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इलेक्ट्रिक ट्रेन तो चल गई, रेलवे स्टेशन पर नहीं हो रहा समस्याओं का समाधान

Sun, 03 Feb 2019 11:42 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 03 Feb 2019 11:42 PM IST
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इलेक्ट्रिक ट्रेन तो चल गई, रेलवे स्टेशन पर नहीं हो रहा समस्याओं का समाधान
इलेक्ट्रिक ट्रेन तो चल गई, रेलवे स्टेशन पर नहीं हो रहा समस्याओं का समाधान
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वेटिंग रूम से लेकर स्टेशन पर नहीं है साफ-सुथरे सार्वजनिक शौचालय, महिलाओं को होती है सबसे अधिक परेशानी
टिकट की सिंगल विंडो से भी सैकड़ों यात्रियों को मजबूरन बिना टिकट करते हैं यात्रा, रेलवे की ओर से नहीं दिया जा समस्या पर कोई ध्यान
फोटो नंबर-06 से 11
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अंग्रेजों के जमाने में बने रेलवे स्टेशन से अब तीसरी पीढ़ी के इलेक्ट्रिक इंजन जरूर गुजरना शुरू हो गए हैं, लेकिन रेलवे स्टेशन पर सुविधाओं में इजाफा नहीं हुआ है। जिस कारण यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
स्टेशन पर बुकिंग विंडो से लेकर सार्वजनिक शौचालय की कमी के कारण प्रतिदिन यात्रियों को काफी कठिनाइयां झेलनी पड़ती है। वेटिंग रूम सहित रिजर्वेशन के लिए विंडो बंद ही रहती है। जिससे अन्य शहरों में रेल के माध्यम से जाने के लिए यात्री ट्रेन स्टेशन पर बुक नहीं करवा पाते। आरक्षित टिकट के लिए मौजूद टिकट विंडो सप्ताह में केवल पांच दिन तक प्रतिदिन केवल दो घंटे ही खुलती है। जिससे अधिकतर यात्री रिजर्वेशन नहीं करवा पाते। इसके साथ ही कुछ महीने पहले रेलवे की ओर से टिकट लेने के लिए स्थापित की गई ऑटोमेटिक टिकट वेंडर मशीन भी बंद पड़ी है।
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वेटिंग रूम से लेकर नहीं है सार्वजनिक शौचालय, महिलाओं को होती अधिक परेशानी : रेलवे स्टेशन पर वेटिंग रूम में हमेशा ताला लटका रहता है। जिस कारण सर्दी और बारिश के मौसम में यात्रियों को अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है। यात्री अनिल कुमार सजूमा ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर शौचालयों की हालत काफी खस्ता है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को होती है। क्योंकि यहां पर बनाए गए शौचालय बिना छत के हैं। ऐसे में महिलाएं इन शौचालयों में नहीं जा सकती है।
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सिंगल विंडो से भी सैकड़ों यात्रियों मजबूरन करते है बिना टिकट यात्रा : सुबह एक 5.45 ट्रेन दिल्ली जाती है, दूसरी जींद से 5.53 पर आती है। दोनों का समय एक होने के कारण यात्रियों को टिकट लेने में इंतजार करना पड़ता है। इसी तरह से दोपहर के समय भी दो गाड़ियों का समय लगभग एक ही है। यात्री सोनू ने बताया कि कैथल के बड़े रेलवे स्टेशन पर टिकट के लिए दो खिड़कियां बनाई गई है। लेकिन यहां पर केवल एक ही खिड़की खुली होती है। जिससे सुबह व दोपहर के समय आने वाली दो ट्रेनों के समय यहां पर कई यात्रियों को मजबूरन बिना टिकट यात्रा करनी पड़ती है और बाद में पकड़े जाने पर यात्री को परेशानी होती है। यह काफी गंभीर समस्या है। इस पर रेलवे को ध्यान देना चाहिए।
नया कैथल रेलवे स्टेशन भी बदहाल : शहर के बड़े रेलवे स्टेशन के साथ ही नए बस स्टैंड के समीप स्थित नया कैथल रेलवे स्टेशन भी बदहाल है। यहां पर एक भी सफाई कर्मचारी नहीं है। इसके साथ ही यहां पर भी शौचालय नहीं है। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है।

स्टेशन मास्टर रणधीर सिंह ने बताया कि स्टेशन पर टिकट देने वाले एक ही कर्मचारी होने के कारण एक ही खिड़की खोली जाती है। इसके अलावा वेटिंग रूम पर पूर्ण रूप से ताला नहीं लगाया गया है। इसे समय-समय पर खोला जाता है। नया कैथल रेलवे स्टेशन एक ठेकेदार के अंडर है। जो इसकी देखेरख करता है। अन्य समस्याओं को लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया है। इस पर उच्चाधिकारी की फैसला लेते हैं।
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