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ट्रक में 1026 किलो चुरापोस्त तस्करी के मामलों में चार आरोपियों को 10-10 साल की सजा, एक-एक लाख का जुर्माना
Updated Wed, 11 Oct 2017 11:59 PM IST
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चूरापोस्त तस्करी के चार आरोपियों को 10-10 साल की सजा, एक-एक लाख का जुर्माना
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. आरएन भारती की अदालत ने चूरापोस्त तस्करी के मामले में जिला करनाल व जिला कैथल निवासी 4 तस्करों को 10-10 वर्ष की कारावास व एक-एक लाख रुपये जुर्माना का सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषियों को 2-2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
करीब 2 वर्ष पहले सीआईए-टू पुलिस ने 12 टायर वाले तिरपाल ढके एक ट्रक में 345 बैटरियों के नीचे छिपाए 27 कट्टों से 1026 किलोग्राम चूरापोस्त बरामद किया था।
एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने बताया कि दिनाक 22-23 अक्टूबर 2015 की रात सीआईए-टू प्रभारी सब इंस्पेक्टर सत्यवान की टीम पंचमुखी चौक ढांड पर मौजूद थी। एक गुप्त सुचना मिलने पर रात 2 बजे नहर पुल कौल पर नाकाबंदी की गई। करीब आधा घंटे बाद करनाल की तरफ से आए ट्रक को पुलिस ने रुकवाया गया तो अंधेरे का फायदा उठाकर कई व्यक्ति खेतों के रास्ते भागने में कामयाब हो गए। जबकि चालक जसविंद्र निवासी बीर बड़ालवा थाना बुटाना जिला करनाल को काबू कर लिया गया। मौके पर डीएसपी एईसी जोगिद्र सिंह को बुलाकर तलाशी ली गई। तिरपाल से बंधे ट्रक में 225 बैटरियों के नीचे छिपाए 38 किलो के 27 कट्टों से 1026 किलो चुरापोस्त बरामद किया गया। पुलिस ने तस्करी में शामिल सचिन निवासी बीर बड़ालवा, शेर सिंह उर्फ शमशेर उर्फ शेरु निवासी दाबन खेडी, मेजर सिंह निवासी नडाना थाना तरावड़ी जिला करनाल को सीआईए-2 के कर्मचारी जितेंद्र द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने ठोस सुबूत जुटाने बाद 21 दिसंबर 2015 को मामला अदालत को सौंप दिया। एसपी ने बताया कि एएसजे डा. आरएन भारती की अदालत ने चारों दोषी एसडीपीएस एक्ट तहत 10-10 वर्ष का कठोर कारावास तथा एक-एक लाख रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषियों को 2-2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। चारों दोषियों को धारा 201 अंतर्गत 2-2 वर्ष का कारावास व 5-5 हजार रुपये जुर्माना किया गया। जुर्माना अदा नहीं करने में तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पडे़गा।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. आरएन भारती की अदालत ने चूरापोस्त तस्करी के मामले में जिला करनाल व जिला कैथल निवासी 4 तस्करों को 10-10 वर्ष की कारावास व एक-एक लाख रुपये जुर्माना का सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषियों को 2-2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
करीब 2 वर्ष पहले सीआईए-टू पुलिस ने 12 टायर वाले तिरपाल ढके एक ट्रक में 345 बैटरियों के नीचे छिपाए 27 कट्टों से 1026 किलोग्राम चूरापोस्त बरामद किया था।
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एसपी सुमेर प्रताप सिंह ने बताया कि दिनाक 22-23 अक्टूबर 2015 की रात सीआईए-टू प्रभारी सब इंस्पेक्टर सत्यवान की टीम पंचमुखी चौक ढांड पर मौजूद थी। एक गुप्त सुचना मिलने पर रात 2 बजे नहर पुल कौल पर नाकाबंदी की गई। करीब आधा घंटे बाद करनाल की तरफ से आए ट्रक को पुलिस ने रुकवाया गया तो अंधेरे का फायदा उठाकर कई व्यक्ति खेतों के रास्ते भागने में कामयाब हो गए। जबकि चालक जसविंद्र निवासी बीर बड़ालवा थाना बुटाना जिला करनाल को काबू कर लिया गया। मौके पर डीएसपी एईसी जोगिद्र सिंह को बुलाकर तलाशी ली गई। तिरपाल से बंधे ट्रक में 225 बैटरियों के नीचे छिपाए 38 किलो के 27 कट्टों से 1026 किलो चुरापोस्त बरामद किया गया। पुलिस ने तस्करी में शामिल सचिन निवासी बीर बड़ालवा, शेर सिंह उर्फ शमशेर उर्फ शेरु निवासी दाबन खेडी, मेजर सिंह निवासी नडाना थाना तरावड़ी जिला करनाल को सीआईए-2 के कर्मचारी जितेंद्र द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने ठोस सुबूत जुटाने बाद 21 दिसंबर 2015 को मामला अदालत को सौंप दिया। एसपी ने बताया कि एएसजे डा. आरएन भारती की अदालत ने चारों दोषी एसडीपीएस एक्ट तहत 10-10 वर्ष का कठोर कारावास तथा एक-एक लाख रुपये जुर्माना किया गया है। जुर्माना अदा नहीं करने पर दोषियों को 2-2 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। चारों दोषियों को धारा 201 अंतर्गत 2-2 वर्ष का कारावास व 5-5 हजार रुपये जुर्माना किया गया। जुर्माना अदा नहीं करने में तीन-तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पडे़गा।
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