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सलेमपुर से लापता शुभम एक माह बाद पटियाला से मिला
Updated Mon, 19 Jun 2017 12:17 AM IST
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सलेमपुर से लापता शुभम एक माह बाद पटियाला से मिला
गुहला-चीका। चीका के वार्ड नंबर नौ सलेमपुर से 13 मई को लापता हुआ बच्चा रविवार को पटियाला के काली माता मंदिर से मिल गया। बच्चे के कुशल मंगल मिल जाने से परिवार व आस पास के लोगों ने राहत की सांस ली है। शुभम को रविवार को सलेमपुर स्थित अपने घर लाया गया और उसे पुलिस के समक्ष पेश किया गया। शुभम ने बताया कि एक माह पूर्व वह हुडा में घूूम रहा था कि कुछ कार सवार लोगों ने उसे रुमाल सुंघा उसका उनका अपहरण कर लिया था। शुभम ने बताया कि पटियाला में दो दिनों तक बंदी बना कर रखा और मौका मिलने पर वहां से भाग निकला था। किसी परिचित ने शुभम के पटियाला में देख जाने की बात उसके पिता को बताई तो परिजन तुरंत पटियाला पहुंचे और उन्हें शुभम पटियाला के काला माता मंदिर में घूमता हुआ मिला और उसे घर ले आए।
शुभम के ठीक ठाक से मिल जाने से जहां उसके परिजनों ने भगवान का शुक्रिया किया है वहीं उसके पिता उपेंद्र कुमार ने समाज सेवी नोदी चीका का आभार प्रकट किया। उपेंद्र ने कहा कि बच्चा के गुम हो जाने से परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा था, मुसीबत की इस घड़ी में समाज सेवी नोदी चीका उनके लिए फरिश्ता बन कर आया और बेटे शुभम को तलाश करवाने में दिन रात मदद की। उपेंद्र ने नोदी के साथ मदद करने वाले दूसरे लोगों का भी आभार प्रकट किया है।
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गुहला-चीका। चीका के वार्ड नंबर नौ सलेमपुर से 13 मई को लापता हुआ बच्चा रविवार को पटियाला के काली माता मंदिर से मिल गया। बच्चे के कुशल मंगल मिल जाने से परिवार व आस पास के लोगों ने राहत की सांस ली है। शुभम को रविवार को सलेमपुर स्थित अपने घर लाया गया और उसे पुलिस के समक्ष पेश किया गया। शुभम ने बताया कि एक माह पूर्व वह हुडा में घूूम रहा था कि कुछ कार सवार लोगों ने उसे रुमाल सुंघा उसका उनका अपहरण कर लिया था। शुभम ने बताया कि पटियाला में दो दिनों तक बंदी बना कर रखा और मौका मिलने पर वहां से भाग निकला था। किसी परिचित ने शुभम के पटियाला में देख जाने की बात उसके पिता को बताई तो परिजन तुरंत पटियाला पहुंचे और उन्हें शुभम पटियाला के काला माता मंदिर में घूमता हुआ मिला और उसे घर ले आए।
शुभम के ठीक ठाक से मिल जाने से जहां उसके परिजनों ने भगवान का शुक्रिया किया है वहीं उसके पिता उपेंद्र कुमार ने समाज सेवी नोदी चीका का आभार प्रकट किया। उपेंद्र ने कहा कि बच्चा के गुम हो जाने से परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा था, मुसीबत की इस घड़ी में समाज सेवी नोदी चीका उनके लिए फरिश्ता बन कर आया और बेटे शुभम को तलाश करवाने में दिन रात मदद की। उपेंद्र ने नोदी के साथ मदद करने वाले दूसरे लोगों का भी आभार प्रकट किया है।
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