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नहीं हुई अनाज मंडी में धान की खरीद..सुबह रेलवे ओवर ब्रिज पर लगाया जाम
Updated Wed, 21 Nov 2018 12:18 AM IST
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आढ़ती हड़ताल पर, मंडी में नहीं हुई धान खरीद, किसानों ने रेलवे ओवर ब्रिज पर लगाया जाम
- दोपहर को फिर की नारेबाजी, नहीं पहुंचे मार्केट कमेटी अधिकारी व कर्मचारी, मार्केट कमेटी कार्यालय का किया घेराव
- मिलर्स द्वारा ब्याज की दरों की कमी की मांग पर विवाद के बाद आढ़ती हैं अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
फोटो संख्या-2 से 4
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नई अनाज मंडी में धान की खरीद न होने के कारण मंगलवार सुबह किसान भड़क उठे और मंडी में प्रदर्शन शुरू कर दिया। मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव करने के बाद जब 10 बजे तक भी कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं आया तो किसान रोष जताते हुए रेलवे ओवर ब्रिज पर पहुंचे। जहां जींद रोड पर जाम लगा दिया। अधिकारियों ने करीब एक घंटे में समझा-बुझाकर जाम तो खुलवा दिया। लेकिन दिन भर धान की खरीद नहीं हो पाई। इस कारण आढ़तियों व मिलर्स के बीच भुगतान में देरी होने पर दिए जाने वाले ब्याज को लेकर विवाद है। इस विवाद का मंगलवार को भी समाधान नहीं निकल पाया। सोमवार को आढ़तियों ने धान की खरीद बंद कर दी थी।
मंगलवार सुबह जब धान की खरीद नहीं हुई तो किसानों ने रोष शुरू कर दिया। किसानों ने मार्केट कमेटी का पहले घेराव किया, वहां पर कोई भी अधिकारी व कर्मचारी ने होने के कारण जिला के उच्च अधिकारियों को फोन किया। लेकिन जब किसी भी अधिकारी ने फोन न उठाया तो जाखौली अड्डा रेलवे पुल पर पहुंचे और यहां जाम लगा दिया। जाम लगने के करीब आधे घंटे बाद नई अनाज मंडी चौकी इंचार्ज बलवान मौके पर पहुंचे और किसानों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। जहां डीएफएससी सुरेंद्र अरोड़ा ने किसानों को समझा कर शांत किया। जाम खुलने से जनता ने राहत की सांस ली। लेकिन थोड़ी बहुत खरीद के बाद यह फिर बंद हो गई।
किसानों में सुशील क्योड़क, जगमेल दयौरा, बसाऊ राम कैलरम, धूप सिंह बालू, जोरा सिंह, बलवंत, जसू राम, रामफल, काला, रामकला, कृष्ण ने बताया कि उनकी खरीद ना होने के कारण वे काफी परेशान हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। एक किसान ने कहा कि उनसे आढ़ती 3 प्रतिशत तक का ब्याज लेते हैं। अब वे 1.5 प्रतिशत ब्याज पर ही रोष जता रहे हैं।
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मार्केट कमेटी में कर्मचारी फकीर चंद व बलवीर सिंह ने कहा कि हड़ताल फसल बेचने वालों व खरीदारों के बीच है। इसमें मार्केट कमेटी कुछ नहीं कर सकती।
मार्केट कमेटी कार्यालय में सीजन के बावजूद 10 बजे तक नहीं पहुंचता कोई कर्मचारी व अधिकारी : किसान प्रदर्शन करते हुए सुबह 10 बजे मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंच गए। लेकिन वहां कोई कर्मचारी या अधिकारी नहीं पहुंचा था। दस बजे तक कुर्सियां खाली पड़ी थी।
ये हैं ब्याज दरों का विवाद : आढ़तियों द्वारा धान खरीद कर मिलर्स से ब्याज लिया जाता है। मिलर्स द्वारा यदि खरीद के 50 दिनों तक भुगतान कर दिया जाता है तो पहले 10 दिन के लिए कोई ब्याज नहीं लिया जाता। इसके बाद 40 दिन का ब्याज 1.5 प्रतिशत की दर से लिया जाता है। इसके बाद भी मिलर्स की ओर से भुगतान नहीं होता है तो पूरे 50 दिन के लिए ब्याज 1.65 प्रतिशत की दर से लग जाता है। मिलर्स इस ब्याज दर में कमी की मांग कर रहे हैं। लेेकिन आढ़ती इसे कम करने पर राजी नहीं हैं।
दिनभर चला बैठकों का दौर, नहीं हुआ समझौता, आज भी जारी रहेगी हड़ताल : मंडी में राइस मिल, पक्का आढ़तियों और कच्ची वाले आढ़तियों के बीच मंगलवार को सारा दिन बैठकों का दौर चलता रहा। अंत में तीनों संगठनों की डीएमईओ राधे श्याम शर्मा ने बैठक ली। जिसमें नई मंडी प्रधान कृष्ण मित्तल, पुरानी मंडी प्रधान जोग ध्यान, आढ़ती ईश्वर जैन, पवन कोटड़ा, सतीश जैन, राइस मिल निर्यातक नरेंद्र मिगलानी, मांगे राम खुरानियां, हरिदास ने भाग लिया। नई मंडी प्रधान कृष्ण मित्तल ने हड़ताल समाप्त करने के लिए ब्याज दरों में परिवर्तन करके 1.65 प्रतिशत की ब्याज दर 120 दिनों की बजाए 150 दिन और 50 दिन की बजाय 25 दिन रखी थी, परंतु उन्होंने इसे ठुकरा दिया। जिस कारण फैसला नहीं हो पाया। दूसरी ओर हड़ताल के न खुलने से मंडी में बुधवार को भी खरीद नहीं हो सकी।
डीसी धर्मवीर सिंह ने कहा कि सभी पक्षों से बातचीत कर रास्ता निकाला जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि मंडी में खरीद हो और किसानों को कोई परेशानी न हो।
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- दोपहर को फिर की नारेबाजी, नहीं पहुंचे मार्केट कमेटी अधिकारी व कर्मचारी, मार्केट कमेटी कार्यालय का किया घेराव
- मिलर्स द्वारा ब्याज की दरों की कमी की मांग पर विवाद के बाद आढ़ती हैं अनिश्चितकालीन हड़ताल पर
फोटो संख्या-2 से 4
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नई अनाज मंडी में धान की खरीद न होने के कारण मंगलवार सुबह किसान भड़क उठे और मंडी में प्रदर्शन शुरू कर दिया। मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव करने के बाद जब 10 बजे तक भी कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं आया तो किसान रोष जताते हुए रेलवे ओवर ब्रिज पर पहुंचे। जहां जींद रोड पर जाम लगा दिया। अधिकारियों ने करीब एक घंटे में समझा-बुझाकर जाम तो खुलवा दिया। लेकिन दिन भर धान की खरीद नहीं हो पाई। इस कारण आढ़तियों व मिलर्स के बीच भुगतान में देरी होने पर दिए जाने वाले ब्याज को लेकर विवाद है। इस विवाद का मंगलवार को भी समाधान नहीं निकल पाया। सोमवार को आढ़तियों ने धान की खरीद बंद कर दी थी।
मंगलवार सुबह जब धान की खरीद नहीं हुई तो किसानों ने रोष शुरू कर दिया। किसानों ने मार्केट कमेटी का पहले घेराव किया, वहां पर कोई भी अधिकारी व कर्मचारी ने होने के कारण जिला के उच्च अधिकारियों को फोन किया। लेकिन जब किसी भी अधिकारी ने फोन न उठाया तो जाखौली अड्डा रेलवे पुल पर पहुंचे और यहां जाम लगा दिया। जाम लगने के करीब आधे घंटे बाद नई अनाज मंडी चौकी इंचार्ज बलवान मौके पर पहुंचे और किसानों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। जहां डीएफएससी सुरेंद्र अरोड़ा ने किसानों को समझा कर शांत किया। जाम खुलने से जनता ने राहत की सांस ली। लेकिन थोड़ी बहुत खरीद के बाद यह फिर बंद हो गई।
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किसानों में सुशील क्योड़क, जगमेल दयौरा, बसाऊ राम कैलरम, धूप सिंह बालू, जोरा सिंह, बलवंत, जसू राम, रामफल, काला, रामकला, कृष्ण ने बताया कि उनकी खरीद ना होने के कारण वे काफी परेशान हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। एक किसान ने कहा कि उनसे आढ़ती 3 प्रतिशत तक का ब्याज लेते हैं। अब वे 1.5 प्रतिशत ब्याज पर ही रोष जता रहे हैं।
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मार्केट कमेटी में कर्मचारी फकीर चंद व बलवीर सिंह ने कहा कि हड़ताल फसल बेचने वालों व खरीदारों के बीच है। इसमें मार्केट कमेटी कुछ नहीं कर सकती।
मार्केट कमेटी कार्यालय में सीजन के बावजूद 10 बजे तक नहीं पहुंचता कोई कर्मचारी व अधिकारी : किसान प्रदर्शन करते हुए सुबह 10 बजे मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंच गए। लेकिन वहां कोई कर्मचारी या अधिकारी नहीं पहुंचा था। दस बजे तक कुर्सियां खाली पड़ी थी।
ये हैं ब्याज दरों का विवाद : आढ़तियों द्वारा धान खरीद कर मिलर्स से ब्याज लिया जाता है। मिलर्स द्वारा यदि खरीद के 50 दिनों तक भुगतान कर दिया जाता है तो पहले 10 दिन के लिए कोई ब्याज नहीं लिया जाता। इसके बाद 40 दिन का ब्याज 1.5 प्रतिशत की दर से लिया जाता है। इसके बाद भी मिलर्स की ओर से भुगतान नहीं होता है तो पूरे 50 दिन के लिए ब्याज 1.65 प्रतिशत की दर से लग जाता है। मिलर्स इस ब्याज दर में कमी की मांग कर रहे हैं। लेेकिन आढ़ती इसे कम करने पर राजी नहीं हैं।
दिनभर चला बैठकों का दौर, नहीं हुआ समझौता, आज भी जारी रहेगी हड़ताल : मंडी में राइस मिल, पक्का आढ़तियों और कच्ची वाले आढ़तियों के बीच मंगलवार को सारा दिन बैठकों का दौर चलता रहा। अंत में तीनों संगठनों की डीएमईओ राधे श्याम शर्मा ने बैठक ली। जिसमें नई मंडी प्रधान कृष्ण मित्तल, पुरानी मंडी प्रधान जोग ध्यान, आढ़ती ईश्वर जैन, पवन कोटड़ा, सतीश जैन, राइस मिल निर्यातक नरेंद्र मिगलानी, मांगे राम खुरानियां, हरिदास ने भाग लिया। नई मंडी प्रधान कृष्ण मित्तल ने हड़ताल समाप्त करने के लिए ब्याज दरों में परिवर्तन करके 1.65 प्रतिशत की ब्याज दर 120 दिनों की बजाए 150 दिन और 50 दिन की बजाय 25 दिन रखी थी, परंतु उन्होंने इसे ठुकरा दिया। जिस कारण फैसला नहीं हो पाया। दूसरी ओर हड़ताल के न खुलने से मंडी में बुधवार को भी खरीद नहीं हो सकी।
डीसी धर्मवीर सिंह ने कहा कि सभी पक्षों से बातचीत कर रास्ता निकाला जाएगा। प्रयास किया जाएगा कि मंडी में खरीद हो और किसानों को कोई परेशानी न हो।