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ब्लू व्हेल गेम से बचाव के लिए समाज को जागरूक करने की युवाओं ने ली शपथ
Updated Wed, 27 Sep 2017 11:59 PM IST
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समाज को जागरूक करने की युवाओं ने ली शपथ
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जानलेवा ब्लू व्हेल को लेकर बुधवार को आरकेएसडी कॉलेज में सायंकालीन सत्र के दौरान एक सेमिनार आयोजित किया गया। जिसमें प्रोफेसरों व बच्चों ने ब्लू व्हेल के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से चर्चा की। सेमिनार में प्रोफेसरों ने कॉलेज विद्यार्थियों को ब्लू व्हेल गेम से बचाव को लेकर जागरूक किया। बचाव को लेकर अपने अपने विचार प्रकट किए और इसे अपने से और समाज को इससे दूर करने को लेकर शपथ भी ली। सेमिनार की अध्यक्षता प्रिंसिपल हरेंद्र गुप्ता ने किया व मंच संचालन प्रोफेसर मनोज बंसल ने किया।
इंटरनेट के दौर में अच्छाई के साथ बुराई, इससे बचें : प्रिंसिपल हरेंद्र गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में इंटरनेट के दौर में इसकी अच्छाई के साथ बुराईयों में कोई कमी नहीं हैं। ब्लू व्हेल गेम युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। यह युवाओं को अकेलापन महसूस करवाकर उसकी जान लेने पर उतारू है। अमर उजाला ने इसके प्रति जागरूकता को लेकर जो अभियान चलाया यह काफी सराहनीय हैं।
मोबाइल स्मार्ट, स्मार्ट के चक्कर में युवा ग्वा रहे भविष्य : प्रोफेसर अजय मित्तल ने कहा कि मोबाइल स्मार्ट हो रहे हैं। इसका प्रयोग मनोरंजन के मद्देनजर एफबी, व्हाट्सएप जैसी सोशल साइट्स के लिए किया जाता है। लेकिन इसके साथ साथ स्कूल हो या कॉलेज विद्यार्थी वे मनोरंजन की दृष्टि से गेम्स की लोकप्रियता बढ़ी है। पहले कभी कोई गेम जानलेवा नहीं हुई लेकिन वर्ष 2013 में रूस से शुरू हुई गेम अब भारत में आकर युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो रही है। प्राध्यापक मनोज बंसल ने कहा कि हमारे देश में साइबर लॉक की सुविधा काफी कमजोर स्थिति में है। यह पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है। इसे मजबूत करने के लिए सरकार को विशेष कदम उठाने चाहिए।
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विद्यार्थियों ने बचाव पर किए विचार प्रकट, ली शपथ : सेमिनार में विद्यार्थियों द्वारा ब्लू व्हेल गेम से बचाव व उसके प्रति जागरूकता पर अपने विचार प्रकट किए। छात्र धारणा ने कहा कि ब्लू व्हेल गेम के लिंक सोशल साईटस पर धड़ल्ले से आते हैं। इसलिए फोन में डाटा सेवर को रखें जिससे ऐसे लिंक आने पर डाटा वायरल न हो सके। छात्र मनप्रीत ने कहा कि सरकार इसे पूरी तरह से बैन करें ताकि किसी की जान न जाए। छात्रा रीना ने कहा कि इस गेम को लेकर लगातार सोशल साइट्स पर लिंक वायरल होते है। हमे उससे बचना चाहिए। इस मौके पर प्रोफेसर मोहित बिंदलिश, मीनू भुटानी, श्वेता गुप्ता, मुकेश, अजय मित्तल, नितिन मित्तल, रीना, कुसुम लता सहित अन्य मौजूद रहे।
आरकेएसडी कॉलेज में ब्लू व्हेल गेम से बचाव के लिए सेमिनार
ब्लू व्हेल गेम पर अमर उजाला का अभियान
फोटो नंबर-5,6
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अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। जानलेवा ब्लू व्हेल को लेकर बुधवार को आरकेएसडी कॉलेज में सायंकालीन सत्र के दौरान एक सेमिनार आयोजित किया गया। जिसमें प्रोफेसरों व बच्चों ने ब्लू व्हेल के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से चर्चा की। सेमिनार में प्रोफेसरों ने कॉलेज विद्यार्थियों को ब्लू व्हेल गेम से बचाव को लेकर जागरूक किया। बचाव को लेकर अपने अपने विचार प्रकट किए और इसे अपने से और समाज को इससे दूर करने को लेकर शपथ भी ली। सेमिनार की अध्यक्षता प्रिंसिपल हरेंद्र गुप्ता ने किया व मंच संचालन प्रोफेसर मनोज बंसल ने किया।
इंटरनेट के दौर में अच्छाई के साथ बुराई, इससे बचें : प्रिंसिपल हरेंद्र गुप्ता ने कहा कि वर्तमान में इंटरनेट के दौर में इसकी अच्छाई के साथ बुराईयों में कोई कमी नहीं हैं। ब्लू व्हेल गेम युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। यह युवाओं को अकेलापन महसूस करवाकर उसकी जान लेने पर उतारू है। अमर उजाला ने इसके प्रति जागरूकता को लेकर जो अभियान चलाया यह काफी सराहनीय हैं।
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मोबाइल स्मार्ट, स्मार्ट के चक्कर में युवा ग्वा रहे भविष्य : प्रोफेसर अजय मित्तल ने कहा कि मोबाइल स्मार्ट हो रहे हैं। इसका प्रयोग मनोरंजन के मद्देनजर एफबी, व्हाट्सएप जैसी सोशल साइट्स के लिए किया जाता है। लेकिन इसके साथ साथ स्कूल हो या कॉलेज विद्यार्थी वे मनोरंजन की दृष्टि से गेम्स की लोकप्रियता बढ़ी है। पहले कभी कोई गेम जानलेवा नहीं हुई लेकिन वर्ष 2013 में रूस से शुरू हुई गेम अब भारत में आकर युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो रही है। प्राध्यापक मनोज बंसल ने कहा कि हमारे देश में साइबर लॉक की सुविधा काफी कमजोर स्थिति में है। यह पूरी तरह से सुरक्षित नहीं है। इसे मजबूत करने के लिए सरकार को विशेष कदम उठाने चाहिए।
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विद्यार्थियों ने बचाव पर किए विचार प्रकट, ली शपथ : सेमिनार में विद्यार्थियों द्वारा ब्लू व्हेल गेम से बचाव व उसके प्रति जागरूकता पर अपने विचार प्रकट किए। छात्र धारणा ने कहा कि ब्लू व्हेल गेम के लिंक सोशल साईटस पर धड़ल्ले से आते हैं। इसलिए फोन में डाटा सेवर को रखें जिससे ऐसे लिंक आने पर डाटा वायरल न हो सके। छात्र मनप्रीत ने कहा कि सरकार इसे पूरी तरह से बैन करें ताकि किसी की जान न जाए। छात्रा रीना ने कहा कि इस गेम को लेकर लगातार सोशल साइट्स पर लिंक वायरल होते है। हमे उससे बचना चाहिए। इस मौके पर प्रोफेसर मोहित बिंदलिश, मीनू भुटानी, श्वेता गुप्ता, मुकेश, अजय मित्तल, नितिन मित्तल, रीना, कुसुम लता सहित अन्य मौजूद रहे।
आरकेएसडी कॉलेज में ब्लू व्हेल गेम से बचाव के लिए सेमिनार
ब्लू व्हेल गेम पर अमर उजाला का अभियान
फोटो नंबर-5,6