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बासमती धान ने छुआ 4300 का आंकड़ा, लगातार दूसरे दिन भी बढ़ोतरी
Updated Tue, 20 Nov 2018 12:35 AM IST
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बासमती धान ने छुआ 4300 का आंकड़ा, लगातार दूसरे दिन भी बढ़ोतरी
फोटो नंबर-28
अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। पूंडरी मंडी में लगातार दूसरे दिन भी धान में तेजी देखने को मिली। सोमवार को बासमती धान ने 4300 रुपये प्रति क्विंटल का आंकड़ा पार कर लिया है। धान को लेने के लिए खरीददार सुबह-सवेरे से ही इसे लेने के लिए जुट गए, वहीं किसान भी असंजस की स्थिति में फंस गए कि अब वो अपनी धान को बेचें या अभी रोक लें। किसान सुबे सिंह, भाग सिंह, कृष्ण कुमार, धर्मा, जसविंद्र ने कहा कि धान में तेजी के चलते उन्हें डर है कि कहीं वो अपनी धान को मंदी न बेच दें, इसलिए उन्होंने फैसला किया है कि वे अपनी धान को अब एक हफ्ते तक रोकेंगे और उसके बाद जो रेट होगा बेच देंगे। किसान पहले 1509 धान भी कम रेटों पर बेच चुके थे और बाद में भाव में बढ़ोतरी होने से उनको पछताना पड़ा था, इसलिए वो इस बार गलती नहीं करेंगे। राइस मिलरों के अनुसार बासमती धान में 100-200 रुपए का मंदा तेजी तो चलती ही है और उन्हें नहीं लगता कि इस धान में ज्यादा तेजी आएगी। दूसरी ओर आढ़तियों ने बताया कि इस वर्ष पिछले वर्ष की अपेक्षा बासमती धान कम है, क्योंकि इस बार क्षेत्र के किसानों ने 1509 धान की पैदावार अधिक लगाई थी। इस वर्ष कम से कम ढेड़ से 2 लाख बोरी बासमती धान कम आने की संभावना है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पूंडरी। पूंडरी मंडी में लगातार दूसरे दिन भी धान में तेजी देखने को मिली। सोमवार को बासमती धान ने 4300 रुपये प्रति क्विंटल का आंकड़ा पार कर लिया है। धान को लेने के लिए खरीददार सुबह-सवेरे से ही इसे लेने के लिए जुट गए, वहीं किसान भी असंजस की स्थिति में फंस गए कि अब वो अपनी धान को बेचें या अभी रोक लें। किसान सुबे सिंह, भाग सिंह, कृष्ण कुमार, धर्मा, जसविंद्र ने कहा कि धान में तेजी के चलते उन्हें डर है कि कहीं वो अपनी धान को मंदी न बेच दें, इसलिए उन्होंने फैसला किया है कि वे अपनी धान को अब एक हफ्ते तक रोकेंगे और उसके बाद जो रेट होगा बेच देंगे। किसान पहले 1509 धान भी कम रेटों पर बेच चुके थे और बाद में भाव में बढ़ोतरी होने से उनको पछताना पड़ा था, इसलिए वो इस बार गलती नहीं करेंगे। राइस मिलरों के अनुसार बासमती धान में 100-200 रुपए का मंदा तेजी तो चलती ही है और उन्हें नहीं लगता कि इस धान में ज्यादा तेजी आएगी। दूसरी ओर आढ़तियों ने बताया कि इस वर्ष पिछले वर्ष की अपेक्षा बासमती धान कम है, क्योंकि इस बार क्षेत्र के किसानों ने 1509 धान की पैदावार अधिक लगाई थी। इस वर्ष कम से कम ढेड़ से 2 लाख बोरी बासमती धान कम आने की संभावना है।