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Jind News: महंगाई के बीच मजदूरों-मिस्त्रियों ने तय की दिहाड़ी
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बढ़ती महंगाई को देखते हुए मजदूरों की दिहाड़ी तयमजदूर को 1000 और मिस्त्री को 1500 रुपये दिहाड़
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जुलाना। क्षेत्र के बूढ़ा खेड़ा लाठर गांव में मजदूरों और मिस्त्रियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मिस्त्री सत्यवान ने की। इसमें बढ़ती महंगाई और मजदूरों की मेहनत को देखते हुए दिहाड़ी की नई दरें निर्धारित करने पर चर्चा हुई। सर्वसम्मति से मजदूर की दिहाड़ी 1000 रुपये और मिस्त्री की दिहाड़ी 1500 रुपये तय की गई। कम दिहाड़ी पर काम करने पर जुर्माना लगाया जाएगा।
मिस्त्री सत्यवान ने कहा कि पिछले कुछ समय से महंगाई लगातार बढ़ रही है। मजदूर और मिस्त्री मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ऐसे में उनकी मेहनत के अनुरूप उचित दिहाड़ी मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बैठक में सभी की सहमति से दिहाड़ी निर्धारित की गई है, ताकि किसी मजदूर या मिस्त्री को उसकी मेहनत का उचित मेहनताना मिल सके।
बैठक में दिहाड़ी को लेकर नियम भी तय किए गए। निर्णय लिया गया कि यदि कोई मजदूर 1000 रुपये से कम दिहाड़ी पर काम करता है तो उस पर 5100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, 1500 रुपये से कम दिहाड़ी पर काम करने वाले मिस्त्री पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया। इस मौके पर मजदूरों ने सर्वसम्मति से फैसले का समर्थन किया।
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मिस्त्री सत्यवान ने कहा कि पिछले कुछ समय से महंगाई लगातार बढ़ रही है। मजदूर और मिस्त्री मेहनत करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ऐसे में उनकी मेहनत के अनुरूप उचित दिहाड़ी मिलना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बैठक में सभी की सहमति से दिहाड़ी निर्धारित की गई है, ताकि किसी मजदूर या मिस्त्री को उसकी मेहनत का उचित मेहनताना मिल सके।
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बैठक में दिहाड़ी को लेकर नियम भी तय किए गए। निर्णय लिया गया कि यदि कोई मजदूर 1000 रुपये से कम दिहाड़ी पर काम करता है तो उस पर 5100 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, 1500 रुपये से कम दिहाड़ी पर काम करने वाले मिस्त्री पर 11 हजार रुपये का जुर्माना लगाने का फैसला लिया गया। इस मौके पर मजदूरों ने सर्वसम्मति से फैसले का समर्थन किया।
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