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नगर परिषद कैथल में अव्यवस्था का आलम
Updated Thu, 07 Sep 2017 11:43 PM IST
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नगर परिषद कैथल में अव्यवस्था का आलम
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद कैथल में 9 कर्मचारियों को हटाए जाने के बाद अब कई ओर कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर 9 कर्मचारी भी नहीं हटाए गए, लेकिन मौखिक तौर पर इन कर्मचारियों को हटाने की बात कहने के बाद सभी कर्मचारी वीरवार को डीसी से मिले। डीसी ने ईओ नगर परिषद से हटाने के लिए कारण बताने को कहा है। वहीं शेष कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। वीरवार को परिषद में विभिन्न शाखाओं में काम-काज बुरी तरह से प्रभावित हुई। कई शाखाएं खाली रहीं तो कइयों में सीटें बदल दी गई। नए काम को समझने में कर्मचारियों को समय लगेगा। ऐसे में यहां काम काज भगवान भरोसे नजर आ रहा है। वहीं कथित तौर पर कर्मचारियों को हटाए जाने के फैसले का खुद कई कांग्रेस समर्थक व पूर्व चेयरमैन रामनिवास मित्तल को हटाने वाले खेमे के ही कई पार्षदों में रोष फैल गया है।
विदित रहे कि नगर परिषद कैथल में से बुधवार को 9 ठेके पर लगे कर्मचारियों को हटाने का फैसला हुआ था। सूत्रों ने बताया कि यह फैसला चेयरमैन डा. पवन थरेजा सहित 21 पार्षदों की बैठक में हुआ था। जिसमें कई पार्षदों के विरोध के बावजूद 9 कर्मचारियों को मौखिक तौर पर हटाने का आदेश जारी कर दिया गया। इसके बाद वीरवार सुबह 9 कर्मचारी डीसी सुनीता वर्मा से मिले। डीसी ने ईओ नगर परिषद कैथल से इन्हें हटाए जाने का जवाब मांगा है।
कर्मचारियों को हटाने व स्थानांतरण से परिषद में अव्यवस्था का आलम : कार्यालय में विभिन्न शाखाओं से कर्मचारी हटाए जाने के बाद वीरवार को अव्यवस्था नजर आई। भवन शाखा से एक कर्मचारी को हटाया गया, वीरवार को उसे काम ज्यादा होने के कारण कर्मचारियों ने आग्रह कर बुलाया, लेकिन नियुक्ति संबंधी आश्वासन नहीं मिला।
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किराया शाखा से एक कंप्यूटर ऑपरेटर को हटाया गया। लेकिन वह भी कार्यालय में पहुंची थी। इसी तरह से जन्म-मृत्यु शाखा में कार्यरत कर्मचारी का तबादला कर दिया गया। जहां उसे भेजा गया, वह सीट खाली थी। जन्म-मृत्यु शाखा में भी काम काज प्रभावित रहा। इसके अलावा अकाउंट विभाग से भी एक कर्मचारी को हटाए जाने की सूचना है। पार्षद वेदप्रकाश वेदा, मोहन, वीरेंद्र बिल्लू व स्वयं मोहन लाल शर्मा ने शाखाओं में जाकर स्थिति की जानकारी हासिल की।
पार्षद घूमते नजर आए : कर्मचारी व काम काज न होने के कारण वीरवार को परिषद में नीचे व ऊपर की मंजिल पर केवल पार्षद या फिर उनके प्रतिनिधि घूमते नजर आए।
चार पार्षद प्रतिनिधि देते हैं धमकी : एक कर्मचारी व एक अन्य महिला कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चार पार्षद प्रतिनिधि कभी भी आकर कर्मचारियों को धमकी देते हैं। उनके कारण कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। वे अपना काम भी सही ढंग से नहीं कर पा रहे हैं।
पार्षद मोहन लाल शर्मा ने कहा कि परिषद से एक भी कर्मचारी हटने नहीं दिया जाएगा। किसी का रोजगार छीनना गलत है। परिषद के नए चेयरमैन व उनकी टीम का एक ही प्रयास है कि यहां काम काज सुचारु रूप से चले। व्यवस्था बनाई जा रही है। जो खामियां हैं, उन्हें दूर किया जाएगा।
हमने ठेकेदार को कहा है कि जो कर्मचारी सही ढंग से काम नहीं करता। उसकी जगह काम करने वाला कर्मचारी दिया जाए। जो 9 कर्मचारियों की बात हो रही है। उनमें से जो काम करने वाले हैं, उन्हें रखा जाएगा। नए कर्मचारी नियुक्त करने से कुछेक शाखाओं में दिक्कत आई है। उन्हें काम बता दिया गया है। शीघ्र ही काम शुरू हो जाएगा। पार्षद प्रतिनिधियों द्वारा कर्मचारियों को धमकाए जाने की बात जानकारी में नहीं है। वे स्वयं प्रतिदिन 10 से लेकर 12 बजे तक परिषद कार्यालय में बैठेेंगे। यदि किसी को कोई शिकायत है तो वह मिल सकता है।
डॉ. पवन थरेजा, कार्यकारी चेयरमैन, नगर परिषद, कैथल।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद कैथल में 9 कर्मचारियों को हटाए जाने के बाद अब कई ओर कर्मचारियों में दहशत का माहौल बन गया है। हालांकि आधिकारिक तौर पर 9 कर्मचारी भी नहीं हटाए गए, लेकिन मौखिक तौर पर इन कर्मचारियों को हटाने की बात कहने के बाद सभी कर्मचारी वीरवार को डीसी से मिले। डीसी ने ईओ नगर परिषद से हटाने के लिए कारण बताने को कहा है। वहीं शेष कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। वीरवार को परिषद में विभिन्न शाखाओं में काम-काज बुरी तरह से प्रभावित हुई। कई शाखाएं खाली रहीं तो कइयों में सीटें बदल दी गई। नए काम को समझने में कर्मचारियों को समय लगेगा। ऐसे में यहां काम काज भगवान भरोसे नजर आ रहा है। वहीं कथित तौर पर कर्मचारियों को हटाए जाने के फैसले का खुद कई कांग्रेस समर्थक व पूर्व चेयरमैन रामनिवास मित्तल को हटाने वाले खेमे के ही कई पार्षदों में रोष फैल गया है।
विदित रहे कि नगर परिषद कैथल में से बुधवार को 9 ठेके पर लगे कर्मचारियों को हटाने का फैसला हुआ था। सूत्रों ने बताया कि यह फैसला चेयरमैन डा. पवन थरेजा सहित 21 पार्षदों की बैठक में हुआ था। जिसमें कई पार्षदों के विरोध के बावजूद 9 कर्मचारियों को मौखिक तौर पर हटाने का आदेश जारी कर दिया गया। इसके बाद वीरवार सुबह 9 कर्मचारी डीसी सुनीता वर्मा से मिले। डीसी ने ईओ नगर परिषद कैथल से इन्हें हटाए जाने का जवाब मांगा है।
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कर्मचारियों को हटाने व स्थानांतरण से परिषद में अव्यवस्था का आलम : कार्यालय में विभिन्न शाखाओं से कर्मचारी हटाए जाने के बाद वीरवार को अव्यवस्था नजर आई। भवन शाखा से एक कर्मचारी को हटाया गया, वीरवार को उसे काम ज्यादा होने के कारण कर्मचारियों ने आग्रह कर बुलाया, लेकिन नियुक्ति संबंधी आश्वासन नहीं मिला।
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किराया शाखा से एक कंप्यूटर ऑपरेटर को हटाया गया। लेकिन वह भी कार्यालय में पहुंची थी। इसी तरह से जन्म-मृत्यु शाखा में कार्यरत कर्मचारी का तबादला कर दिया गया। जहां उसे भेजा गया, वह सीट खाली थी। जन्म-मृत्यु शाखा में भी काम काज प्रभावित रहा। इसके अलावा अकाउंट विभाग से भी एक कर्मचारी को हटाए जाने की सूचना है। पार्षद वेदप्रकाश वेदा, मोहन, वीरेंद्र बिल्लू व स्वयं मोहन लाल शर्मा ने शाखाओं में जाकर स्थिति की जानकारी हासिल की।
पार्षद घूमते नजर आए : कर्मचारी व काम काज न होने के कारण वीरवार को परिषद में नीचे व ऊपर की मंजिल पर केवल पार्षद या फिर उनके प्रतिनिधि घूमते नजर आए।
चार पार्षद प्रतिनिधि देते हैं धमकी : एक कर्मचारी व एक अन्य महिला कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि चार पार्षद प्रतिनिधि कभी भी आकर कर्मचारियों को धमकी देते हैं। उनके कारण कर्मचारियों में दहशत का माहौल है। वे अपना काम भी सही ढंग से नहीं कर पा रहे हैं।
पार्षद मोहन लाल शर्मा ने कहा कि परिषद से एक भी कर्मचारी हटने नहीं दिया जाएगा। किसी का रोजगार छीनना गलत है। परिषद के नए चेयरमैन व उनकी टीम का एक ही प्रयास है कि यहां काम काज सुचारु रूप से चले। व्यवस्था बनाई जा रही है। जो खामियां हैं, उन्हें दूर किया जाएगा।
हमने ठेकेदार को कहा है कि जो कर्मचारी सही ढंग से काम नहीं करता। उसकी जगह काम करने वाला कर्मचारी दिया जाए। जो 9 कर्मचारियों की बात हो रही है। उनमें से जो काम करने वाले हैं, उन्हें रखा जाएगा। नए कर्मचारी नियुक्त करने से कुछेक शाखाओं में दिक्कत आई है। उन्हें काम बता दिया गया है। शीघ्र ही काम शुरू हो जाएगा। पार्षद प्रतिनिधियों द्वारा कर्मचारियों को धमकाए जाने की बात जानकारी में नहीं है। वे स्वयं प्रतिदिन 10 से लेकर 12 बजे तक परिषद कार्यालय में बैठेेंगे। यदि किसी को कोई शिकायत है तो वह मिल सकता है।
डॉ. पवन थरेजा, कार्यकारी चेयरमैन, नगर परिषद, कैथल।