{"_id":"5b7ef30c42c7924661544694","slug":"111535046412-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"गांव का पानी कितना है शुद्ध, अब इसकी जांच स्वयं कर सकेंगे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गांव का पानी कितना है शुद्ध, अब इसकी जांच स्वयं कर सकेंगे ग्रामीण
Updated Thu, 23 Aug 2018 11:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गांव का पानी कितना है शुद्ध स्वयं जांच सकेंगे किसान
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए चेन्नई से फील्ड टेस्टिंग किट मंगवाई
फोटो नंबर-14
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए चेन्नई से फील्ड टेस्टिंग किट मंगवाई हैं। जिसमें पानी डालकर रखने के बाद 30 से 35 डिग्री तापमान पर 12 से 24 घंटे में पानी की गुणवत्ता का प्रमाण मिलता है। किट में डालने के बाद पानी काला हो गया तो वह पीने योग्य नहीं है। ऐसे गांव में पानी की शुद्धता को लेकर विभाग की ओर से समाधान के प्रयास किए जाएंगे। मंगवाई गई 1200 किटों को सभी गांव में बांटा जाएगा। विभाग के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने अपने कार्यालय में इसके लिए ब्लॉक रिसोर्स को-ऑर्डिनेटर की बैठक बुलाई। जहां किट बांटने के लिए ब्लॉक रिसोर्ट को-ऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी लगाई गई है।
दीपक ने बताया कि जिले में 277 ग्राम पंचायतें हैं जिन्हें विभाग द्वारा पानी की शुद्धता जांचने के लिए किट दी जाएगी। ताकि ग्रामवासी अपने यहां जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा दी जा रही पानी की सप्लाई की जांच कर सकें। कई बार पाइप लाइन में लीकेज होने के कारण पानी दूषित हो जाता है। कहीं भी लीकेज दिखती है तो विभाग के टोल फ्री नंबर 1800180 5678 पर शिकायत दर्ज कराएं। किट द्वारा कि गई जांच में पानी का सैंपल फेल हो जाता है तो जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की लैब में पानी दोबारा चेक किया जाएगा। यहां भी पानी का सैंपल फेल हो जाता है तो विभाग पानी दूषित होने का कारण जानकर उसका समाधान करेगा। यदि ट्यूबवेेल में कमी मिलती है तो उसकी जगह दूसरा ट्यूबवेल भी लगाया जाएगा।
विज्ञापन
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए चेन्नई से फील्ड टेस्टिंग किट मंगवाई
फोटो नंबर-14
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए चेन्नई से फील्ड टेस्टिंग किट मंगवाई हैं। जिसमें पानी डालकर रखने के बाद 30 से 35 डिग्री तापमान पर 12 से 24 घंटे में पानी की गुणवत्ता का प्रमाण मिलता है। किट में डालने के बाद पानी काला हो गया तो वह पीने योग्य नहीं है। ऐसे गांव में पानी की शुद्धता को लेकर विभाग की ओर से समाधान के प्रयास किए जाएंगे। मंगवाई गई 1200 किटों को सभी गांव में बांटा जाएगा। विभाग के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने अपने कार्यालय में इसके लिए ब्लॉक रिसोर्स को-ऑर्डिनेटर की बैठक बुलाई। जहां किट बांटने के लिए ब्लॉक रिसोर्ट को-ऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी लगाई गई है।
दीपक ने बताया कि जिले में 277 ग्राम पंचायतें हैं जिन्हें विभाग द्वारा पानी की शुद्धता जांचने के लिए किट दी जाएगी। ताकि ग्रामवासी अपने यहां जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग द्वारा दी जा रही पानी की सप्लाई की जांच कर सकें। कई बार पाइप लाइन में लीकेज होने के कारण पानी दूषित हो जाता है। कहीं भी लीकेज दिखती है तो विभाग के टोल फ्री नंबर 1800180 5678 पर शिकायत दर्ज कराएं। किट द्वारा कि गई जांच में पानी का सैंपल फेल हो जाता है तो जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की लैब में पानी दोबारा चेक किया जाएगा। यहां भी पानी का सैंपल फेल हो जाता है तो विभाग पानी दूषित होने का कारण जानकर उसका समाधान करेगा। यदि ट्यूबवेेल में कमी मिलती है तो उसकी जगह दूसरा ट्यूबवेल भी लगाया जाएगा।
विज्ञापन