{"_id":"5c2a5fe0bdec2256d9677647","slug":"141546280928-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिटी स्\nक्वॉयर में करोडों रुपये की गड़बड़ी का आरोपा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिटी स् क्वॉयर में करोडों रुपये की गड़बड़ी का आरोपा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
सिटी स्क्वॉयर में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी का आरोप...
एक दर्जन से अधिक पार्षदों ने नगर परिषद चेयरपर्सन को लिखा बैठक बुलाकर चर्चा करवाए जाने के लिए पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद द्वारा बनवाए जा रहे 35 करोड़ 45 लाख रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट सिटी स्क्वॉयर के प्रारंभिक निर्माण में ही करोड़ों रुपये की अवैध अदायगी सहित अन्य आरोपों को लेकर पार्षदों ने विरोध का झंडा उठा लिया है। एक दर्जन से अधिक पार्षदों ने नगर परिषद चेयरपर्सन को पत्र लिखकर इस मुद्दे पर बैठक बुला कर चर्चा करवाए जाने की मांग की है।
पार्षद प्रतिनिधि धर्मबीर भोला ने बताया कि सिटी स्कवॉयर प्रोजेक्ट के लिए ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए टेंडर की तिथि तीन दिन आगे बढ़ाई गई। जिसमें ठेकेदार को 16 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत ज्यादा कीमत निर्धारित की गई। इसके अलावा टेस्टिंग के लिए 52 में से 6 पिल्लरों के निर्माण का खर्च एजेंसी द्वारा उठाया जाना था। लेकिन परिषद से 1 करोड़ रुपये का भुगतान सभी पिल्लरों के लिए कर दिया गया। इसी प्रकार से 3 करोड़ रुपये की राशि जो ठेकेदार को जारी की गई है, वह भी नियमों के खिलाफ जारी की गई। इस पूरे मामले में बड़ा गोलमाल है। इसी कारण पार्षद इस मामले की जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं। पूर्व चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने बताया कि एक दर्जन से अधिक पार्षदों ने नगर परिषद चेयरपर्सन को पत्र लिखकर बैठक बुलाए जाने की मांग की है। इन पार्षदों में विनोद सोनी, गोपाल सैनी, कुलदीप सैनी, राकेश सरदाना, दीपक शर्मा, ज्योति सैनी, नरेश मित्तल, संतोष भोला, रमा मित्तल, निशा गर्ग, ज्योति सैनी के हस्ताक्षर हो चुके हैं। इसके अलावा नोमिनेटिड पार्षदों डा. राजेंद्र ठुकराल, एडवोकेट रमेश गुप्ता व बृजलाल ने भी हस्ताक्षर कर दिए हैं।
विज्ञापन
पार्षद प्रतिनिधि एडवोकेट धर्मबीर भोला ने बताया कि एमसी एक्ट के अनुसार बैठक बुलाए जाने के लिए कुल पार्षदों की संख्या के 5वें हिस्से के बराबर के पार्षद बैठक बुलाने का नोटिस दे सकते हैं।
विज्ञापन