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Kaithal News: विशेष शिविर में 150 की आंखें जांचीं
Tue, 10 Mar 2026 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 10 Mar 2026 01:33 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। विश्व ग्लूकोमा डे के उपलक्ष्य में जिला नागरिक अस्पताल में विशेष जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के पहले दिन सोमवार को करीब 150 मरीजों की आंखों की जांच की गई और उन्हें ग्लूकोमा से बचाव तथा उपचार के बारे में आवश्यक परामर्श दिया गया। यह शिविर 16 मार्च तक जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक मरीज इसका लाभ उठा सकें।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह शिविर पहले 8 मार्च से शुरू होना था, लेकिन स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था। अब हड़ताल समाप्त होने के बाद शिविर का आयोजन किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में मरीज पहुंचकर अपनी आंखों की जांच करवा रहे हैं।
शिविर के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की आंखों का प्रेशर जांचा और आवश्यकतानुसार दवाइयों व सावधानियों के बारे में जानकारी दी। साथ ही मरीजों को यह भी जागरूक किया गया कि 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को समय-समय पर आंखों की जांच अवश्य करानी चाहिए, ताकि इस बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके। चिकित्सकों ने बताया कि 16 मार्च तक चलने वाले इस शिविर में प्रतिदिन मरीजों की आंखों की जांच की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी को आंखों में दर्द, धुंधला दिखाई देना या आंखों का प्रेशर बढ़ने जैसी समस्या महसूस हो तो तुरंत अस्पताल में जांच कराएं, ताकि समय रहते उपचार संभव हो सके।
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क्या है ग्लूकोमा
ग्लूकोमा आंखों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसे आम भाषा में काला मोतिया कहा जाता है। यदि इसका समय रहते इलाज न कराया जाए तो यह धीरे-धीरे आंखों की रोशनी को प्रभावित कर सकता है। कई मामलों में मरीज को शुरुआती चरण में इसके लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते, इसलिए नियमित रूप से आंखों की जांच कराना बेहद जरूरी होता है। विश्व ग्लूकोमा दिवस हर साल 12 मार्च को मनाया जाता है।
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कैथल। विश्व ग्लूकोमा डे के उपलक्ष्य में जिला नागरिक अस्पताल में विशेष जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के पहले दिन सोमवार को करीब 150 मरीजों की आंखों की जांच की गई और उन्हें ग्लूकोमा से बचाव तथा उपचार के बारे में आवश्यक परामर्श दिया गया। यह शिविर 16 मार्च तक जारी रहेगा, ताकि अधिक से अधिक मरीज इसका लाभ उठा सकें।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार यह शिविर पहले 8 मार्च से शुरू होना था, लेकिन स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल के कारण इसे स्थगित करना पड़ा था। अब हड़ताल समाप्त होने के बाद शिविर का आयोजन किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में मरीज पहुंचकर अपनी आंखों की जांच करवा रहे हैं।
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शिविर के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों ने मरीजों की आंखों का प्रेशर जांचा और आवश्यकतानुसार दवाइयों व सावधानियों के बारे में जानकारी दी। साथ ही मरीजों को यह भी जागरूक किया गया कि 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को समय-समय पर आंखों की जांच अवश्य करानी चाहिए, ताकि इस बीमारी का समय रहते पता लगाया जा सके। चिकित्सकों ने बताया कि 16 मार्च तक चलने वाले इस शिविर में प्रतिदिन मरीजों की आंखों की जांच की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि किसी को आंखों में दर्द, धुंधला दिखाई देना या आंखों का प्रेशर बढ़ने जैसी समस्या महसूस हो तो तुरंत अस्पताल में जांच कराएं, ताकि समय रहते उपचार संभव हो सके।
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क्या है ग्लूकोमा
ग्लूकोमा आंखों से जुड़ी एक गंभीर बीमारी है, जिसे आम भाषा में काला मोतिया कहा जाता है। यदि इसका समय रहते इलाज न कराया जाए तो यह धीरे-धीरे आंखों की रोशनी को प्रभावित कर सकता है। कई मामलों में मरीज को शुरुआती चरण में इसके लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देते, इसलिए नियमित रूप से आंखों की जांच कराना बेहद जरूरी होता है। विश्व ग्लूकोमा दिवस हर साल 12 मार्च को मनाया जाता है।