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Jind News: एशियन यूथ गेम्स में जीतने पर पहलवान सम्मानित
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9जेएनडी24 : विजेता खिलाड़ी को सम्मानित करते ग्रामीण। स्रोत ग्रामीण
जुलाना। लजवाना कलां गांव के पहलवान रविंद्र ढ़ाका ने एशियन यूथ गेम्स कुश्ती चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। रविवार को रविंद्र का पुरानी अनाज मंडी में जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान क्षेत्र के सैकड़ों लोग, ग्रामीण और युवा बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
प्रतियोगिता बहरीन के मनामा में 22 से 31 अक्तूबर को आयोजित की गई थी। रविंद्र ने अपने वर्ग में बेहतरीन दमखम और तकनीक का प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि फाइनल मुकाबले में तीन दो अंकों के अंतर से हार गए और रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
कार्यक्रम में समाजसेवी डॉ. योगेश नांदल ने शिरकत की और रविंद्र को फूलमालाओं से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि रविंद्र ढ़ाका की इस उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। डॉ. नांदल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि रविंद्र जैसे खिलाड़ियों से प्रेरणा लेकर हर युवा को खेलों में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेलों से न केवल शारीरिक विकास होता है बल्कि आपसी भाईचारा भी बढ़ता है।
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खेल के मैदान में मिली हार-जीत जीवन में आगे बढ़ने की सीख देती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे और बुरी लतों से दूर रहें और अपनी ऊर्जा खेल-कूद और शिक्षा की दिशा में लगाएं।
रविंद्र ढ़ाका ने कहा कि यह सफलता उनके कोच, परिवार और गांव के लोगों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने भविष्य में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर गांव के सरपंच सतीश उर्फ सोल्जर, कोच साेनू ढ़ाका, मोहित, जयभगवान, अनिल आदि मौजूद रहे।
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प्रतियोगिता बहरीन के मनामा में 22 से 31 अक्तूबर को आयोजित की गई थी। रविंद्र ने अपने वर्ग में बेहतरीन दमखम और तकनीक का प्रदर्शन करते हुए फाइनल तक का सफर तय किया। हालांकि फाइनल मुकाबले में तीन दो अंकों के अंतर से हार गए और रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
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कार्यक्रम में समाजसेवी डॉ. योगेश नांदल ने शिरकत की और रविंद्र को फूलमालाओं से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि रविंद्र ढ़ाका की इस उपलब्धि ने पूरे क्षेत्र का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है। डॉ. नांदल ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि रविंद्र जैसे खिलाड़ियों से प्रेरणा लेकर हर युवा को खेलों में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि खेलों से न केवल शारीरिक विकास होता है बल्कि आपसी भाईचारा भी बढ़ता है।
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खेल के मैदान में मिली हार-जीत जीवन में आगे बढ़ने की सीख देती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे और बुरी लतों से दूर रहें और अपनी ऊर्जा खेल-कूद और शिक्षा की दिशा में लगाएं।
रविंद्र ढ़ाका ने कहा कि यह सफलता उनके कोच, परिवार और गांव के लोगों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने भविष्य में देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने का संकल्प दोहराया। इस मौके पर गांव के सरपंच सतीश उर्फ सोल्जर, कोच साेनू ढ़ाका, मोहित, जयभगवान, अनिल आदि मौजूद रहे।