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नवंबर में घना कोहरा देखकर लोगों के साथ-साथ मौसम विशेषज्ञ भी हैरान
Updated Tue, 07 Nov 2017 12:27 AM IST
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नवंबर में घना कोहरा देखकर लोगों के साथ-साथ मौसम विशेषज्ञ भी हैरान
अधिक वायूदाब के कारण बनी ऐसी स्थिति, अगले एक-दो दिन तक इसी तरह हो सकता है कोहरे का प्रकोप
वातावरण में मौजूद कणों के चलते बनी कोहरे की स्थिति
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नवंबर माह की शुरुआत में घना कोहरा ना केवल लोगों बल्कि मौसम विशेषज्ञों के लिए भी हैरानी का सबब बन गया है। सोमवार को पूरा दिन कोहरा छाया रहा। सामान्य मौसम में इस समय गेहूं की बीजाई शुरू ही हो पाई है। कोहरा फसल बीजाई के बाद कौंपलें फूटने के बाद कहीं जाकर होता है। लेकिन इस बार पहले ही घना कोहरा छा गया। जिस कारण लोगों को सुबह काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सुबह छाए घने कोहरे का जन-जीवन पर भारी असर देखने को मिला। दिन भर कोहरा छाया रहा। मौसम में सर्दी ज्यादा नहीं हैं। लेकिन कोहरे का प्रकोप दिन भर बना रहने के कारण दैनिक कार्यों पर असर पड़ा। स्कूल, कॉलेजों में जाने वाले विद्यार्थियों को जहां परेशानियां हुईं। वहीं सुबह समय पर कार्यालयों में पहुंचने में भी कर्मचारियों को दिक्कतें आईं।
वायूदाब के कारण बन रही है कोहरे की स्थिति:-चंडीगढ़ स्थित उत्तरी क्षेत्र मौसम विभाग के प्रमुख डा. सुरेंद्र कुमार के अनुसार वायूदाब बनने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। यहां अधिक वायूदाब के चलते वातावरण में पहले से मौजूद कणों व नमी के कंबीनेशन से कोहरे की स्थिति बनी है। यह अगले एक-दो दिन तक ओर रह सकती है।
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एक दशक में पहली बार देखा नवंबर माह में इतना कोहरा:-डा. सुरेंद्र ने बताया कि पिछले करीब एक दशक तक ध्यान नहीं आता कि नवंबर माह की शुरुआत में इतना ज्यादा कोहरा हो। लेकिन अब अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति रह सकती है।
सूर्यदेव के दिन भर नहीं हुए दर्शन
कलायत। भारी धुंध व स्मॉग के कारण पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन ही नहीं हो पाए। धुंध के कारण सूर्योदय व सूर्यास्त का पता ही नहीं चल पाया। गहरी धुंध ने अपनी पूरी पकड़ बनाई हुई थी, जिसके कारण से राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनेक दुर्घटनाएं भी हुईं। दृश्यता केवल दो फुट तक की ही थी जिसके कारण से वाहन रेंग रेंग की ही चल रहे थे। भारी धुंध के कारण से स्कूली बच्चों को भी भारी समस्या का सामना करना पड़ा। बसें स्कूल में समय पर न पहुंचने के कारण स्कूली बच्चे 11 बजे तक स्कूल पहुंच पाए।
कृषि उपनिदेशक डा. महावीर सिंह का कहना है कि जो मौसम इस बार अगेता ही बन गया है वह गेहूं की फसल के लिए बहुत ही लाभदायक रहेगा। उन्होंने कहा कि काफी वर्षों के बाद गेहूं की बिजाई के समय पर फेवरेबल मौसम बना है। गेहूं की बिजाई के समय यदि तापमान 21 से 23 डिग्री के बीच में रहे तो गेहूं का जमाव व फुटाव बहुत अच्छा होता है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी गेहूं की फसल की बिजाई समय पर कर लें ताकि अच्छी पैदावार ले सकें।
राजौंद में कोहरे का प्रकोप
फोटो संख्या-28
राजौंद। सोमवार को कोहरे के चलते आम जनता का जन जीवन पूर्ण रूप से ठहर गया। पुरा दिन सूर्यदेव के दर्शन नही हुए, जिससे लोगघरों में दुबके रहे। कोहरे के चलते जहां वाहन चालकों व राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं सुबह घने कोहरे के कारण वाहनों की गति काफी धीमी देखने क ो मिली। वाहन चालक सुबह 11 बजे तक भी लाइट जलाकर चलते देखे गए। सोमवार को दूसरी बार कोहरे की शुरूआत के साथ ही ठंड एक दम बढ़ गई, लोगों ने गर्म कपड़ों की तरफ अपना रुख किया।
स्कूल में नही पहुंच पाई विद्यार्थी, मासिक परीक्षा से भी रही वंचित:-सुबह घने कोहरे के कारण जहां वाहनों पर ब्रेक लगा रहा, वहीं आरोही माडल स्कूल में छात्र छात्राओं को ले जाने वाली बस जब 9 बजे तक भी नही पहुंची तो छात्र छात्राओं को मायूस होकर वापिस घर लौटना पड़ा। स्कूल प्राचार्या सुनीता आहूजा ने बताया कि आज बच्चों का मासिक टेस्ट था, लेकिन बच्चों की संख्या 30 से 35 प्रतिशत ही बच्चे पहुंच पाए और एक रूट की बस 11 बजे पहुंची जिसमें केवल 12 व 13 विद्यार्थी ही पहुंच पाए। दूसरे रूट की बस नही आई। जिससे बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाए। जिससे उन्होंने मासिक टेस्ट स्थगित करना पड़ा।
सीवन में दिनचर्या प्रभावित
सीवन। मौसम के पहले कोहरे से कारण जहां लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई वही इससे वाहनों की गति पर भी ब्रेक सी लग गई। बाहर से आने वाले स्कूली बच्चों को भी धुंध के कारण काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
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अधिक वायूदाब के कारण बनी ऐसी स्थिति, अगले एक-दो दिन तक इसी तरह हो सकता है कोहरे का प्रकोप
वातावरण में मौजूद कणों के चलते बनी कोहरे की स्थिति
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नवंबर माह की शुरुआत में घना कोहरा ना केवल लोगों बल्कि मौसम विशेषज्ञों के लिए भी हैरानी का सबब बन गया है। सोमवार को पूरा दिन कोहरा छाया रहा। सामान्य मौसम में इस समय गेहूं की बीजाई शुरू ही हो पाई है। कोहरा फसल बीजाई के बाद कौंपलें फूटने के बाद कहीं जाकर होता है। लेकिन इस बार पहले ही घना कोहरा छा गया। जिस कारण लोगों को सुबह काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
सुबह छाए घने कोहरे का जन-जीवन पर भारी असर देखने को मिला। दिन भर कोहरा छाया रहा। मौसम में सर्दी ज्यादा नहीं हैं। लेकिन कोहरे का प्रकोप दिन भर बना रहने के कारण दैनिक कार्यों पर असर पड़ा। स्कूल, कॉलेजों में जाने वाले विद्यार्थियों को जहां परेशानियां हुईं। वहीं सुबह समय पर कार्यालयों में पहुंचने में भी कर्मचारियों को दिक्कतें आईं।
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वायूदाब के कारण बन रही है कोहरे की स्थिति:-चंडीगढ़ स्थित उत्तरी क्षेत्र मौसम विभाग के प्रमुख डा. सुरेंद्र कुमार के अनुसार वायूदाब बनने के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है। यहां अधिक वायूदाब के चलते वातावरण में पहले से मौजूद कणों व नमी के कंबीनेशन से कोहरे की स्थिति बनी है। यह अगले एक-दो दिन तक ओर रह सकती है।
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एक दशक में पहली बार देखा नवंबर माह में इतना कोहरा:-डा. सुरेंद्र ने बताया कि पिछले करीब एक दशक तक ध्यान नहीं आता कि नवंबर माह की शुरुआत में इतना ज्यादा कोहरा हो। लेकिन अब अगले कुछ दिनों तक यह स्थिति रह सकती है।
सूर्यदेव के दिन भर नहीं हुए दर्शन
कलायत। भारी धुंध व स्मॉग के कारण पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन ही नहीं हो पाए। धुंध के कारण सूर्योदय व सूर्यास्त का पता ही नहीं चल पाया। गहरी धुंध ने अपनी पूरी पकड़ बनाई हुई थी, जिसके कारण से राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनेक दुर्घटनाएं भी हुईं। दृश्यता केवल दो फुट तक की ही थी जिसके कारण से वाहन रेंग रेंग की ही चल रहे थे। भारी धुंध के कारण से स्कूली बच्चों को भी भारी समस्या का सामना करना पड़ा। बसें स्कूल में समय पर न पहुंचने के कारण स्कूली बच्चे 11 बजे तक स्कूल पहुंच पाए।
कृषि उपनिदेशक डा. महावीर सिंह का कहना है कि जो मौसम इस बार अगेता ही बन गया है वह गेहूं की फसल के लिए बहुत ही लाभदायक रहेगा। उन्होंने कहा कि काफी वर्षों के बाद गेहूं की बिजाई के समय पर फेवरेबल मौसम बना है। गेहूं की बिजाई के समय यदि तापमान 21 से 23 डिग्री के बीच में रहे तो गेहूं का जमाव व फुटाव बहुत अच्छा होता है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे अपनी गेहूं की फसल की बिजाई समय पर कर लें ताकि अच्छी पैदावार ले सकें।
राजौंद में कोहरे का प्रकोप
फोटो संख्या-28
राजौंद। सोमवार को कोहरे के चलते आम जनता का जन जीवन पूर्ण रूप से ठहर गया। पुरा दिन सूर्यदेव के दर्शन नही हुए, जिससे लोगघरों में दुबके रहे। कोहरे के चलते जहां वाहन चालकों व राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं सुबह घने कोहरे के कारण वाहनों की गति काफी धीमी देखने क ो मिली। वाहन चालक सुबह 11 बजे तक भी लाइट जलाकर चलते देखे गए। सोमवार को दूसरी बार कोहरे की शुरूआत के साथ ही ठंड एक दम बढ़ गई, लोगों ने गर्म कपड़ों की तरफ अपना रुख किया।
स्कूल में नही पहुंच पाई विद्यार्थी, मासिक परीक्षा से भी रही वंचित:-सुबह घने कोहरे के कारण जहां वाहनों पर ब्रेक लगा रहा, वहीं आरोही माडल स्कूल में छात्र छात्राओं को ले जाने वाली बस जब 9 बजे तक भी नही पहुंची तो छात्र छात्राओं को मायूस होकर वापिस घर लौटना पड़ा। स्कूल प्राचार्या सुनीता आहूजा ने बताया कि आज बच्चों का मासिक टेस्ट था, लेकिन बच्चों की संख्या 30 से 35 प्रतिशत ही बच्चे पहुंच पाए और एक रूट की बस 11 बजे पहुंची जिसमें केवल 12 व 13 विद्यार्थी ही पहुंच पाए। दूसरे रूट की बस नही आई। जिससे बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पाए। जिससे उन्होंने मासिक टेस्ट स्थगित करना पड़ा।
सीवन में दिनचर्या प्रभावित
सीवन। मौसम के पहले कोहरे से कारण जहां लोगों की दिनचर्या प्रभावित हुई वही इससे वाहनों की गति पर भी ब्रेक सी लग गई। बाहर से आने वाले स्कूली बच्चों को भी धुंध के कारण काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।