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12 से 18, 18 से 28 कर दी गई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग
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शुगर मिल में चिप गड़बड़ी मामला : 12 से 18, 18 से 28 कर दी गई बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की मीटिंग
- बैठक में होनी थी शीरे को लेकर चर्चा, डायरेक्टर्स की मांग, जिस तरह से खोई के मामले की जांच हुई है, उसी तरह से शीरे की जांच के लिए भी दिया जाए पूरा डाटा
चिप गड़बड़ी मामले के सामने आने के बाद दो बार टाली जा चुकी है बैठक, एमडी बोले- प्रशासनिक कारणों से स्थगित हुई है बैठक, 28 को फिर से बुलाई गई
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। चीनी शुगर मिल में धर्मकांटे में लगी चिप मिलने के बाद जनवरी माह में होने वाली बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक को दो बार स्थगित किया जा चुका है। पहले यह बैठक 12 जनवरी को होनी थी। उस समय स्थगित करके 18 जनवरी की तारीख तय की गई थी। लेकिन 18 जनवरी को फिर से इस बैठक को स्थगित कर दिया गया। अब 28 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई है। बैठक में चीनी, शीरा सहित अन्य उत्पाद बेचने को लेकर फैसला लिया जाना है।
पहले 12 जनवरी को होनी थी बैठक : जानकारी के अनुसार बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 12 जनवरी को होनी थी। इस बैठक में करीब 50 हजार शीरा के अलावा चीनी व अन्य उत्पाद बेचे जाने को लेकर फैसला लिया जाना है। 12 जनवरी को भी इस बैठक को अचानक स्थगित कर दिया गया था। उस समय किसान संघ द्वारा शुगर मिल के बाहर धरना दिया जा रहा था। उस दिन बैठक को स्थगित करके 18 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई थी। सभी डायरेक्टर्स के पास बैठक को लेकर सूचना पत्र जारी कर दिए गए थे।
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इसके बाद यह बैठक 18 जनवरी की निर्धारित की गई। लेकिन इससे पूर्व ही 17 जनवरी को सभी डायरेक्टर्स को सूचित कर दिया गया कि प्रशासनिक कारणों के कारण बैठक को स्थगित करते हुए 28 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई है। अब देखना है कि 28 जनवरी को भी बैठक हो पाती है या नहीं?
डायरेक्टर्स की अब शीरे की जांच की मांग : शुगर मिल के डायरेक्टर्स की जांच में 500 क्विंटल खोई की गड़बड़ी सामने आ चुकी है। अब डायरेक्टर्स की मांग है कि पिछले साल बेचे गए शीरे के मामले की जांच के लिए उन्हें आवश्यक जानकारी दी जाए। शुक्रवार को यदि बैठक हो जाती तो निश्चित तौर पर डायरेक्टर शीरे को लेकर बात उठाते। लेकिन अब बैठक स्थगित कर दी गई है। जिस कारण यह मामला अभी दस दिनों के लिए फिर से टल गया है।
पुलिस जांच में कोई खुलासा न होने से संशय : डायरेक्टर्स ने अपनी जांच में खोई में गड़बड़ी निकाल कर प्रशासन के सामने रख दी है। एक डायरेक्टर ने तो यहां तक कह दिया कि यदि उन्हें शीरे का पूर्ण विवरण प्राप्त हो जाए तो इसमें यदि कोई गड़बड़ी है, वे उसे भी सामने लाकर रख देंगे। लेकिन इन सब के बीच पुलिस की जांच पर बड़े सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसी जांच पुलिस क्यों नहीं कर पा रही है? शुगर मिल से जो सामान बाहर निकला, जहां यह भेजा गया, वहां के वजन में मिलान करके इस मामले की जांच की जा सकती है। यही मांग किसान संघ द्वारा बार-बार की जा रही है।
एमडी शुगर मिल वेदप्रकाश ने कहा कि प्रशासनिक कारणों के चलते बैठक स्थगित की गई है। रही बात शीरे आदि की जांच की तो विभिन्न स्तर पर मामले की जांच चल रही है। जो भी बात जांच में सामने आएगी, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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- बैठक में होनी थी शीरे को लेकर चर्चा, डायरेक्टर्स की मांग, जिस तरह से खोई के मामले की जांच हुई है, उसी तरह से शीरे की जांच के लिए भी दिया जाए पूरा डाटा
चिप गड़बड़ी मामले के सामने आने के बाद दो बार टाली जा चुकी है बैठक, एमडी बोले- प्रशासनिक कारणों से स्थगित हुई है बैठक, 28 को फिर से बुलाई गई
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। चीनी शुगर मिल में धर्मकांटे में लगी चिप मिलने के बाद जनवरी माह में होने वाली बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक को दो बार स्थगित किया जा चुका है। पहले यह बैठक 12 जनवरी को होनी थी। उस समय स्थगित करके 18 जनवरी की तारीख तय की गई थी। लेकिन 18 जनवरी को फिर से इस बैठक को स्थगित कर दिया गया। अब 28 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई है। बैठक में चीनी, शीरा सहित अन्य उत्पाद बेचने को लेकर फैसला लिया जाना है।
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पहले 12 जनवरी को होनी थी बैठक : जानकारी के अनुसार बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक 12 जनवरी को होनी थी। इस बैठक में करीब 50 हजार शीरा के अलावा चीनी व अन्य उत्पाद बेचे जाने को लेकर फैसला लिया जाना है। 12 जनवरी को भी इस बैठक को अचानक स्थगित कर दिया गया था। उस समय किसान संघ द्वारा शुगर मिल के बाहर धरना दिया जा रहा था। उस दिन बैठक को स्थगित करके 18 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई थी। सभी डायरेक्टर्स के पास बैठक को लेकर सूचना पत्र जारी कर दिए गए थे।
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इसके बाद यह बैठक 18 जनवरी की निर्धारित की गई। लेकिन इससे पूर्व ही 17 जनवरी को सभी डायरेक्टर्स को सूचित कर दिया गया कि प्रशासनिक कारणों के कारण बैठक को स्थगित करते हुए 28 जनवरी की तिथि निर्धारित की गई है। अब देखना है कि 28 जनवरी को भी बैठक हो पाती है या नहीं?
डायरेक्टर्स की अब शीरे की जांच की मांग : शुगर मिल के डायरेक्टर्स की जांच में 500 क्विंटल खोई की गड़बड़ी सामने आ चुकी है। अब डायरेक्टर्स की मांग है कि पिछले साल बेचे गए शीरे के मामले की जांच के लिए उन्हें आवश्यक जानकारी दी जाए। शुक्रवार को यदि बैठक हो जाती तो निश्चित तौर पर डायरेक्टर शीरे को लेकर बात उठाते। लेकिन अब बैठक स्थगित कर दी गई है। जिस कारण यह मामला अभी दस दिनों के लिए फिर से टल गया है।
पुलिस जांच में कोई खुलासा न होने से संशय : डायरेक्टर्स ने अपनी जांच में खोई में गड़बड़ी निकाल कर प्रशासन के सामने रख दी है। एक डायरेक्टर ने तो यहां तक कह दिया कि यदि उन्हें शीरे का पूर्ण विवरण प्राप्त हो जाए तो इसमें यदि कोई गड़बड़ी है, वे उसे भी सामने लाकर रख देंगे। लेकिन इन सब के बीच पुलिस की जांच पर बड़े सवाल उठ रहे हैं कि आखिर ऐसी जांच पुलिस क्यों नहीं कर पा रही है? शुगर मिल से जो सामान बाहर निकला, जहां यह भेजा गया, वहां के वजन में मिलान करके इस मामले की जांच की जा सकती है। यही मांग किसान संघ द्वारा बार-बार की जा रही है।
एमडी शुगर मिल वेदप्रकाश ने कहा कि प्रशासनिक कारणों के चलते बैठक स्थगित की गई है। रही बात शीरे आदि की जांच की तो विभिन्न स्तर पर मामले की जांच चल रही है। जो भी बात जांच में सामने आएगी, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।