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दाखिला नहीं दिया तो हो सकती है मान्यता रद्द
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 17 May 2016 12:21 AM IST
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134ए
- फोटो : ब्यूरो
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कैथल। सरकार व अभिभावकों के लिए जी का जंजाल बना 134 ए के तहत दाखिले का मामला अब स्कूल संचालकों पर भारी पड़ता दिख रहा है। डीसी ने पात्र बच्चों को हर हाल में निजी स्कूलों में दाखिला दिलवाने के आदेश जारी कर दिए हैं। जिस पर शिक्षा विभाग ने भी इन आदेशों के बारे में निजी स्कूल संचालकों को अवगत करवाते हुए नोटिस जारी कर दिए हैं।
साथ ही विभाग ने 55 प्रतिशत से कम 45 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले बच्चों का भी ब्यौरा मांगा है। यदि सीट उपलब्ध हुई तो इन बच्चों को भी दाखिला मिलने की उम्मीद बंधी है।
विभागीय जानकारी के अनुसार डीसी ने अपने आदेशों में कहा हैकि जिले में जितने भी बच्चे 134ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए पात्र पाए गए हैं, उन सभी बच्चों को उनके चहेते स्कूलों में दाखिला दिलवाया जाए। इसके लिए संबंधित सभी निजी स्कूलों से खाली सीटों का ब्यौरा भी लिया जाए।
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इन आदेशों की पालना में शिक्षा विभाग ने करीब 60 से अधिक स्कूलों को अवगत करवाते हुए नोटिस जारी किया है। शेष स्कूल संचालकों को भी इस बारे में निर्देश दिए जा रहे हैं।
480 बच्चे पाए गए हैं पात्र जिले में इस नियम के तहत दाखिले के लिए 480 बच्चे पात्र पाए गए हैं।
पूरे जिले में 1603 बच्चों ने परीक्षा दी थी। इसमें 532 बच्चों को ही 55 प्रतिशत अंक हासिल हुए थे। इनमें से भी 480 बच्चे बाद में विभिन्न कारणों से दाखिले के पात्र पाए गए थे। लेकिन बाद में निजी स्कूल संचालक एसोसिएशन ने इस नियम का विरोध करते हुए दाखिला देने से इंकार कर दिया था। जिस पर अब प्रशासन सख्त रुख अपनाता दिख रहा है।
45 से 55 प्रतिशत तक अंक हासिल करने वाले बच्चों का भी ब्यौरा मांगा डीसी के आदेशों के अलावा विभाग द्वारा भी 55 प्रतिशत से कम अंक हासिल करने वाले बच्चों का भी ब्यौरा देने को कहा है। ताकि जरूरत पड़ी तो सीटों की उपलब्धता होने पर इन बच्चों को भी दाखिल दिलवाया जा सके।
जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल तनेजा ने बताया कि निजी स्कूल संचालकों को इस बारे में अवगत करवा दिया गया है। जो स्कूल संचालक नियमों के तहत पात्र पाए जाने वाले बच्चों को भी दाखिला नहीं देता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उसकी मान्यता पर प्रश्न चिन्ह लगाकर डीसी के आदेशानुसार विभाग को सूचना भेजी जाएगी।
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साथ ही विभाग ने 55 प्रतिशत से कम 45 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले बच्चों का भी ब्यौरा मांगा है। यदि सीट उपलब्ध हुई तो इन बच्चों को भी दाखिला मिलने की उम्मीद बंधी है।
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विभागीय जानकारी के अनुसार डीसी ने अपने आदेशों में कहा हैकि जिले में जितने भी बच्चे 134ए के तहत निजी स्कूलों में दाखिले के लिए पात्र पाए गए हैं, उन सभी बच्चों को उनके चहेते स्कूलों में दाखिला दिलवाया जाए। इसके लिए संबंधित सभी निजी स्कूलों से खाली सीटों का ब्यौरा भी लिया जाए।
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इन आदेशों की पालना में शिक्षा विभाग ने करीब 60 से अधिक स्कूलों को अवगत करवाते हुए नोटिस जारी किया है। शेष स्कूल संचालकों को भी इस बारे में निर्देश दिए जा रहे हैं।
480 बच्चे पाए गए हैं पात्र जिले में इस नियम के तहत दाखिले के लिए 480 बच्चे पात्र पाए गए हैं।
पूरे जिले में 1603 बच्चों ने परीक्षा दी थी। इसमें 532 बच्चों को ही 55 प्रतिशत अंक हासिल हुए थे। इनमें से भी 480 बच्चे बाद में विभिन्न कारणों से दाखिले के पात्र पाए गए थे। लेकिन बाद में निजी स्कूल संचालक एसोसिएशन ने इस नियम का विरोध करते हुए दाखिला देने से इंकार कर दिया था। जिस पर अब प्रशासन सख्त रुख अपनाता दिख रहा है।
45 से 55 प्रतिशत तक अंक हासिल करने वाले बच्चों का भी ब्यौरा मांगा डीसी के आदेशों के अलावा विभाग द्वारा भी 55 प्रतिशत से कम अंक हासिल करने वाले बच्चों का भी ब्यौरा देने को कहा है। ताकि जरूरत पड़ी तो सीटों की उपलब्धता होने पर इन बच्चों को भी दाखिल दिलवाया जा सके।
जिला शिक्षा अधिकारी निर्मल तनेजा ने बताया कि निजी स्कूल संचालकों को इस बारे में अवगत करवा दिया गया है। जो स्कूल संचालक नियमों के तहत पात्र पाए जाने वाले बच्चों को भी दाखिला नहीं देता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उसकी मान्यता पर प्रश्न चिन्ह लगाकर डीसी के आदेशानुसार विभाग को सूचना भेजी जाएगी।