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अधूरे इंतजामों में विश्व प्रसिद्ध मेला शुरु, सरोवर की चारदीवारी कार्य नहीं हुआ पूरा, गलियां भी टूटी
Updated Wed, 26 Sep 2018 12:28 AM IST
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आधी-अधूरी तैयारियों के बीच फल्गु मेले का आगाज
डीसी ने सह पत्नी हवन में डाली आहुति, सरोवर की चारदीवारी कार्य नहीं हुआ पूरा, गलियां भी टूटी
फोटो नंबर-05 व 06
कमल बहल
कैथल। गांव फरल स्थित फल्गु तीर्थ पर विश्व प्रसिद्ध फल्गु मेला मंगलवार को शुरू हो गया। मेले की तैयारियां अभी भी आधी अधूरी है। जिस कारण यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
ग्रामीण दीपक, मुनीष, पंकज ने बताया कि गांव में फल्गु तीर्थ की ओर जाने वाले सभी रास्तों को अभी तक पूरी तरह से दुरुस्त नहीं किया गया है। तीर्थ में जाने वाली अधिकतर गलियों अभी भी निर्माण कार्य जारी हैं। वहीं एक सरोवर में अभी तक पानी नहीं है। वैसे तो सरकार द्वारा मेले के लिए 4 करोड़ू 98 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। लेकिन इतनी भारी भरकम राशि कब और कहां कितनी खर्च की जानी है, उसके बारे में अभी तक ग्रामीणों में संशय बना हुआ है। क्या मेले के बाद होगा इन लिंक मार्गों का उद्धार? इस प्रकार के सवाल ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों से कर रहे हैं। लेकिन किसी के पास कोई जवाब नहीं है। इसके साथ ही गलियों में निर्माण कार्य पूरा न होने से जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। जिससे कभी भी कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। इससे यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि प्रशासन ने मेला तो लगाया। लेकिन इसमें अपना काफी उदासीन रवैया दिखाया है।
मेला स्थल पर लगने वाले स्टालों व झूलों के स्थल पर जलभराव : मेला स्थल के बाहर स्थित ढांड रोड पर लगने वाले स्टालों व झूलों के स्थान पर जलभराव है। जलभराव इतना अधिक है कि यहां पर कोई व्यक्ति पैदल भी नहीं जा सकता। खेतों में स्थापित किए झूलों के स्थान पर आधा से एक फुट तक पानी भरा हुआ है। जिससे यहां आशंका जताई जा सकती है कि इस पानी को सूखने में दो से तीन दिन या इससे अधिक दिन भी लग सकते हैं। ऐसे यहां पर झूला संचालकों व स्टाल संचालकों को काफी परेशानी पड़ेगी। इसके साथ यहां आने वाले लोग मेले में मनोरंजन के साधन का लुप्त नहीं उठा सकेंगे।
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फल्गु तीर्थ को जोड़ने वाली लिंक मार्गों की हालत खस्ता
ढांड। फल्गु तीर्थ को जोड़ने वाले लिंग मार्गों की हालत इतनी खस्ता है कि वहां से वाहन तो क्या पैदल चलना भी मुश्किल है। ग्रामीण राजकुमार, महेंद्रपाल, वेदप्रकाश, श्याम, बलवा प्रवीण कुमार, भाग सिंह, रिंकू, मोहन लाल, ईश्वर सिंह, संदीप कुमार ने बताया कि मेले के दौरान मेन ढांड-पूंडरी रोड वाहनों की कतारों से पूरी तरह जाम हो जाती है। तब मेले में आने वाले श्रद्धालु लिंग मार्गों के सहारे फल्गु तीर्थ तक पहुंचते है। ग्रामीणों का कहना है कि पबनावा से चंदलाना वाया चूहड़माजरा फल्गु तीर्थ को जाने वाले लिंक मार्ग मेें इतने गहरे जानलेवा गड्ढे बने हुए है कि वहां से गुजरना मुश्किल है। प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी अनजान बना बैठा है। लेकिन प्रशासन द्वारा आज तक इन्हीं लिंक मार्गों पर बने गहरे जानलेवा गड्ढों को नहीं भरा गया है। ऐसे में जिला प्रशासन के मेले में आने वाले दूर दराज के श्रद्धालुओं को सुविधाएं देने के दावे खोखले साबित होते नजर आ रहे है।
मार्केट कमेटी के एसडीओ शमशेर सिंह ने बताया कि बरसात के कारण टूटी हुई सड़क का कार्य नहीं हो सका। अगले दो दिनों में जहां से सड़क टूटी हुई है उसे ठीक कर दिया जाएगा। मेले के दौरान श्रद्धालुओं कीे किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
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डीसी ने सह पत्नी हवन में डाली आहुति, सरोवर की चारदीवारी कार्य नहीं हुआ पूरा, गलियां भी टूटी
फोटो नंबर-05 व 06
कमल बहल
कैथल। गांव फरल स्थित फल्गु तीर्थ पर विश्व प्रसिद्ध फल्गु मेला मंगलवार को शुरू हो गया। मेले की तैयारियां अभी भी आधी अधूरी है। जिस कारण यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
ग्रामीण दीपक, मुनीष, पंकज ने बताया कि गांव में फल्गु तीर्थ की ओर जाने वाले सभी रास्तों को अभी तक पूरी तरह से दुरुस्त नहीं किया गया है। तीर्थ में जाने वाली अधिकतर गलियों अभी भी निर्माण कार्य जारी हैं। वहीं एक सरोवर में अभी तक पानी नहीं है। वैसे तो सरकार द्वारा मेले के लिए 4 करोड़ू 98 लाख रुपये की राशि जारी की गई है। लेकिन इतनी भारी भरकम राशि कब और कहां कितनी खर्च की जानी है, उसके बारे में अभी तक ग्रामीणों में संशय बना हुआ है। क्या मेले के बाद होगा इन लिंक मार्गों का उद्धार? इस प्रकार के सवाल ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों से कर रहे हैं। लेकिन किसी के पास कोई जवाब नहीं है। इसके साथ ही गलियों में निर्माण कार्य पूरा न होने से जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। जिससे कभी भी कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। इससे यह स्पष्ट दिखाई दे रहा है कि प्रशासन ने मेला तो लगाया। लेकिन इसमें अपना काफी उदासीन रवैया दिखाया है।
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मेला स्थल पर लगने वाले स्टालों व झूलों के स्थल पर जलभराव : मेला स्थल के बाहर स्थित ढांड रोड पर लगने वाले स्टालों व झूलों के स्थान पर जलभराव है। जलभराव इतना अधिक है कि यहां पर कोई व्यक्ति पैदल भी नहीं जा सकता। खेतों में स्थापित किए झूलों के स्थान पर आधा से एक फुट तक पानी भरा हुआ है। जिससे यहां आशंका जताई जा सकती है कि इस पानी को सूखने में दो से तीन दिन या इससे अधिक दिन भी लग सकते हैं। ऐसे यहां पर झूला संचालकों व स्टाल संचालकों को काफी परेशानी पड़ेगी। इसके साथ यहां आने वाले लोग मेले में मनोरंजन के साधन का लुप्त नहीं उठा सकेंगे।
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फल्गु तीर्थ को जोड़ने वाली लिंक मार्गों की हालत खस्ता
ढांड। फल्गु तीर्थ को जोड़ने वाले लिंग मार्गों की हालत इतनी खस्ता है कि वहां से वाहन तो क्या पैदल चलना भी मुश्किल है। ग्रामीण राजकुमार, महेंद्रपाल, वेदप्रकाश, श्याम, बलवा प्रवीण कुमार, भाग सिंह, रिंकू, मोहन लाल, ईश्वर सिंह, संदीप कुमार ने बताया कि मेले के दौरान मेन ढांड-पूंडरी रोड वाहनों की कतारों से पूरी तरह जाम हो जाती है। तब मेले में आने वाले श्रद्धालु लिंग मार्गों के सहारे फल्गु तीर्थ तक पहुंचते है। ग्रामीणों का कहना है कि पबनावा से चंदलाना वाया चूहड़माजरा फल्गु तीर्थ को जाने वाले लिंक मार्ग मेें इतने गहरे जानलेवा गड्ढे बने हुए है कि वहां से गुजरना मुश्किल है। प्रशासन सब कुछ जानते हुए भी अनजान बना बैठा है। लेकिन प्रशासन द्वारा आज तक इन्हीं लिंक मार्गों पर बने गहरे जानलेवा गड्ढों को नहीं भरा गया है। ऐसे में जिला प्रशासन के मेले में आने वाले दूर दराज के श्रद्धालुओं को सुविधाएं देने के दावे खोखले साबित होते नजर आ रहे है।
मार्केट कमेटी के एसडीओ शमशेर सिंह ने बताया कि बरसात के कारण टूटी हुई सड़क का कार्य नहीं हो सका। अगले दो दिनों में जहां से सड़क टूटी हुई है उसे ठीक कर दिया जाएगा। मेले के दौरान श्रद्धालुओं कीे किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।