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चिप घोटालों के आरोपों के बीच कैथल शुगर मिल के एमडी का तबादला, किसानों ने संघर्ष की जीत बताया
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चिप घोटाले के आरोपों के बीच कैथल शुगर मिल के एमडी का तबादला, किसानों ने संघर्ष की जीत बताया
शुगर मिल परिसर के बाहर 15 दिनों से धरने पर बैठे हैं किसान संघ के प्रतिनिधि
मिल में चिप के माध्यम से गड़बड़ी के आरोप में दर्ज है पुलिस में मामला, नहीं सुलझ पाई है चिप की गुत्थी
फोटो नंबर 6
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शुगर मिल के धर्मकांटे में मिली चिप को लेकर घोटाले का आरोप लगाकर 15 दिन से धरना दे रहे किसानों के संघर्ष के बीच वीरवार को मिल के एमडी का तबादला कर दिया गया है। सरकार ने उन्हें भिवानी में सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। किसान इसे अपने संघर्ष की जीत बता रहे हैं और ऐलान किया है कि संघ द्वारा ऐसे अधिकारियों का हर जगह विरोध किया जाएगा। तबादले के बाद एमडी से संपर्क करने के बावजूद बातचीत नहीं हो पाई। डीसी धर्मबीर सिंह ने तबादले की पुष्टि की है।
मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने एमडी शुगर मिल कंवर सिंह का तबादला भिवानी में बतौर सिटी मजिस्ट्रेट के लिए कर दिया गया है। उनके स्थान पर भिवानी के सिटी मजिस्ट्रेट वेदप्रकाश को कैथल शुगर मिल का एमडी लगाया गया है। डीसी धर्मबीर सिंह ने तबादले की पुष्टि करते हुए कहा कि एमडी शुगर मिल का तबादला हो गया है।
वहीं किसान संघ के नेताओं रणदीप आर्य व गुलतान सिंह नैना ने कहा कि यह किसानों के संघर्ष की जीत है। उन्हें आशंका ही नहीं, पूरा विश्वास है कि जिस अधिकारी के कार्यकाल में चिप गड़बड़ी जैसा मामला सामने आया है, उसके यहां रहते हुए निष्पक्ष जांच हो ही नहीं सकती थी। यही कारण है कि अभी तक जांच में कुछ भी सामने नहीं आया है और न ही कोई कार्रवाई हुई है। इस तबादले के बाद जांच निष्पक्ष होने की उम्मीद जगी है। उनकी मांग रहेगी कि चिप गड़बड़ी मामले यदि किसी अधिकारी की संलिप्तता मिलती है तो उसे भी चिप गड़बड़ी मामले में दर्ज केस में 120 धारा के तहत लिया जाए। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि किसान संघ उन अधिकारियों का हर जगह विरोध करेगा, जो देश व समाज विरोधी या सरकारी संस्थान विरोधी सोच रखते हों। संघ की राज्य सरकार से भी मांग है कि ऐसे अधिकारियों को किसी संवेदनशील स्थान पर तैनात न किया जाए। जिससे ऐसे अधिकारियों के माध्यम से समाज को नुकसान न हो।
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15वें दिन किसानों ने अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन
भारतीय किसान संघ द्वारा 15वें दिन धरना शुगर मिल के प्रवेश द्वार पर जारी रहा। जिसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सतीश कुमार ग्योंग ने की। उन्होंने बताया कि चिप घोटाले की जांच में हो रही देरी के विरोध में किसानों द्वारा अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया गया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। उन्होंने आरोप लगते हुए बताया कि सहकारी मंत्री को बचाने के लिए सरकार शुगर में चिप घोटाले पर चुप्पी साध रही है। इस धरने में उपाध्यक्ष पाला राम क्योड़क, रामफल सिंह फतेहपुर भूख हड़ताल पर बैठे। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा शुगर मिल के चिप घोटाले की जांच के लिए एसआईटी गठित की। जब तक चिप घोटाले के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक धरना जारी रहेगा। इस मौके पर रणदीप आर्य, गुलतान नैन, जिला उपाध्यक्ष राम मोहन, पाला राम, सूरजभान, राजीव नैना, छोटा राम, रमेश नैना, रकम सिंह, ऋषिपाल नैना, महेंद्र, दीपक वालिया, प्रदीप नरड़, गुलाब नरड़, कुलविंद्र, दरबारा, जरनैल, कुलविंद्र, सुखदेव, रामफल, महावीर, विक्रम, मगर सिंह दयौरा मौजूद रहे।
क्या है चिप गड़बड़ी मामला : कैथल शुगर मिल में लगे धर्मकांटे में एक चिप मिली थी। जिसे धर्मकांटा संचालक कंपनी के इंजीनियर ने पकड़ा था। इस चिप के मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिसमें कहा गया है कि चिप के माध्यम से रिमोट से वजन को नियंत्रित करके गड़बड़ी की गई है। पुलिस को काफी दिन बाद यह चिप दी गई। इसके बाद अभी तक पुलिस भी चिप को लेकर कोई खुलासा नहीं कर पाई है कि यह कैसे संचालित होती थी और इसे लगाने का उद्देश्य क्या रहा होगा? इस मामले की तीन स्तरीय जांच चल रही है। जिसमें एसडीएम कमलप्रीत कौर द्वारा, पुलिस द्वारा व शुगर मिल के डायरेक्टर्स की गठित एसआईटी द्वारा जांच की जा रही है। वहीं किसान संघ मिल के प्रवेश द्वार पर 15 दिनों से धरना देकर इस पूरे मामले में जांच कर गड़बड़ी का खुलासा करने व दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।
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शुगर मिल परिसर के बाहर 15 दिनों से धरने पर बैठे हैं किसान संघ के प्रतिनिधि
मिल में चिप के माध्यम से गड़बड़ी के आरोप में दर्ज है पुलिस में मामला, नहीं सुलझ पाई है चिप की गुत्थी
फोटो नंबर 6
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। शुगर मिल के धर्मकांटे में मिली चिप को लेकर घोटाले का आरोप लगाकर 15 दिन से धरना दे रहे किसानों के संघर्ष के बीच वीरवार को मिल के एमडी का तबादला कर दिया गया है। सरकार ने उन्हें भिवानी में सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है। किसान इसे अपने संघर्ष की जीत बता रहे हैं और ऐलान किया है कि संघ द्वारा ऐसे अधिकारियों का हर जगह विरोध किया जाएगा। तबादले के बाद एमडी से संपर्क करने के बावजूद बातचीत नहीं हो पाई। डीसी धर्मबीर सिंह ने तबादले की पुष्टि की है।
मिली जानकारी के अनुसार सरकार ने एमडी शुगर मिल कंवर सिंह का तबादला भिवानी में बतौर सिटी मजिस्ट्रेट के लिए कर दिया गया है। उनके स्थान पर भिवानी के सिटी मजिस्ट्रेट वेदप्रकाश को कैथल शुगर मिल का एमडी लगाया गया है। डीसी धर्मबीर सिंह ने तबादले की पुष्टि करते हुए कहा कि एमडी शुगर मिल का तबादला हो गया है।
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वहीं किसान संघ के नेताओं रणदीप आर्य व गुलतान सिंह नैना ने कहा कि यह किसानों के संघर्ष की जीत है। उन्हें आशंका ही नहीं, पूरा विश्वास है कि जिस अधिकारी के कार्यकाल में चिप गड़बड़ी जैसा मामला सामने आया है, उसके यहां रहते हुए निष्पक्ष जांच हो ही नहीं सकती थी। यही कारण है कि अभी तक जांच में कुछ भी सामने नहीं आया है और न ही कोई कार्रवाई हुई है। इस तबादले के बाद जांच निष्पक्ष होने की उम्मीद जगी है। उनकी मांग रहेगी कि चिप गड़बड़ी मामले यदि किसी अधिकारी की संलिप्तता मिलती है तो उसे भी चिप गड़बड़ी मामले में दर्ज केस में 120 धारा के तहत लिया जाए। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि किसान संघ उन अधिकारियों का हर जगह विरोध करेगा, जो देश व समाज विरोधी या सरकारी संस्थान विरोधी सोच रखते हों। संघ की राज्य सरकार से भी मांग है कि ऐसे अधिकारियों को किसी संवेदनशील स्थान पर तैनात न किया जाए। जिससे ऐसे अधिकारियों के माध्यम से समाज को नुकसान न हो।
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15वें दिन किसानों ने अर्धनग्न होकर किया प्रदर्शन
भारतीय किसान संघ द्वारा 15वें दिन धरना शुगर मिल के प्रवेश द्वार पर जारी रहा। जिसकी अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सतीश कुमार ग्योंग ने की। उन्होंने बताया कि चिप घोटाले की जांच में हो रही देरी के विरोध में किसानों द्वारा अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया गया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। उन्होंने आरोप लगते हुए बताया कि सहकारी मंत्री को बचाने के लिए सरकार शुगर में चिप घोटाले पर चुप्पी साध रही है। इस धरने में उपाध्यक्ष पाला राम क्योड़क, रामफल सिंह फतेहपुर भूख हड़ताल पर बैठे। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा शुगर मिल के चिप घोटाले की जांच के लिए एसआईटी गठित की। जब तक चिप घोटाले के आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक धरना जारी रहेगा। इस मौके पर रणदीप आर्य, गुलतान नैन, जिला उपाध्यक्ष राम मोहन, पाला राम, सूरजभान, राजीव नैना, छोटा राम, रमेश नैना, रकम सिंह, ऋषिपाल नैना, महेंद्र, दीपक वालिया, प्रदीप नरड़, गुलाब नरड़, कुलविंद्र, दरबारा, जरनैल, कुलविंद्र, सुखदेव, रामफल, महावीर, विक्रम, मगर सिंह दयौरा मौजूद रहे।
क्या है चिप गड़बड़ी मामला : कैथल शुगर मिल में लगे धर्मकांटे में एक चिप मिली थी। जिसे धर्मकांटा संचालक कंपनी के इंजीनियर ने पकड़ा था। इस चिप के मिलने के बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया है। जिसमें कहा गया है कि चिप के माध्यम से रिमोट से वजन को नियंत्रित करके गड़बड़ी की गई है। पुलिस को काफी दिन बाद यह चिप दी गई। इसके बाद अभी तक पुलिस भी चिप को लेकर कोई खुलासा नहीं कर पाई है कि यह कैसे संचालित होती थी और इसे लगाने का उद्देश्य क्या रहा होगा? इस मामले की तीन स्तरीय जांच चल रही है। जिसमें एसडीएम कमलप्रीत कौर द्वारा, पुलिस द्वारा व शुगर मिल के डायरेक्टर्स की गठित एसआईटी द्वारा जांच की जा रही है। वहीं किसान संघ मिल के प्रवेश द्वार पर 15 दिनों से धरना देकर इस पूरे मामले में जांच कर गड़बड़ी का खुलासा करने व दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहा है।