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वातावरण जनित बीमारियों के फैलने के कारण तलाश रही केंद्र सरकार
Updated Tue, 27 Jun 2017 11:55 PM IST
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वातावरण जनित बीमारियों के फैलने के कारण तलाश रही केंद्र सरकार
-पीजीआई चंडीगढ़ को सौंपा प्रोजेक्ट, 16 सदस्यीय टीम ने शुरू किया काम
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। प्रदेश में कैंसर सहित वातावरण जनित बीमारियां क्यों फैल रही हैं, इसका कारण ढूंढने के लिए केंद्र सरकार ने पीजीआई चंडीगढ़ को प्रोजेक्ट सौंपा है। ताकि इन बीमारियों के कारणों का पता लगाकर राष्ट्रीय स्तर पर नीति बनाई जा सके। पीजीआई द्वारा इसके लिए एनसीडी सर्वे करवाया जा रहा है। जिसमें प्रदेश भर से साढ़े पांच हजार लोगों की जानकारी एकत्रित की जा रही है। इसमें उनकी जीवन शैली, कद, वजन, ब्लड प्रेशर की जानकारी के साथ-साथ खून और यूरिन के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। टीम द्वारा जिले के 4 वार्डों व 6 गांवों में 280 लोगों का सर्वे किया जाएगा।
पीजीआई से आई 16 सदस्यीय द्वारा टीम कैंसर, शुगर, ब्लड प्रेशर, मानसिक रोग, हृदय संबंधित रोग जैसी गंभीर और सामान्य बीमारियों के कारण खोजने के लिए सर्वे किया जा रहा है।
अब तक 9 जिलों में हो चुका है सर्वे
पीजीआई के डॉ. जेएस ठाकुर के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में यह सर्वे किया जा रहा है। अब तक 9 जिलों में सर्वे हो चुका है। जींद में कैंसर के काफी मरीज पाए गए हैं। हालांकि अभी डाटा का विश्लेषण नहीं किया गया है। सितंबर माह तक यह सर्वे पूरा किया जाएगा।
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इस तरह से जानकारी जुटा रही है टीम
कैथल पहुंची टीम पीजीआई से पीएचडी स्टूडेंट डॉ. रिया नांगिया के नेतृत्व में 16 सदस्यीय टीम के दो दल बनाए गए हैं। जो कैथल शहर के 2 वार्डों वार्ड नंबर 22 व 31, चीका के दो वार्डों 2 व 16 के अलावा गांव सरौला, अगौंध, थेहबनहेड़ा, बंदराना, बाकल व रत्ताखेड़ा लुकमान में 35-35 लोगों का सर्वे करेगी। टीम को टैब दिए गए हैं, जो मौके पर ही रेंडमली ऑनलाइन बताएगा कि परिवार से कितनी उम्र के और किस-किस व्यक्ति, महिला अथवा बच्चे का सर्वे करना है। इस टैब में टीम को महज परिवार की जानकारी अपलोड करनी है कि परिवार में कितने बच्चे हैं, कितनी महिलाएं व पुरुष हैं और उनकी आयु कितनी है। इसके बाद उस परिवार से ऑनलाइन जानकारी मिलेगी कि किस-किस व्यक्ति का सर्वे किया जाना है। ताकि सभी उम्र व महिला अथवा पुरुष के सर्वे में सामंजस्य बना रहे।
लगातार बढ़ती जा रही बीमारियों के कारणाें की हो रही है खोज
टीम इंचार्ज डॉ. रिया नांगिया के अनुसार पूरे प्रदेश ही नहीं देश भर मेें बीपी, शुगर सहित हृदय व मानसिक रोग इतने बढ़ गए हैं कि बाद में इनसे गंभीर बीमारियां हो जाती हैं। नॉन कम्यूनिकेबल डिजिज के कारणों यह सर्वे किया जा रहा है। जिसमें उनके साथ एलटी व सोशल वर्करों की कुल 16 की टीम है। गत अप्रैल माह से शुरू हुए इस सर्वे का काम सितंबर माह में पूरा होना है। इसमें ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया गया है। जिसमें बच्चों, महिलाओं व पुरुषों का समान रूप से सर्वे होगा।
सर्वे में स्थानीय स्तर पर सहयोग कर रहे जिला महामारी अधिकारी शमशेर सिंह ने कहा कि यह ग्राउंड स्तर पर जानकारी जुटाने का माध्यम है। इस सर्वे से मिली जानकारी के आधार पर ही राष्ट्रीय स्तर पर नीतियां बनेंगी। जिससे लोगों को काफी लाभ होगा।
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-पीजीआई चंडीगढ़ को सौंपा प्रोजेक्ट, 16 सदस्यीय टीम ने शुरू किया काम
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। प्रदेश में कैंसर सहित वातावरण जनित बीमारियां क्यों फैल रही हैं, इसका कारण ढूंढने के लिए केंद्र सरकार ने पीजीआई चंडीगढ़ को प्रोजेक्ट सौंपा है। ताकि इन बीमारियों के कारणों का पता लगाकर राष्ट्रीय स्तर पर नीति बनाई जा सके। पीजीआई द्वारा इसके लिए एनसीडी सर्वे करवाया जा रहा है। जिसमें प्रदेश भर से साढ़े पांच हजार लोगों की जानकारी एकत्रित की जा रही है। इसमें उनकी जीवन शैली, कद, वजन, ब्लड प्रेशर की जानकारी के साथ-साथ खून और यूरिन के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। टीम द्वारा जिले के 4 वार्डों व 6 गांवों में 280 लोगों का सर्वे किया जाएगा।
पीजीआई से आई 16 सदस्यीय द्वारा टीम कैंसर, शुगर, ब्लड प्रेशर, मानसिक रोग, हृदय संबंधित रोग जैसी गंभीर और सामान्य बीमारियों के कारण खोजने के लिए सर्वे किया जा रहा है।
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अब तक 9 जिलों में हो चुका है सर्वे
पीजीआई के डॉ. जेएस ठाकुर के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में यह सर्वे किया जा रहा है। अब तक 9 जिलों में सर्वे हो चुका है। जींद में कैंसर के काफी मरीज पाए गए हैं। हालांकि अभी डाटा का विश्लेषण नहीं किया गया है। सितंबर माह तक यह सर्वे पूरा किया जाएगा।
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इस तरह से जानकारी जुटा रही है टीम
कैथल पहुंची टीम पीजीआई से पीएचडी स्टूडेंट डॉ. रिया नांगिया के नेतृत्व में 16 सदस्यीय टीम के दो दल बनाए गए हैं। जो कैथल शहर के 2 वार्डों वार्ड नंबर 22 व 31, चीका के दो वार्डों 2 व 16 के अलावा गांव सरौला, अगौंध, थेहबनहेड़ा, बंदराना, बाकल व रत्ताखेड़ा लुकमान में 35-35 लोगों का सर्वे करेगी। टीम को टैब दिए गए हैं, जो मौके पर ही रेंडमली ऑनलाइन बताएगा कि परिवार से कितनी उम्र के और किस-किस व्यक्ति, महिला अथवा बच्चे का सर्वे करना है। इस टैब में टीम को महज परिवार की जानकारी अपलोड करनी है कि परिवार में कितने बच्चे हैं, कितनी महिलाएं व पुरुष हैं और उनकी आयु कितनी है। इसके बाद उस परिवार से ऑनलाइन जानकारी मिलेगी कि किस-किस व्यक्ति का सर्वे किया जाना है। ताकि सभी उम्र व महिला अथवा पुरुष के सर्वे में सामंजस्य बना रहे।
लगातार बढ़ती जा रही बीमारियों के कारणाें की हो रही है खोज
टीम इंचार्ज डॉ. रिया नांगिया के अनुसार पूरे प्रदेश ही नहीं देश भर मेें बीपी, शुगर सहित हृदय व मानसिक रोग इतने बढ़ गए हैं कि बाद में इनसे गंभीर बीमारियां हो जाती हैं। नॉन कम्यूनिकेबल डिजिज के कारणों यह सर्वे किया जा रहा है। जिसमें उनके साथ एलटी व सोशल वर्करों की कुल 16 की टीम है। गत अप्रैल माह से शुरू हुए इस सर्वे का काम सितंबर माह में पूरा होना है। इसमें ऐसा सॉफ्टवेयर बनाया गया है। जिसमें बच्चों, महिलाओं व पुरुषों का समान रूप से सर्वे होगा।
सर्वे में स्थानीय स्तर पर सहयोग कर रहे जिला महामारी अधिकारी शमशेर सिंह ने कहा कि यह ग्राउंड स्तर पर जानकारी जुटाने का माध्यम है। इस सर्वे से मिली जानकारी के आधार पर ही राष्ट्रीय स्तर पर नीतियां बनेंगी। जिससे लोगों को काफी लाभ होगा।