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हाईकोर्ट ने कैथल डीसी को एक सप्ताह में अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक की तिथि घोषित करने के आदेश जारी किए
Updated Fri, 11 Aug 2017 12:12 AM IST
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हाईकोर्ट ने कैथल डीसी को एक सप्ताह में बैठक की तिथि घोषित करने के आदेश जारी किए
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद कैथल के चेयरमैन यशपाल प्रजापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग कर रहे 22 पार्षदों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत प्रदान की है। कोर्ट ने पार्षदों की याचिका पर सुनवाई करते हुए कैथल डीसी को एक सप्ताह में अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक की तिथि निर्धारित किए जाने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही अगली सुनवाई 6 सितंबर निर्धारित करते हुए डीसी को शपथ पत्र के साथ बैठक की कार्रवाई हाईकोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए कहा है। डीसी ने कोर्ट के आदेशों की प्रति मिलने की बात से इंकार किया है। वहीं दूसरी ओर चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने शहर में प्राचीन 7 द्वारों के निर्माण सहित करीब 4 से 5 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लिए दोबारा से टेंडर आमंत्रित किए हैं। पूर्व में जीएसटी के चलते किसी ठेकेदार ने आवेदन नहीं किया था।
विदित रहे कि भाजपा समर्थित करीब 14 व 8 कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने गत 23 जुलाई को डीसी को शपथ पत्र देकर चेयरमैन यशपाल प्रजापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक बुलाए जाने की मांग की थी। इस मामले में डीसी द्वारा बैठक न बुलाए जाने के चलते पार्षदों ने 27 जुलाई को डीसी से मिलकर मांग की। इसी बीच पार्षद विनोद सोनी पर रात को हमला भी हुआ था। मामले में लगातार लंबित रखने जाने के रोष में असंतुष्ट 22 पार्षदों के गुट ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में मंगलवार 8 अगस्त को याचिका दायर की थी। जिसमें वीरवार को सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय ने कैथल डीसी को आदेश जारी किए हैं।
उधर, डीसी सुनीता वर्मा का कहना है कि उन्हें अभी हाईकोर्ट के आदेशों की प्रति नहीं मिली है। जैसे भी आदेश होंगे, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
असंतुष्ट पार्षदों के खेमे का कहना है कि माननीय हाईकोर्ट से उन्हें बड़ी राहत मिली है। अब डीसी को एक सप्ताह में बैठक बुलाने का आदेश जारी करना होगा। उन्हें पूरा विश्वास है कि बैठक में चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होगा और उन्हें पद छोड़ना पड़ेगा।
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चेयरमैन ने जारी किए टेंडर : नगर परिषद चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने कहा कि वीरवार को शहर में लंबित कार्यों के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। पूर्व में जीएसटी के चलते किसी ठेकेदार ने टेंडर नहीं भरे थे। अब दोबारा से टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। जिसमें शहर में प्राचीन सात द्वारों के अलावा कई तरह के विकास कार्य शामिल हैं। वे शहर के विकास के लिए प्रयासरत हैं। हाईकोर्ट के आदेशों के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। उनके पास बहुमत है और इसे साबित किया जाएगा।
उधर, भाजपा द्वारा गठित 9 सदस्यीय कमेटी के सदस्य अरुण सर्राफ ने कहा कि डीसी चाहे जब मर्जी बैठक बुला सकती हैं। चेयरमैन यशपाल प्रजापति रहेंगे। इसके लिए पार्षदों से भी बातचीत की जा रही है। कुछ और पार्षदों को शीघ्र मना लिया जाएगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। नगर परिषद कैथल के चेयरमैन यशपाल प्रजापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव की मांग कर रहे 22 पार्षदों को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने बड़ी राहत प्रदान की है। कोर्ट ने पार्षदों की याचिका पर सुनवाई करते हुए कैथल डीसी को एक सप्ताह में अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक की तिथि निर्धारित किए जाने के आदेश जारी किए हैं। साथ ही अगली सुनवाई 6 सितंबर निर्धारित करते हुए डीसी को शपथ पत्र के साथ बैठक की कार्रवाई हाईकोर्ट में प्रस्तुत करने के लिए कहा है। डीसी ने कोर्ट के आदेशों की प्रति मिलने की बात से इंकार किया है। वहीं दूसरी ओर चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने शहर में प्राचीन 7 द्वारों के निर्माण सहित करीब 4 से 5 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लिए दोबारा से टेंडर आमंत्रित किए हैं। पूर्व में जीएसटी के चलते किसी ठेकेदार ने आवेदन नहीं किया था।
विदित रहे कि भाजपा समर्थित करीब 14 व 8 कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने गत 23 जुलाई को डीसी को शपथ पत्र देकर चेयरमैन यशपाल प्रजापति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक बुलाए जाने की मांग की थी। इस मामले में डीसी द्वारा बैठक न बुलाए जाने के चलते पार्षदों ने 27 जुलाई को डीसी से मिलकर मांग की। इसी बीच पार्षद विनोद सोनी पर रात को हमला भी हुआ था। मामले में लगातार लंबित रखने जाने के रोष में असंतुष्ट 22 पार्षदों के गुट ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में मंगलवार 8 अगस्त को याचिका दायर की थी। जिसमें वीरवार को सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय ने कैथल डीसी को आदेश जारी किए हैं।
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उधर, डीसी सुनीता वर्मा का कहना है कि उन्हें अभी हाईकोर्ट के आदेशों की प्रति नहीं मिली है। जैसे भी आदेश होंगे, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
असंतुष्ट पार्षदों के खेमे का कहना है कि माननीय हाईकोर्ट से उन्हें बड़ी राहत मिली है। अब डीसी को एक सप्ताह में बैठक बुलाने का आदेश जारी करना होगा। उन्हें पूरा विश्वास है कि बैठक में चेयरमैन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित होगा और उन्हें पद छोड़ना पड़ेगा।
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चेयरमैन ने जारी किए टेंडर : नगर परिषद चेयरमैन यशपाल प्रजापति ने कहा कि वीरवार को शहर में लंबित कार्यों के लिए टेंडर जारी किए गए हैं। पूर्व में जीएसटी के चलते किसी ठेकेदार ने टेंडर नहीं भरे थे। अब दोबारा से टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। जिसमें शहर में प्राचीन सात द्वारों के अलावा कई तरह के विकास कार्य शामिल हैं। वे शहर के विकास के लिए प्रयासरत हैं। हाईकोर्ट के आदेशों के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। उनके पास बहुमत है और इसे साबित किया जाएगा।
उधर, भाजपा द्वारा गठित 9 सदस्यीय कमेटी के सदस्य अरुण सर्राफ ने कहा कि डीसी चाहे जब मर्जी बैठक बुला सकती हैं। चेयरमैन यशपाल प्रजापति रहेंगे। इसके लिए पार्षदों से भी बातचीत की जा रही है। कुछ और पार्षदों को शीघ्र मना लिया जाएगा।