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सडक़ें रहीं सुनसान, घरों में दुबके लोग, फैसले के बाद बाजार हुए बंद
Updated Fri, 25 Aug 2017 07:15 PM IST
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सड़कें सुनसान, घरों में दुबके लोग
- डेरा प्रमुख पर फैसला आने के बाद बाजार बंद
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल।
शनिवार को डेरा प्रमुख पर फैसला आने के पहले शहर में जनजीवन थमा सा नजर आ रहा था। शहर में फैसले से पहले तो शहर में अंदर की स्थिति सामान्य रही लेकिन जैसे ही फैसला आया तो सभी दुकानदारों ने अपने-अपने घरों की ओर रुख किया।
फैसला आने से पहले अमर उजाला ने सभी चौकों का दौरा कर वहां की स्थिति को जाना। सबसे पहले करनाल रोड पर स्थित छोटू राम चौक पर सन्नाटा की सन्नाटा नजर आया। बस स्टैंड पर एसएसबी की फोर्स तैनात रही। सबसे अधिक भीड़ भाड़ व जाम से भरे रहने वाले रोड पर भी परिंदा भी नजर नहीं आया। इसके बाद ढांड रोड पर स्थिति को जाना तो वह चौक बिल्कुल खाली था। यहां केवल पुलिस कर्मचारी ही अपनी ड्यूटी कर रहे थे। अंबाला रोड स्थित नाके पर भी बेरिकेड्स लगाकर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस कर्मचारी तैनात रहे। इसके बाद विश्वकर्मा चौक पर गए तो वहां पर भी सन्नाटा पसरा था।
30 मिनट बाद ही बाजार हुए बंद
फैसला आने से पहले पूरे शहर में सन्नाटा पसरा था। लेकिन जैसे करीब तीन बजे डेरा प्रमुख के खिलाफ फैसला आया तो शहर के लोगों में दहशत फैल गई। इसके बाद शहर के सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर ताले लगाना शुरू कर दिया। शाम को सभी बाजार और अन्य संस्थान बंद हो गए।
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लघु सचिवालय में सन्नाटा पसरा रहा। यहां पर भी भारी पुलिस बल तैनात रहा। यहां जिला प्रशासन द्वारा फायर बिग्रेड सहित सुरक्षा को लेकर पुलिस की दो गाड़ियों को तैनात किया गया।
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- डेरा प्रमुख पर फैसला आने के बाद बाजार बंद
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल।
शनिवार को डेरा प्रमुख पर फैसला आने के पहले शहर में जनजीवन थमा सा नजर आ रहा था। शहर में फैसले से पहले तो शहर में अंदर की स्थिति सामान्य रही लेकिन जैसे ही फैसला आया तो सभी दुकानदारों ने अपने-अपने घरों की ओर रुख किया।
फैसला आने से पहले अमर उजाला ने सभी चौकों का दौरा कर वहां की स्थिति को जाना। सबसे पहले करनाल रोड पर स्थित छोटू राम चौक पर सन्नाटा की सन्नाटा नजर आया। बस स्टैंड पर एसएसबी की फोर्स तैनात रही। सबसे अधिक भीड़ भाड़ व जाम से भरे रहने वाले रोड पर भी परिंदा भी नजर नहीं आया। इसके बाद ढांड रोड पर स्थिति को जाना तो वह चौक बिल्कुल खाली था। यहां केवल पुलिस कर्मचारी ही अपनी ड्यूटी कर रहे थे। अंबाला रोड स्थित नाके पर भी बेरिकेड्स लगाकर सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस कर्मचारी तैनात रहे। इसके बाद विश्वकर्मा चौक पर गए तो वहां पर भी सन्नाटा पसरा था।
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30 मिनट बाद ही बाजार हुए बंद
फैसला आने से पहले पूरे शहर में सन्नाटा पसरा था। लेकिन जैसे करीब तीन बजे डेरा प्रमुख के खिलाफ फैसला आया तो शहर के लोगों में दहशत फैल गई। इसके बाद शहर के सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानों पर ताले लगाना शुरू कर दिया। शाम को सभी बाजार और अन्य संस्थान बंद हो गए।
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लघु सचिवालय में सन्नाटा पसरा रहा। यहां पर भी भारी पुलिस बल तैनात रहा। यहां जिला प्रशासन द्वारा फायर बिग्रेड सहित सुरक्षा को लेकर पुलिस की दो गाड़ियों को तैनात किया गया।