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कागजों से बाहर नहीं निकल पा रही कूड़े से बनने वाली बिजली की परियोजना
Updated Fri, 24 Nov 2017 12:35 AM IST
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कागजों से बाहर नहीं निकल पा रही कूड़े से बनने वाली बिजली की परियोजना
कमल कुमार
कैथल। कूड़े से बनने वाली बिजली परियोजना जिला मुख्यालय के लिए अभी तक सपना ही बनी हुई है। नगर परिषद के माध्यम से तैयार योजना कागजों से बाहर नहीं निकल पा रही है। पूर्व में कई बार बजट में प्रावधान के बावजूद इस दिशा में काम शुरू नहीं हो पाया। फिलहाल परिषद केवल डंपिंग प्वाइंट बनाने तक पहुंच पाई है।
तीन करोड़ रुपये की है परियोजना : नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार खुराना रोड पर बने डंपिंग प्वाइंट पर कांग्रेस की सरकार की ओर से यहां पर बिजली बनाने की परियोजना को मंजूर किया था। जिस पर भाजपा की सरकार आने के बाद कोई ध्यान नहीं दिया गया है। बता दें कि इस डंपिंग प्वाइंट पर करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बिजली को बनाने का प्लांट स्थापित किया जाना था। जो तीन वर्षों के बाद भी पूरी तरह से अधूरा है। वहीं इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए नगर परिषद के पास कोई भी ग्रांट नहीं है और इस कार्य को सीएम की घोषणाओं की ग्रांटों से नहीं लगाया जा सकता।
अब बजट न होने का रोना : पूर्व में यह परियोजना परिषद की वार्षिक प्लानिंग में शामिल रही है। संभव है कि इसके लिए बजट की भी प्लानिंग हो चुकी है। लेकिन निर्माण कार्य ना होने के लिए अभी भी बजट ना होने की बात की जा रही है। जबकि परिषद लाखों रुपये की राशि हर माह बिजली बिल भरने पर खर्च करती है। यदि बिजली उत्पादन शुरू हो जाए तो परिषद को यह भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
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रोजाना करीब 70 टन के कूड़े का होता निस्तारण : खुराना रोड पर बने डंपिंग प्वाइंट पर नगर परिषद की ओर से शहर में से करीब 70 टन कूड़े का निस्तारण होता है। यदि यहां पर बिजली बनाने का प्रोजेक्ट जल्द ही पूरा हो जाता है तो शहरवासियों को बिजली के कटों से काफी राहत मिलेगी। यह प्रोजेक्ट बजट की कमी से जूझ रही परिषद की आय बढ़ा सकता है। और नहीं तो बिजली विभाग को की जाने वाली लाखों रुपये के बिजली बिल भुगतान की राशि को तो बचाया ही जा सकता है।
सरकार से करेंगे ग्रांट की मांग : नगर परिषद के कार्यकारी चेयरमैन डॉ. पवन थरेजा ने कहा कि डंपिंग प्वाइंट पर बिजली बनाने की परियोजना के लिए सरकार से ग्रांट की मांग की जाएगी। जिससे यहां पर इस परियोजना पर जल्द ही काम शुरू हो सके।
सरकार के दिशा निर्देश पर होगा कार्य : नगर परिषद के सचिव कुलदीप ने कहा कि इस परियोजना की घोषणा जरूर हुई थी। इस पर कार्य शुरू करने को लेकर सरकार की ओर से कोई भी आदेश नहीं आए है। जैसे ही सरकार की ओर से आदेश आएंगे तो नगर परिषद में ग्रांट का प्रबंध हो सकेेगा। जिसके बाद ही नगर परिषद इस पर कार्य करवा सकेगी।
नगर परिषद के पास परियोजना के पास नहीं है कोई ग्रांट
सीएम घोषणा में भी नहीं है ग्रांट का कोई प्रावधान
फोटो नंबर-1 से 3
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कमल कुमार
कैथल। कूड़े से बनने वाली बिजली परियोजना जिला मुख्यालय के लिए अभी तक सपना ही बनी हुई है। नगर परिषद के माध्यम से तैयार योजना कागजों से बाहर नहीं निकल पा रही है। पूर्व में कई बार बजट में प्रावधान के बावजूद इस दिशा में काम शुरू नहीं हो पाया। फिलहाल परिषद केवल डंपिंग प्वाइंट बनाने तक पहुंच पाई है।
तीन करोड़ रुपये की है परियोजना : नगर परिषद से मिली जानकारी के अनुसार खुराना रोड पर बने डंपिंग प्वाइंट पर कांग्रेस की सरकार की ओर से यहां पर बिजली बनाने की परियोजना को मंजूर किया था। जिस पर भाजपा की सरकार आने के बाद कोई ध्यान नहीं दिया गया है। बता दें कि इस डंपिंग प्वाइंट पर करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बिजली को बनाने का प्लांट स्थापित किया जाना था। जो तीन वर्षों के बाद भी पूरी तरह से अधूरा है। वहीं इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए नगर परिषद के पास कोई भी ग्रांट नहीं है और इस कार्य को सीएम की घोषणाओं की ग्रांटों से नहीं लगाया जा सकता।
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अब बजट न होने का रोना : पूर्व में यह परियोजना परिषद की वार्षिक प्लानिंग में शामिल रही है। संभव है कि इसके लिए बजट की भी प्लानिंग हो चुकी है। लेकिन निर्माण कार्य ना होने के लिए अभी भी बजट ना होने की बात की जा रही है। जबकि परिषद लाखों रुपये की राशि हर माह बिजली बिल भरने पर खर्च करती है। यदि बिजली उत्पादन शुरू हो जाए तो परिषद को यह भुगतान नहीं करना पड़ेगा।
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रोजाना करीब 70 टन के कूड़े का होता निस्तारण : खुराना रोड पर बने डंपिंग प्वाइंट पर नगर परिषद की ओर से शहर में से करीब 70 टन कूड़े का निस्तारण होता है। यदि यहां पर बिजली बनाने का प्रोजेक्ट जल्द ही पूरा हो जाता है तो शहरवासियों को बिजली के कटों से काफी राहत मिलेगी। यह प्रोजेक्ट बजट की कमी से जूझ रही परिषद की आय बढ़ा सकता है। और नहीं तो बिजली विभाग को की जाने वाली लाखों रुपये के बिजली बिल भुगतान की राशि को तो बचाया ही जा सकता है।
सरकार से करेंगे ग्रांट की मांग : नगर परिषद के कार्यकारी चेयरमैन डॉ. पवन थरेजा ने कहा कि डंपिंग प्वाइंट पर बिजली बनाने की परियोजना के लिए सरकार से ग्रांट की मांग की जाएगी। जिससे यहां पर इस परियोजना पर जल्द ही काम शुरू हो सके।
सरकार के दिशा निर्देश पर होगा कार्य : नगर परिषद के सचिव कुलदीप ने कहा कि इस परियोजना की घोषणा जरूर हुई थी। इस पर कार्य शुरू करने को लेकर सरकार की ओर से कोई भी आदेश नहीं आए है। जैसे ही सरकार की ओर से आदेश आएंगे तो नगर परिषद में ग्रांट का प्रबंध हो सकेेगा। जिसके बाद ही नगर परिषद इस पर कार्य करवा सकेगी।
नगर परिषद के पास परियोजना के पास नहीं है कोई ग्रांट
सीएम घोषणा में भी नहीं है ग्रांट का कोई प्रावधान
फोटो नंबर-1 से 3