सफीदों। दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा में हलके के गांव हरिगढ़ निवासी 24 वर्षीय यशदीप ने प्रथम स्थान पाया है। यशदीप ने पहले ही प्रयास में परीक्षा पास की है। इस उपलब्धि के बाद गांव हरिगढ़ में उनके निवास पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। यशदीप अब न्यायाधिकारी बनकर लोगों को न्याय दिलाएंगे। 1000 अंक की परीक्षा में यशदीप ने 672 अंक प्राप्त किए।
यशदीप ने बताया कि वह रात को दस बजे से सुबह दो बजे तक पढ़ाई किया करते थे। इसके बाद सुबह देर से उठते और कुछ खेलकर कोचिंग के लिए जाते थे। खेल में उनको बैडमिंटन पसंद है। यशदीप के पिता योगेंद्र चहल कृषि विश्वविद्यालय हिसार में सुपरिटेंडेंट के पद पर कार्यरत हैं और मां पीजीटी अध्यापिका हैं। यशदीप के दादा बलबीर सिंह चहल सेवानिवृत्त अध्यापक हैं। उन्होंने बताया कि यशदीप ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव के ही प्राथमिक स्कूल से शुरू की थी। 8वीं से 12वीं तक यशदीप ने कुरुक्षेत्र के अग्रसेन स्कूल में शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद उन्होंने बीकॉम दिल्ली विश्वविद्यालय से की। इसके बाद उनका एनडीए में सिलेक्शन हो गया था लेकिन उन्होंने ज्वाइन नहीं किया। दिल्ली न्यायिक सितंबर 2019 में न्यायिक परीक्षा दी थी। अब नौ दिसंबर को उनका इंटरव्यू हुआ। 18 दिसंबर को परिणाम घोषित हुआ, जिसमें उन्हें देशभर में पहला स्थान हासिल किया। यशदीप चहल ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने दादा मास्टर बलबीर चहल, पिता योगेंद्र चहल व मां सुनीता रानी को दिया है। यशदीप के बड़े भाई सुमित चहल दिल्ली एक्साइज विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।