेक्ट के तहत पूंडरी ब्लॉक का चयन

गिरते भू-जलस्तर को रोकने के लिए पायलेट प्रोजेक्ट के तहत पूंडरी ब्लॉक का चयन

Sat, 25 May 2019 10:24 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 25 May 2019 10:24 PM IST
विज्ञापन
गिरते भू-जलस्तर को रोकने के लिए पायलेट प्रोजेक्ट के तहत पूंडरी ब्लॉक का चयन
कैथल। हरियाणा में गिरते भू-जल स्तर को रोकने के लिए मक्का, अरहर जैसी अन्य फसलों पर जोर दिया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के 7 डार्क जोन जिलों से पायलट प्रोजेक्ट के तहत 7 ब्लॉक को शामिल किया गया है, जिनमें कैथल जिला का पूंडरी ब्लॉक भी चयनित किया गया है। धान की फसल के बजाए अबकी बार मक्का, सोयाबीन व अरहर सहित अन्य फसलों को लगवाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
विज्ञापन

डीसी डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि बताया कि भू-जल स्तर लगातार नीचे जा रहा है, अगर इस तेज गति के साथ भू जल स्तर गिरता रहा तो आने वाले समय में पीने का पानी भी नसीब नहीं होगा। राज्य सरकार फसल विविधीकरण के प्रति किसानों का रुझान बढ़ाना चाहती है। कृषि विभाग के अधिकारी गांव में किसानों के पास पहुंचेंगे तथा उन्हें गिरते भूजल स्तर से अवगत करवाएंगे तथा धान के साथ-साथ मक्का, अरहर जैसी अन्य फसलों को शामिल करने के लिए जागरूक करेंगे। उन्होंने बताया कि यदि कोई किसान 5 एकड़ में धान की खेती करता है तो वह उसमें से कम से कम डेढ़ व 2 एकड़ मक्का व अरहर की खेती करें। इन फसलों का न्यूनतम मूल्य निर्धारित करने की योजना बनाई है। इन फसलों की खरीद हरियाणा सरकार द्वारा सरकारी एजेंसी से करवाई जाएगी। किसी भी किसान को फसल बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी। इसके अलावा किसान अपने स्तर पर भी अपनी फसल बेच सकता है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उपनिदेशक डॉ. पवन शर्मा ने बताया कि किसान को मक्के, अरहर की बिजाई के लिए रजिस्ट्रेशन 27 मई से 15 जून तक करवाना होगा, जिसके लिए किसान को अपने आधार कार्ड, बैंक पास बुक, वोटर कार्ड की आवश्यकता होगी। किसान अपना पंजीकरण गांव के अटल सेवा केंद्र में जाकर व अन्य किसी भी कंप्यूटर की दुकान पर जाकर करवा सकता है। पंजीकरण के बाद उसका प्रिंट लेकर बीज सरकारी दुकान से तय तिथि के बाद 1200 से 2000 रुपये तक का बीज प्राप्त कर सकते हैं। पंजीकरण करवाते ही 200 रुपये किसान के खाते में जाएंगे तथा बाकि 1800 रुपये मक्के, अरहर के खेत की वेरिफिकेशन करके उसके खाते में डाले जाएंगे। इन फसलों के लिए कृषि विभाग द्वारा किसानों को बीज मुफ्त में दिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed