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असंतुष्ट जिला पार्षदों ने डीसी को सौंपी हाईकोर्ट के आदेशों की प्रतियां
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:12 AM IST
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असंतुष्ट जिला पार्षदों ने डीसी को सौंपी हाईकोर्ट के आदेशों की प्रतियां
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अप्रैल माह में जिला परिषद चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के मामले में माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेशों की प्रति वीरवार को असंतुष्ट जिला पार्षदों ने डीसी को सौंपी। आदेशों में हाईकोर्ट ने 15 दिनों में अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के आदेश जारी किए हैं। डीसी ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार शीघ्र ही बैठक बुलाई जाएगी। वहीं असंतुष्ट पार्षदों के खेमे ने चेयरपर्सन के पति पर खुद को चेयरमैन के तौर पर प्रचारित करने का आरोप लगाया है।
विदित रह कि 20 अप्रैल को कुल 21 में 16 पार्षदों ने जिला परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की थी। जिसमें एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में अविश्वास प्रस्ताव गिर गया था। इस बैठक के बाद जिला परिषद के वार्ड नंबर दो की पार्षद अंजू जागलान व वार्ड नंबर 13 के पार्षद भाग सिंह खनौदा ने हाईकोर्ट में याचिका डाली थी। जिस पर हाईकोर्ट ने डीसी को दोबारा से बैठक बुलाए जाने के आदेश जारी किए हैं।
वीरवार को जिला परिषद के वार्ड नंबर दो से पार्षद अंजू जागलान व 12 से भाग सिंह खनौदा ने मीडिया से बातचीत में फैसले की पूरी जानकारी दी। साथ ही पार्षदों ने फैसले की प्रति डीसी को सौंपी। उन्होंने बताया कि 5 अप्रैल 2017 को 14 पार्षदों ने डीसी के सामने चेयरपर्सन और वाइस चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए पत्र दिया था, जिसमें डीसी ने स्वयं कार्रवाई न करते हुए एडीसी कैथल को पार्षदों की बैठक करवाने की जिम्मेदारी सौंप दी। अब डीसी को 15 दिन के अंदर अविश्वास प्रस्ताव पर जिला परिषद की बैठक करवानी होगी। उन्होंने बताया कि कुल 21 वार्डों में से अब 16 पार्षद अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में है बाकी 2 पार्षदों से इस बारे बातचीत की गई है।
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जिला परिषद की चेयरपर्सन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अंजू जागलान व भागसिंह ने कहा कि परिषद द्वारा किए जाने वाले कार्यों में धांधलियां की जा रही हैं, जिससे पार्षदों में रोष है। इस बारे में सीईओ को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि चेयरपर्सन द्वारा 21 जुलाई को हुई बैठक में उन मुद्दों को भी प्रोसिडिंग में दिखाया गया है, जिन पर बैठक के दौरान किसी प्रकार की चर्चा नहीं हुई। ग्रांट वितरण के कार्य का अधिकार चेयरपर्सन को देने के सुझाव पर मात्र एक सदस्य ने सहमति जताई थी, लेकिन प्रोसिडिंग में गलत तरीके से 19 सदस्यों की सहमति दिखाई गई है।
चेयरपर्सन के पति खुद को बता रहे चेयरमैन
चेयरपर्सन के पति हरदीप आंधली पर आरोप लगाते हुए अंजू जागलान ने कहा कि जिला परिषद में उनका कोई पद नहीं है, लेकिन विजिटिंग कार्ड पर हरदीप आंधली खुद को चेयरमैन बता रहे हैं। निमंत्रण पत्र तक में वे स्वयं को जिप का चेयरमैन बताते हैं, जो गैर कानूनी है। उन्होंने बताया कि वे इसकी शिकायत सीईओ, डीसी, मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक करेंगे और मांग करेंगे कि हरदीप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
हाईकोर्ट के आदेशानुसार बुलाई जाएगी बैठक
डीसी सुनीता वर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले की प्रति उन्हें मिली है। माननीय कोर्ट के आदेशानुसार बैठक बुलाई जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अप्रैल माह में जिला परिषद चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के मामले में माननीय पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय द्वारा जारी आदेशों की प्रति वीरवार को असंतुष्ट जिला पार्षदों ने डीसी को सौंपी। आदेशों में हाईकोर्ट ने 15 दिनों में अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने के आदेश जारी किए हैं। डीसी ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार शीघ्र ही बैठक बुलाई जाएगी। वहीं असंतुष्ट पार्षदों के खेमे ने चेयरपर्सन के पति पर खुद को चेयरमैन के तौर पर प्रचारित करने का आरोप लगाया है।
विदित रह कि 20 अप्रैल को कुल 21 में 16 पार्षदों ने जिला परिषद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग की थी। जिसमें एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में अविश्वास प्रस्ताव गिर गया था। इस बैठक के बाद जिला परिषद के वार्ड नंबर दो की पार्षद अंजू जागलान व वार्ड नंबर 13 के पार्षद भाग सिंह खनौदा ने हाईकोर्ट में याचिका डाली थी। जिस पर हाईकोर्ट ने डीसी को दोबारा से बैठक बुलाए जाने के आदेश जारी किए हैं।
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वीरवार को जिला परिषद के वार्ड नंबर दो से पार्षद अंजू जागलान व 12 से भाग सिंह खनौदा ने मीडिया से बातचीत में फैसले की पूरी जानकारी दी। साथ ही पार्षदों ने फैसले की प्रति डीसी को सौंपी। उन्होंने बताया कि 5 अप्रैल 2017 को 14 पार्षदों ने डीसी के सामने चेयरपर्सन और वाइस चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए पत्र दिया था, जिसमें डीसी ने स्वयं कार्रवाई न करते हुए एडीसी कैथल को पार्षदों की बैठक करवाने की जिम्मेदारी सौंप दी। अब डीसी को 15 दिन के अंदर अविश्वास प्रस्ताव पर जिला परिषद की बैठक करवानी होगी। उन्होंने बताया कि कुल 21 वार्डों में से अब 16 पार्षद अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में है बाकी 2 पार्षदों से इस बारे बातचीत की गई है।
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जिला परिषद की चेयरपर्सन पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए अंजू जागलान व भागसिंह ने कहा कि परिषद द्वारा किए जाने वाले कार्यों में धांधलियां की जा रही हैं, जिससे पार्षदों में रोष है। इस बारे में सीईओ को लिखे पत्र में उन्होंने कहा है कि चेयरपर्सन द्वारा 21 जुलाई को हुई बैठक में उन मुद्दों को भी प्रोसिडिंग में दिखाया गया है, जिन पर बैठक के दौरान किसी प्रकार की चर्चा नहीं हुई। ग्रांट वितरण के कार्य का अधिकार चेयरपर्सन को देने के सुझाव पर मात्र एक सदस्य ने सहमति जताई थी, लेकिन प्रोसिडिंग में गलत तरीके से 19 सदस्यों की सहमति दिखाई गई है।
चेयरपर्सन के पति खुद को बता रहे चेयरमैन
चेयरपर्सन के पति हरदीप आंधली पर आरोप लगाते हुए अंजू जागलान ने कहा कि जिला परिषद में उनका कोई पद नहीं है, लेकिन विजिटिंग कार्ड पर हरदीप आंधली खुद को चेयरमैन बता रहे हैं। निमंत्रण पत्र तक में वे स्वयं को जिप का चेयरमैन बताते हैं, जो गैर कानूनी है। उन्होंने बताया कि वे इसकी शिकायत सीईओ, डीसी, मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक करेंगे और मांग करेंगे कि हरदीप के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
हाईकोर्ट के आदेशानुसार बुलाई जाएगी बैठक
डीसी सुनीता वर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट के फैसले की प्रति उन्हें मिली है। माननीय कोर्ट के आदेशानुसार बैठक बुलाई जाएगी।