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बलिदान दिवस मनाकर 18 फरवरी से फिर शुरु होगा जाट आरक्षण के लिए संघर्ष
Updated Sun, 28 Jan 2018 12:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की एक बैठक शनिवार को आरकेएम पैलेस में हुई। जिसकी अध्यक्षता कैप्टन बलजीत सिंह मोर ने की। बैठक में जिला प्रधान प्रवीण किच्छाना ने बताया की 18 फरवरी को समिति की ओर से बलिदान दिवस मनाया जाएगा। जिसमें वर्ष 2016 में आंदोलन के दौरान शहीद हुए जाट समाज के युवाओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि इसी दिन आरक्षण की लड़ाई को दोबारा शुरू करते हुए गांव देवबन कैंची पर धरना शुरू किया जाएगा। इस मौके पर आरक्षण आंदोलन के आगे की रणनीति का खुलासा भी किया जाएगा। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सीएम अपने द्वारा किए गए समझौतों को पूरा न करके 36 बिरादरियों का भाईचारा खराब करने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने अपने ही मंत्री कैप्टन अभिमन्यु दवारा दायर झूठे मुकदमों में युवाओ को जेलों में रखने की साजिश रच रहे हैं। सरकार मुकद्में वापिस लेने की प्रक्रिया में भी जानबूझ कर देरी कर रही हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान कोटड़ा ने बताया की जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान 21 युवा जाट समाज व 10 युवा दूसरी जातियों के सरकार की गोलियों का शिकार हुए। जब तक सरकार सभी मुकद्दमों को वापस नहीं लेती तब संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर नसीब सेरधा, संजीव धूंधरेहड़ी कुलदीप गुहणा, गुलाब सरपंच हरिपुरा, महेंद्र रामगढ़, सतबीर कसान, नोदी चीका, सुमित, अमित, महवीर दिल्लोवाली, रणधीर बलबेहड़ा, मंगत सोंगल, महेंद्र अटेला सहित अन्य मौजूद रहे।
बलिदान दिवस मनाकर 18 फरवरी से फिर शुरू होगा जाट आरक्षण के लिए संघर्ष
आरकेएम पैलेस में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक
देवबन कैंची चौक पर ही दिया जाएगा अनिश्चितकालीन धरना
फोटो नंबर-15
कैथल। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति की एक बैठक शनिवार को आरकेएम पैलेस में हुई। जिसकी अध्यक्षता कैप्टन बलजीत सिंह मोर ने की। बैठक में जिला प्रधान प्रवीण किच्छाना ने बताया की 18 फरवरी को समिति की ओर से बलिदान दिवस मनाया जाएगा। जिसमें वर्ष 2016 में आंदोलन के दौरान शहीद हुए जाट समाज के युवाओं को श्रद्धांजलि दी जाएगी।
उन्होंने बताया कि इसी दिन आरक्षण की लड़ाई को दोबारा शुरू करते हुए गांव देवबन कैंची पर धरना शुरू किया जाएगा। इस मौके पर आरक्षण आंदोलन के आगे की रणनीति का खुलासा भी किया जाएगा। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सीएम अपने द्वारा किए गए समझौतों को पूरा न करके 36 बिरादरियों का भाईचारा खराब करने के लिए नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं। उन्होंने अपने ही मंत्री कैप्टन अभिमन्यु दवारा दायर झूठे मुकदमों में युवाओ को जेलों में रखने की साजिश रच रहे हैं। सरकार मुकद्में वापिस लेने की प्रक्रिया में भी जानबूझ कर देरी कर रही हैं। प्रदेश उपाध्यक्ष बलवान कोटड़ा ने बताया की जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान 21 युवा जाट समाज व 10 युवा दूसरी जातियों के सरकार की गोलियों का शिकार हुए। जब तक सरकार सभी मुकद्दमों को वापस नहीं लेती तब संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर नसीब सेरधा, संजीव धूंधरेहड़ी कुलदीप गुहणा, गुलाब सरपंच हरिपुरा, महेंद्र रामगढ़, सतबीर कसान, नोदी चीका, सुमित, अमित, महवीर दिल्लोवाली, रणधीर बलबेहड़ा, मंगत सोंगल, महेंद्र अटेला सहित अन्य मौजूद रहे।
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बलिदान दिवस मनाकर 18 फरवरी से फिर शुरू होगा जाट आरक्षण के लिए संघर्ष
आरकेएम पैलेस में जाट आरक्षण संघर्ष समिति की बैठक
देवबन कैंची चौक पर ही दिया जाएगा अनिश्चितकालीन धरना
फोटो नंबर-15