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स्टांप, रजिस्टरी लिखने व इंतकाल चढ़ाने तक का कार्य एक ही छत के नीचे होगा
Updated Tue, 03 Jul 2018 12:17 AM IST
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स्टांप, रजिस्टरी लिखने और इंतकाल चढ़ाने तक का कार्य एक ही छत के नीचे होगा
तहसीलदार कार्यालय में आमूल-चूल परिवर्तन
अब रजिस्ट्री के लिए नहीं भटकना पड़ेगा लोगों को, इसी सप्ताह होगी तहसील कार्यालय में ई-दिशा केंद्र की शुरुआत
सात काउंटर बनाए तहसील कार्यालय में, सभी तहसील कार्यालयों में लागू होगा सिस्टम
फोटो संख्या-27 व 28
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। तहसील कार्यालय में अब रजिस्ट्री व फरद जैसे कार्यों के लिए लोगों को भटकने की जरुरत नहीं पड़ेगी। कार्यालय में ई-दिशा केंद्र विकसित कर दिया गया है। जिसमें बनाए गए सात काउंटरों पर रजिस्ट्री लिखवाने से लेकर स्टांप बनवाने, रजिस्ट्री के कागजात जमा करवाने व इंतकाल तक का सारा कार्य ऑनलाइन होगा। यहीं से फरद मिलेंगी और जमीन संबंधी अन्य कार्य होंगे। यह ई-दिशा केंद्र बनकर पूरी तरह से तैयार है। इसी तरह के ई-दिशा केंद्र जिले की सभी तहसील कार्यालयों में बनाए जाएंगे।
सात काउंटर बनाए गए हैं नए ई-दिशा केंद्र में:-
तहसीलदार कार्यालय को ई-दिशा केंद्र के लिए पूरी तरह से बदल दिया गया है। यहां पर सात नए काउंटर लगाए गए हैं। जिनमें काम से संबंधित लोगों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है और अपनी बारी का इंतजार करने के लिए लोगों के बैठने की अलग से व्यवस्था है। इन्हीं सात नए काउंटरों के माध्यम से रजिस्टरी संबंधी काम होना है। पहले यह काम दो काउंटरों से हो रहा था। पहले रजिस्ट्री बाहर से लिखवाई जाती थी, बैंक मेें जाकर स्टांप लेना पड़ता था। एक काउंटर पर फीस जमा करवाने के बाद रजिस्टरी के कागजात जमा होते थे। फिर पटवारी से इंतकाल चढ़वाना होता था। अब इस पूरी प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी।
ऐसे होगा काम:-
नए ई-दिशा केंद्र में रजिस्टरी लिखवाई जाएगी। यहीं पर बैंक कर्मचारी द्वारा स्टांप जनरेट किया जाएगा। इसके बाद रजिस्टरी की फीस जमा होगी। फिर रजिस्टरी क्लर्क रजिस्टरी संबंधी कागजातों को ऑनलाइन करेगा। इसके बाद पटवारी द्वारा रजिस्टरी कर दी जाएगी। बाद में पटवारी द्वारा यहीं पर इंतकाल चढ़ाया जाएगा।
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ऐसे लगाए गए हैं सात काउंटर
पूरे सिस्टम को वेब हेलरिस सॉफ्टवेयर के माध्यम से विकसित किया गया है। जिसमें सबसे पहले काउंटर पर बैंक कर्मचारी बैठेगा। जो स्टांप जनरेट करेगा। फिर दूसरे काउंटर पर टोकन मिलेगा। तीसरे काउंटर पर रजिस्ट्री क्लर्क नंबर अनुसार आवेदनकर्ता के कागजातों को ऑनलाइन फीड करेगा। इसके बाद चौथे काउंटर में रजिस्ट्री पर ड्यूटी पटवारी रजिस्टरी करेंगे। 5 से लेकर 7 नंबर काउंटर पर इंतकाल किया जाएगा। इन्हीं काउंटरों पर से फर्द व जमीन संबंधी अन्य कार्य होंगे। एक दिन में एक तहसील पर 60 रजिस्टरी हो सकेंगी।
डाटा रहेगा ऑनलाइन सुरक्षित, पूरे प्रदेश का सर्वर एक हुआ:
नई योजना के तहत पूरे प्रदेश का सर्वर अब पंचकुला में होगा। डाटा सुरक्षित रहेगा। इसके चोरी होने व खराब होने जैसी संभावनाएं ना के बराबर हैं। ऑनलाइन सेवाओं के कारण अपनी रजिस्ट्री संबंधी आवेदन को ऑनलाइन भी जांचा जा सकेगा।
तहसीलदार छोटू राम का कहना है कि वेब हेलरिस हर जिलास्तर पर शुरू किया गया है। इसे लागू कर दिया गया है। शुरुआती परेशानियां हैं। इन्हें दूर किया जाएगा। इंतकाल, जमाबंदी सहित सब कुछ ऑनलाइन हो जाएगा। इसका सर्वर एक है। जिससे डाटा सुरक्षित रहेगा। कैथल, पूंडरी, चीका व गुहला-चीका तहसीलों के साथ-साथ सब तहसीलों में भी किया जाएगा।
तहसीलदार कार्यालय में आमूल-चूल परिवर्तन
अब रजिस्ट्री के लिए नहीं भटकना पड़ेगा लोगों को, इसी सप्ताह होगी तहसील कार्यालय में ई-दिशा केंद्र की शुरुआत
सात काउंटर बनाए तहसील कार्यालय में, सभी तहसील कार्यालयों में लागू होगा सिस्टम
फोटो संख्या-27 व 28
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। तहसील कार्यालय में अब रजिस्ट्री व फरद जैसे कार्यों के लिए लोगों को भटकने की जरुरत नहीं पड़ेगी। कार्यालय में ई-दिशा केंद्र विकसित कर दिया गया है। जिसमें बनाए गए सात काउंटरों पर रजिस्ट्री लिखवाने से लेकर स्टांप बनवाने, रजिस्ट्री के कागजात जमा करवाने व इंतकाल तक का सारा कार्य ऑनलाइन होगा। यहीं से फरद मिलेंगी और जमीन संबंधी अन्य कार्य होंगे। यह ई-दिशा केंद्र बनकर पूरी तरह से तैयार है। इसी तरह के ई-दिशा केंद्र जिले की सभी तहसील कार्यालयों में बनाए जाएंगे।
सात काउंटर बनाए गए हैं नए ई-दिशा केंद्र में:-
तहसीलदार कार्यालय को ई-दिशा केंद्र के लिए पूरी तरह से बदल दिया गया है। यहां पर सात नए काउंटर लगाए गए हैं। जिनमें काम से संबंधित लोगों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है और अपनी बारी का इंतजार करने के लिए लोगों के बैठने की अलग से व्यवस्था है। इन्हीं सात नए काउंटरों के माध्यम से रजिस्टरी संबंधी काम होना है। पहले यह काम दो काउंटरों से हो रहा था। पहले रजिस्ट्री बाहर से लिखवाई जाती थी, बैंक मेें जाकर स्टांप लेना पड़ता था। एक काउंटर पर फीस जमा करवाने के बाद रजिस्टरी के कागजात जमा होते थे। फिर पटवारी से इंतकाल चढ़वाना होता था। अब इस पूरी प्रक्रिया से मुक्ति मिलेगी।
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ऐसे होगा काम:-
नए ई-दिशा केंद्र में रजिस्टरी लिखवाई जाएगी। यहीं पर बैंक कर्मचारी द्वारा स्टांप जनरेट किया जाएगा। इसके बाद रजिस्टरी की फीस जमा होगी। फिर रजिस्टरी क्लर्क रजिस्टरी संबंधी कागजातों को ऑनलाइन करेगा। इसके बाद पटवारी द्वारा रजिस्टरी कर दी जाएगी। बाद में पटवारी द्वारा यहीं पर इंतकाल चढ़ाया जाएगा।
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ऐसे लगाए गए हैं सात काउंटर
पूरे सिस्टम को वेब हेलरिस सॉफ्टवेयर के माध्यम से विकसित किया गया है। जिसमें सबसे पहले काउंटर पर बैंक कर्मचारी बैठेगा। जो स्टांप जनरेट करेगा। फिर दूसरे काउंटर पर टोकन मिलेगा। तीसरे काउंटर पर रजिस्ट्री क्लर्क नंबर अनुसार आवेदनकर्ता के कागजातों को ऑनलाइन फीड करेगा। इसके बाद चौथे काउंटर में रजिस्ट्री पर ड्यूटी पटवारी रजिस्टरी करेंगे। 5 से लेकर 7 नंबर काउंटर पर इंतकाल किया जाएगा। इन्हीं काउंटरों पर से फर्द व जमीन संबंधी अन्य कार्य होंगे। एक दिन में एक तहसील पर 60 रजिस्टरी हो सकेंगी।
डाटा रहेगा ऑनलाइन सुरक्षित, पूरे प्रदेश का सर्वर एक हुआ:
नई योजना के तहत पूरे प्रदेश का सर्वर अब पंचकुला में होगा। डाटा सुरक्षित रहेगा। इसके चोरी होने व खराब होने जैसी संभावनाएं ना के बराबर हैं। ऑनलाइन सेवाओं के कारण अपनी रजिस्ट्री संबंधी आवेदन को ऑनलाइन भी जांचा जा सकेगा।
तहसीलदार छोटू राम का कहना है कि वेब हेलरिस हर जिलास्तर पर शुरू किया गया है। इसे लागू कर दिया गया है। शुरुआती परेशानियां हैं। इन्हें दूर किया जाएगा। इंतकाल, जमाबंदी सहित सब कुछ ऑनलाइन हो जाएगा। इसका सर्वर एक है। जिससे डाटा सुरक्षित रहेगा। कैथल, पूंडरी, चीका व गुहला-चीका तहसीलों के साथ-साथ सब तहसीलों में भी किया जाएगा।