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अस्पताल में हैपेटाइटिस बी व सी की दवाई न होने से मरीज परेशान
Updated Sat, 08 Jul 2017 11:59 PM IST
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अस्पताल में हेपेटाइटिस बी और सी की दवा न मिलने से मरीज परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सामान्य अस्पताल में आने वाले रोगियों को हेपेटाइटिस बी और सी की दवाइयां न मिलने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले छह महीने से रोगी दवाई के लिए भटक रहे हैं।
गांव खेड़ी शेरखां निवासी गुरदीप, अशोक कुमार, मटौर निवासी जगदीप, बात्ता निवासी रामपाल ने बताया कि दवाई लेने के लिए अस्पताल में कई बार आ चुके हैं लेकिन उन्हें जवाब मिलता है अभी विभाग की तरफ से दवाई नहीं आई है। इसलिए थोड़े दिन बाद आना। इससे वे बेहद दुखी व परेशान हैं। मरीजों का आरोप है कि एक तरफ तो राज्य सरकार मुफ्त शिक्षा स्वास्थ्य के दावे करती है दूसरी ओर वे पांच-पांच माह से दवाई के लिए मारे-मारे घूम रहे हैं। मरीजों का यह भी कहना था प्राइवेट डाक्टरों के पास एक बार में 10-10 हजार रुपये की दवाई दे दी जाती है। वे इतना खर्च उठाने में असमर्थ हैं। दवा के अभाव में रोगियों का दर्द बढ़ता जा रहा है।
सीएमओ अशोक चौधरी ने बताया कि हेपेटाइटिस बी और सी की दवा अभी अस्पताल में नहीं है। इसके लिए विभाग को लिखकर भेजा गया है। एक हजार रोगियों की प्रति माह दवा की डिमांड भेजी है। जल्द ही दवा आ जाएगी व रोगियों को नंबर के हिसाब से दवाई दे दी जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। सामान्य अस्पताल में आने वाले रोगियों को हेपेटाइटिस बी और सी की दवाइयां न मिलने के कारण काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पिछले छह महीने से रोगी दवाई के लिए भटक रहे हैं।
गांव खेड़ी शेरखां निवासी गुरदीप, अशोक कुमार, मटौर निवासी जगदीप, बात्ता निवासी रामपाल ने बताया कि दवाई लेने के लिए अस्पताल में कई बार आ चुके हैं लेकिन उन्हें जवाब मिलता है अभी विभाग की तरफ से दवाई नहीं आई है। इसलिए थोड़े दिन बाद आना। इससे वे बेहद दुखी व परेशान हैं। मरीजों का आरोप है कि एक तरफ तो राज्य सरकार मुफ्त शिक्षा स्वास्थ्य के दावे करती है दूसरी ओर वे पांच-पांच माह से दवाई के लिए मारे-मारे घूम रहे हैं। मरीजों का यह भी कहना था प्राइवेट डाक्टरों के पास एक बार में 10-10 हजार रुपये की दवाई दे दी जाती है। वे इतना खर्च उठाने में असमर्थ हैं। दवा के अभाव में रोगियों का दर्द बढ़ता जा रहा है।
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सीएमओ अशोक चौधरी ने बताया कि हेपेटाइटिस बी और सी की दवा अभी अस्पताल में नहीं है। इसके लिए विभाग को लिखकर भेजा गया है। एक हजार रोगियों की प्रति माह दवा की डिमांड भेजी है। जल्द ही दवा आ जाएगी व रोगियों को नंबर के हिसाब से दवाई दे दी जाएगी।
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