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प्लांटों का निजीकरण नहीं होने देंगे: बलबीर
Sat, 11 Mar 2023 12:39 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 11 Mar 2023 12:39 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। अखिल भारतीय किसान सभा ने दूध उत्पादक किसानों की समस्याओं को लेकर शुक्रवार को मिल्क प्लांट पर राज्य अध्यक्ष मास्टर बलवीर के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इसके बाद सीईओ के नाम ज्ञापन दिया।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि दूध सप्लायर किसानों की पिछले 40 दिन से दूध की भुगतान बकाया है। इससे पहले भी कई कई महीने की बकाया पेमेंट रहती रही है। यह समस्या कोरोना काल के बाद लगातार बनी हुई है। दूध उत्पादक किसानों को भारी आर्थिक तंगी से गुजर ना पड़ रहा है।
दुग्ध उत्पादक समिति सचिवों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दूध उत्पादक किसान समितियों में दूध लेकर आते हैं , लेकिन समय पेमेंट नहीं मिलने के कारण कहासुनी होती रहती है। दूध सप्लाई रोको अंदेशा रहता है कि समिति के सचिव हमारे साथ जानबूझकर धोखा कर रहे हैं। पिछले दौरान कई-कई महीने तक भी भुगतान नहीं मिला। ऊपर से ऊपर से मुख्यमंत्री प्रोत्साहन राशि के नाम पर अप्रैल से सितंबर तक छह महीने पांच रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दिए जाते हैं जो सीधे दूध सप्लायर के खाते में दिए जा रहे हैं।
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राज्य अध्यक्ष मास्टर बलबीर सिंह ने बताया कि देश प्रदेश की सरकार की सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। किसानों को मिलने वाली तमाम तरह की सब्सिडी या एवं राहत खत्म की जा रही है। सहकारी समितियों को भाजपा सरकार खत्म करने पर उतारू है। सरकार मिल्क प्लांटों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारियां कर रही है, जिसे प्रदेश का किसान बर्दाश्त नहीं करेगा। आने वाले समय में दूध उत्पादक किसानों की मांगों और समस्याओं को लेकर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने मांग की कि दूध उत्पादक किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, दूध की रुकी हुई पेमेंट जारी की जाए और इसे रेगुलर किया जाए। रियायती दरों पर ऋ ण उपलब्ध करवाया जाए। आवारा पशुओं पर रोक लगाई जाए। दुधारू पशुओं के लिए सभी पशु अस्पतालों में दवाइयां और डॉक्टरों का प्रबंध किया जाए। इस अवसर पर फूल सिंह, शिवकंद, भी थे। ा
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जींद। अखिल भारतीय किसान सभा ने दूध उत्पादक किसानों की समस्याओं को लेकर शुक्रवार को मिल्क प्लांट पर राज्य अध्यक्ष मास्टर बलवीर के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इसके बाद सीईओ के नाम ज्ञापन दिया।
ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि दूध सप्लायर किसानों की पिछले 40 दिन से दूध की भुगतान बकाया है। इससे पहले भी कई कई महीने की बकाया पेमेंट रहती रही है। यह समस्या कोरोना काल के बाद लगातार बनी हुई है। दूध उत्पादक किसानों को भारी आर्थिक तंगी से गुजर ना पड़ रहा है।
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दुग्ध उत्पादक समिति सचिवों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दूध उत्पादक किसान समितियों में दूध लेकर आते हैं , लेकिन समय पेमेंट नहीं मिलने के कारण कहासुनी होती रहती है। दूध सप्लाई रोको अंदेशा रहता है कि समिति के सचिव हमारे साथ जानबूझकर धोखा कर रहे हैं। पिछले दौरान कई-कई महीने तक भी भुगतान नहीं मिला। ऊपर से ऊपर से मुख्यमंत्री प्रोत्साहन राशि के नाम पर अप्रैल से सितंबर तक छह महीने पांच रुपये प्रति लीटर के हिसाब से दिए जाते हैं जो सीधे दूध सप्लायर के खाते में दिए जा रहे हैं।
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राज्य अध्यक्ष मास्टर बलबीर सिंह ने बताया कि देश प्रदेश की सरकार की सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली हुई है। किसानों को मिलने वाली तमाम तरह की सब्सिडी या एवं राहत खत्म की जा रही है। सहकारी समितियों को भाजपा सरकार खत्म करने पर उतारू है। सरकार मिल्क प्लांटों को निजी हाथों में सौंपने की तैयारियां कर रही है, जिसे प्रदेश का किसान बर्दाश्त नहीं करेगा। आने वाले समय में दूध उत्पादक किसानों की मांगों और समस्याओं को लेकर एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने मांग की कि दूध उत्पादक किसानों की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाए, दूध की रुकी हुई पेमेंट जारी की जाए और इसे रेगुलर किया जाए। रियायती दरों पर ऋ ण उपलब्ध करवाया जाए। आवारा पशुओं पर रोक लगाई जाए। दुधारू पशुओं के लिए सभी पशु अस्पतालों में दवाइयां और डॉक्टरों का प्रबंध किया जाए। इस अवसर पर फूल सिंह, शिवकंद, भी थे। ा