{"_id":"5ae4baef4f1c1b61098b6c3f","slug":"121524939503-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसानों के धरने के बाद परिषद ने तीसरी बार बदली कचरा डालने की जगह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसानों के धरने के बाद परिषद ने तीसरी बार बदली कचरा डालने की जगह
Updated Sat, 28 Apr 2018 11:48 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
किसानों के धरने के बाद परिषद ने तीसरी बार बदली कचरा डालने की जगह
धरने के बाद से पिछले छह दिनों से शहर में बंद हुआ डोर टू डोर कचरा उठान कार्य
डंपिंग यार्ड के धरने के कारण ठेकेदार को आ रही है कचरा उठान में परेशानी
अब खुराना रोड ड्रेन से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित जगह पर गिरा रहे कचरा
अब लोगों को भी होने लगी हैं परेशानियां
फोटो नंबर-14,15
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। खुराना रोड पर डंपिंग यार्ड में किसानों के धरने के बाद से बंद हुए कचरा गिराने के कार्य के बाद अब परिषद ने कचरा डालने के लिए तीसरी जगह बदल ली है। अब खनौरी रोड पर स्थित ड्रेन के समीप कचरा डाला जा रहा है। जहां तक जाने में ज्यादा समय लग रहा है। इसके चलते अब ठेकेदार ने शहर में डोर टू डोर कचरा उठान कार्य बंद कर दिया है। जिससे लोग परेशान हो चले हैं।
शहर की अधिकतर जगह पर गंदगी का माहौल:
डंपिंग यार्ड के सामने किसानों द्वारा मांगो के समर्थन में दिए गए धरने के बाद से पूरे शहर से कचरा उठाने की व्यवस्था चरमरा गई है। शहर के प्रमुख मार्ग न्यू करनाल रोड, ढांड रोड, करनाल रोड, अंबाला रोड सहित अन्य रिहायशी कॉलोनियों में गंदगी का आलम है। जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी है।
17 गाड़ियां रोजाना उठाती 40 टन डोर टू डोर कचरा:
बता दें कि नगर परिषद द्वारा शहर के लोगों दी जाने वाली डोर टू डेार सुविधा के तहत प्रतिदिन 17 गाडिय़ों द्वारा करीब 40 टन कचरा उठान किया जाता है। लेकिन किसानों द्वारा दिए गए धरने के बाद से पिछले छह दिनों यह सुविधा लोगों को नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
छठे दिन भी धरने पर डटे है किसान:
डंपिंग यार्ड को शिफ्ट करने व मुआवजा देने की मांग पर भाकियू के बैनर तले तीन गांवों के किसान पिछले छह दिनों से धरने पर डटे है। किसानों ने डीसी द्वारा इस क्षेत्र में तहसीलदार रविंद्र मलिक को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाने पर भी विरोध जाहिर किया है। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष सुखपाल, रामचंद्र, महेश, राममेहर, मेहरचंद, बलंवत ने कहा कि वे अपनी जायज मांगो के समर्थन में धरने पर बैठे है। जिला प्रशासन उन्हें शरारती तत्व न समझें। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि यदि जिला प्रशासन ने उनकी समस्या का सोमवार तक कोई हल न निकाला तो इसी धरनास्थल पर 2 मई को एक महापंचायत होगी। जिसमें प्रदेशभर से सैंकड़ों किसान भाग लेकर विरोध की आगामी रणनीति बनाएंगे।
शहर से कचरा उठान में थोड़ी परेशानी जरूर आ रही है। लेकिन पूरे शहर में डोर टू डोर कचरा सुचारु रुप से उठाया जा रही है। शहर में सफाई संबंधी परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
मोहन भारद्वाज,
सीएसआई, नगर परिषद
धरने के बाद से पिछले छह दिनों से शहर में बंद हुआ डोर टू डोर कचरा उठान कार्य
डंपिंग यार्ड के धरने के कारण ठेकेदार को आ रही है कचरा उठान में परेशानी
अब खुराना रोड ड्रेन से करीब चार किलोमीटर दूर स्थित जगह पर गिरा रहे कचरा
अब लोगों को भी होने लगी हैं परेशानियां
फोटो नंबर-14,15
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। खुराना रोड पर डंपिंग यार्ड में किसानों के धरने के बाद से बंद हुए कचरा गिराने के कार्य के बाद अब परिषद ने कचरा डालने के लिए तीसरी जगह बदल ली है। अब खनौरी रोड पर स्थित ड्रेन के समीप कचरा डाला जा रहा है। जहां तक जाने में ज्यादा समय लग रहा है। इसके चलते अब ठेकेदार ने शहर में डोर टू डोर कचरा उठान कार्य बंद कर दिया है। जिससे लोग परेशान हो चले हैं।
शहर की अधिकतर जगह पर गंदगी का माहौल:
डंपिंग यार्ड के सामने किसानों द्वारा मांगो के समर्थन में दिए गए धरने के बाद से पूरे शहर से कचरा उठाने की व्यवस्था चरमरा गई है। शहर के प्रमुख मार्ग न्यू करनाल रोड, ढांड रोड, करनाल रोड, अंबाला रोड सहित अन्य रिहायशी कॉलोनियों में गंदगी का आलम है। जो लोगों के लिए परेशानी का सबब बनी है।
विज्ञापन
17 गाड़ियां रोजाना उठाती 40 टन डोर टू डोर कचरा:
बता दें कि नगर परिषद द्वारा शहर के लोगों दी जाने वाली डोर टू डेार सुविधा के तहत प्रतिदिन 17 गाडिय़ों द्वारा करीब 40 टन कचरा उठान किया जाता है। लेकिन किसानों द्वारा दिए गए धरने के बाद से पिछले छह दिनों यह सुविधा लोगों को नहीं मिल रही है।
विज्ञापन
छठे दिन भी धरने पर डटे है किसान:
डंपिंग यार्ड को शिफ्ट करने व मुआवजा देने की मांग पर भाकियू के बैनर तले तीन गांवों के किसान पिछले छह दिनों से धरने पर डटे है। किसानों ने डीसी द्वारा इस क्षेत्र में तहसीलदार रविंद्र मलिक को ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगाने पर भी विरोध जाहिर किया है। भाकियू के प्रदेशाध्यक्ष सुखपाल, रामचंद्र, महेश, राममेहर, मेहरचंद, बलंवत ने कहा कि वे अपनी जायज मांगो के समर्थन में धरने पर बैठे है। जिला प्रशासन उन्हें शरारती तत्व न समझें। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि यदि जिला प्रशासन ने उनकी समस्या का सोमवार तक कोई हल न निकाला तो इसी धरनास्थल पर 2 मई को एक महापंचायत होगी। जिसमें प्रदेशभर से सैंकड़ों किसान भाग लेकर विरोध की आगामी रणनीति बनाएंगे।
शहर से कचरा उठान में थोड़ी परेशानी जरूर आ रही है। लेकिन पूरे शहर में डोर टू डोर कचरा सुचारु रुप से उठाया जा रही है। शहर में सफाई संबंधी परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
मोहन भारद्वाज,
सीएसआई, नगर परिषद