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जिलेभर में हुई 10 एमएम बारिश
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पिहोवा चौक पर बारिश के चलते भरा पानी
- फोटो : Kaithal
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मंगलवार को लगातार तीसरे दिन बारिश में जिले में खूब जल बरसा। औसतन 10 एमएम बारिश हुई। जिससे गर्मी से तो राहत मिली, साथ में धान की रोपाई कर रहे किसानों को भी काफी मदद मिल रही है। बारिश का लोगों ने जमकर आनंद लिया। इस दौरान यात्रा करने वाले वाहन चालक भीगते हुए नजर आए। बारिश से फसलों में भी हरियाली व रौनक लौट आई है। जिसे देखकर किसानों के चेहरे भी खिले हुए है। पिछले दो दिनों से बारिश हो रही है। इससे तापमान में भी भारी गिरावट आई है। मंगलवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को भी दिनभर आसमान में बादल छाए रहने के साथ-साथ बारिश भी हो सकती है। आगामी दो दिनों की बात करें तो मौसम परिवर्तनशील रहने की संभावना है। कभी बादल छाए रहेंगे तो कभी मौसम साफ रहेगा। आपदा एवं प्रबंधन विभाग के सदर कानूनगो पूर्ण सिंह ने बताया कि मंगलवार को कैथल में 17 एमएम, कलायत में 12 एमएम, गुहला में 05 एमएम, पूंडरी में 20 एमएम, सीवन में 03 एमएम, ढांड में 03 एमएम व राजौंद में 10 एमएम बारिश दर्ज की गई है।
शहर में भी मुख्य सड़कों पर पानी जमा होने से राहगीरों को आने जाने में कठिनाई हुई। लोग सड़क पर जमा पानी से ही गुजरते दिखाई दिए। बीत कई दिनों से बारिश के कारण कई सड़कों पर तो गहरे गड्ढे बन गए हैं। जिनमें बारिश का पानी जमा रहता है। वाहन चालक निकलते हैं तो समतल है या गड्ढा पता नहीं चल पाता। जिसके कारण कई वाहन चालक गिरने से चोटिल भी हुए हैं।
गांव प्यौंदा में घरों में पानी घुसने से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। गांव में पानी की उचित निकासी की व्यवस्था का प्रबंध न होने से गलियों में दो से तीन फुट तक पानी जमा हो गया है। साथ ही घरों में भी पानी घुसने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक रमेश चंद्र का कहना है कि अभी एक दो दिन बारिश होने की संभावना है। बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। धान की फसल के लिए बारिश फायदेमंद रहेगी। पछेती धान की बिजाई बासमती की रोपाई का कार्य चल रहा है। इसमें भी तेजी आई है। खेतों में जलभराव होने से कपास, ज्वार और सब्जियों की फसल को नुकसान हो सकता है। किसान अपने खेत की पानी निकासी का उचित प्रबंध करें।
कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि 21 जुलाई तक बारिश की संभावना है। यदि कहीं पर फसलों में पानी ज्यादा है तो किसान इधर उधर निकाल दें। धान की फसल को अभी तक कोई नुकसान की संभावना नहीं है। कपास व अन्य हरे चारे की फसलों में पानी अधिक जमा न होने दें।
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शहर में भी मुख्य सड़कों पर पानी जमा होने से राहगीरों को आने जाने में कठिनाई हुई। लोग सड़क पर जमा पानी से ही गुजरते दिखाई दिए। बीत कई दिनों से बारिश के कारण कई सड़कों पर तो गहरे गड्ढे बन गए हैं। जिनमें बारिश का पानी जमा रहता है। वाहन चालक निकलते हैं तो समतल है या गड्ढा पता नहीं चल पाता। जिसके कारण कई वाहन चालक गिरने से चोटिल भी हुए हैं।
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गांव प्यौंदा में घरों में पानी घुसने से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है। गांव में पानी की उचित निकासी की व्यवस्था का प्रबंध न होने से गलियों में दो से तीन फुट तक पानी जमा हो गया है। साथ ही घरों में भी पानी घुसने से लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
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कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य वैज्ञानिक रमेश चंद्र का कहना है कि अभी एक दो दिन बारिश होने की संभावना है। बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। धान की फसल के लिए बारिश फायदेमंद रहेगी। पछेती धान की बिजाई बासमती की रोपाई का कार्य चल रहा है। इसमें भी तेजी आई है। खेतों में जलभराव होने से कपास, ज्वार और सब्जियों की फसल को नुकसान हो सकता है। किसान अपने खेत की पानी निकासी का उचित प्रबंध करें।
कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद ने बताया कि 21 जुलाई तक बारिश की संभावना है। यदि कहीं पर फसलों में पानी ज्यादा है तो किसान इधर उधर निकाल दें। धान की फसल को अभी तक कोई नुकसान की संभावना नहीं है। कपास व अन्य हरे चारे की फसलों में पानी अधिक जमा न होने दें।