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Jind News: डब्ल्यूडब्ल्यूई चैंपियनशिप कविता दलाल के गांव मालवी में स्टेडियम नहीं
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18जेएनडी12-पूनम दलाल का फोटो।
कर्मवीर
जुलाना। मालवी गांव किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इस गांव की लड़कियों ने खेल में परचम लहराते हुए जिले का ही नहीं बल्कि प्रदेश का नाम भी रोशन किया है। गांव में स्टेडियम नहीं है, जिससे लड़के-लड़कियां स्कूल के मैदान में ही तैयारी करते हैं।
इसके अलावा जींद या रोहतक की ओर रुख करना पड़ता है। ग्रामीणों की मांग है कि गांव में स्टेडियम बनाया जाए, ताकि युवाओं को गांव में ही सुविधा मिल सके। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक के चक्कर लगाए, लेकिन आज तक गांव में स्टेडियम नही बन पाया है।
गांव की डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर कविता दलाल ने अमेरिका के फ्लोरिडा में चैंपियनशिप में भाग लेते हुए देश और प्रदेश की एक अलग ही छाप छोड़ी। कविता दलाल डब्ल्यूडब्ल्यूई चैंपियनशिप में भाग लेने वाली पहली भारतीय महिला बनी। कविता दलाल ने डब्लूडब्लूई चैंपियनशिप में हरियाणवी पहनावा पहन कर अपनी प्रतिद्वंदी को मात दी।
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आज तक देश से कोई भी महिला इस मुकाम तक नहीं पहुंची है। कविता दलाल से प्रेरणा लेकर पूनम दलाल ने खेल में कदम रखते हुए भारोत्तोलन में भाग लेते हुए कई मेडल अपने नाम किए हैं।
बॉक्स
गांव के इन खिलाड़ियों ने दिखाया दम
खिलाड़ी पूनम दलाल ने 2010 में लखनऊ के साई सेंटर से शुरुआत की। 2011 में नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड, 2012 में भी नेशनल में गोल्ड, 2013 में विश्व चैंपियनशिप में भाग लिया। 2013 में ही कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेते हुए कांस्य पदक जीता। 2015 में नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, 2017 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में रजत पदक और 2018 में नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य। पैर में चोट लगने पर खेल से पांच साल दूरी बनाए रखी और 2024 में राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड जीता। रितू जांगड़ा उशु गेम्स में खेलते हुए नेशनल में गोल्ड मेडल जीता है। प्रीति जांगड़ा और अन्नु जांगड़ा ने किक बॉक्सिंग में नेशनल में गोल्ड मेडल, तनूजा ग्रोवर ने इंटर यूनिवर्सिटी गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है।
वर्जन
ग्राम पंचायत स्टेडियम को लेकर खेल मंत्री, मुख्यमंत्री से मिलकर मांग कर चुके हैं । ग्रामीणों की मांग है कि गांव में स्टेडियम बनाया जाए, जिससे युवा खेलकर अपनी पहचान बना सके।
-राजेंद्र जांगड़ा, सरपंच
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जुलाना। मालवी गांव किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इस गांव की लड़कियों ने खेल में परचम लहराते हुए जिले का ही नहीं बल्कि प्रदेश का नाम भी रोशन किया है। गांव में स्टेडियम नहीं है, जिससे लड़के-लड़कियां स्कूल के मैदान में ही तैयारी करते हैं।
इसके अलावा जींद या रोहतक की ओर रुख करना पड़ता है। ग्रामीणों की मांग है कि गांव में स्टेडियम बनाया जाए, ताकि युवाओं को गांव में ही सुविधा मिल सके। ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक के चक्कर लगाए, लेकिन आज तक गांव में स्टेडियम नही बन पाया है।
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गांव की डब्ल्यूडब्ल्यूई रेसलर कविता दलाल ने अमेरिका के फ्लोरिडा में चैंपियनशिप में भाग लेते हुए देश और प्रदेश की एक अलग ही छाप छोड़ी। कविता दलाल डब्ल्यूडब्ल्यूई चैंपियनशिप में भाग लेने वाली पहली भारतीय महिला बनी। कविता दलाल ने डब्लूडब्लूई चैंपियनशिप में हरियाणवी पहनावा पहन कर अपनी प्रतिद्वंदी को मात दी।
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आज तक देश से कोई भी महिला इस मुकाम तक नहीं पहुंची है। कविता दलाल से प्रेरणा लेकर पूनम दलाल ने खेल में कदम रखते हुए भारोत्तोलन में भाग लेते हुए कई मेडल अपने नाम किए हैं।
बॉक्स
गांव के इन खिलाड़ियों ने दिखाया दम
खिलाड़ी पूनम दलाल ने 2010 में लखनऊ के साई सेंटर से शुरुआत की। 2011 में नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड, 2012 में भी नेशनल में गोल्ड, 2013 में विश्व चैंपियनशिप में भाग लिया। 2013 में ही कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेते हुए कांस्य पदक जीता। 2015 में नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल, 2017 में ऑल इंडिया यूनिवर्सिटी में रजत पदक और 2018 में नेशनल चैंपियनशिप में कांस्य। पैर में चोट लगने पर खेल से पांच साल दूरी बनाए रखी और 2024 में राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में गोल्ड जीता। रितू जांगड़ा उशु गेम्स में खेलते हुए नेशनल में गोल्ड मेडल जीता है। प्रीति जांगड़ा और अन्नु जांगड़ा ने किक बॉक्सिंग में नेशनल में गोल्ड मेडल, तनूजा ग्रोवर ने इंटर यूनिवर्सिटी गेम्स में गोल्ड मेडल जीता है।
वर्जन
ग्राम पंचायत स्टेडियम को लेकर खेल मंत्री, मुख्यमंत्री से मिलकर मांग कर चुके हैं । ग्रामीणों की मांग है कि गांव में स्टेडियम बनाया जाए, जिससे युवा खेलकर अपनी पहचान बना सके।
-राजेंद्र जांगड़ा, सरपंच

18जेएनडी12-पूनम दलाल का फोटो।