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आंदोलन में दिया साथ कभी नहीं भूलेंगे : पालवां
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उचाना। महाराजा अग्रसेन मंदिर में शुक्रवार को आढ़तियों व किसानों की मीटिंग हुई। इसमें किसान आंदोलन में आढ़तियों द्वारा किए गए सहयोग पर आभार प्रकट किया। किसान नेताओं ने भारत बंद में किसान, मजदूर का साथ देते हुए बाजारों में दुकान बंद रखने पर व्यापारियों का आभार भी प्रकट किया।
भाकियू (चढूनी) जिलाध्यक्ष आजाद पालवां ने कहा कि एक साल से अधिक समय तक चले किसान, मजदूर के आंदोलन में उचाना मंडी में आढ़तियों ने पूरा सहयोग दिया। दिल्ली बॉर्डर पर भंडारा शुरू करने, पानी, दूध मुहैया करवाया तो खटकड़ टोल पर हैंडवॉश के लिए पानी की टंकी, मास्क पहुंचाए। शुगर मिल झांज के पास चल रहे भंडारे में भी सहयोग किया। उन्होंने कहा कि जो हाईवे पर मंडी के पास भंडारा, डीजे लगाने के साथ-साथ किसानों पर फूलों की वर्षा की उसकी सराहना पंजाब के किसानों द्वारा की गई। एक सप्ताह से अधिक समय तक यहां पर भंडारा चलाया। आढ़तियों ने इस आंदोलन में जो सहयोग दिया किसान, मजदूर उसको कभी नहीं भूलेगा। किसान, मजदूर, आढ़ती एक ही है। सरकार ने इनके वर्षों से चले आ रहे संबंधों को तोड़ने की कोशिश की लेकिन वो सफल नहीं हो पाए। पहले की तरह भविष्य में भी ये रिश्ते कायम रहेगा।
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भाकियू (चढूनी) जिलाध्यक्ष आजाद पालवां ने कहा कि एक साल से अधिक समय तक चले किसान, मजदूर के आंदोलन में उचाना मंडी में आढ़तियों ने पूरा सहयोग दिया। दिल्ली बॉर्डर पर भंडारा शुरू करने, पानी, दूध मुहैया करवाया तो खटकड़ टोल पर हैंडवॉश के लिए पानी की टंकी, मास्क पहुंचाए। शुगर मिल झांज के पास चल रहे भंडारे में भी सहयोग किया। उन्होंने कहा कि जो हाईवे पर मंडी के पास भंडारा, डीजे लगाने के साथ-साथ किसानों पर फूलों की वर्षा की उसकी सराहना पंजाब के किसानों द्वारा की गई। एक सप्ताह से अधिक समय तक यहां पर भंडारा चलाया। आढ़तियों ने इस आंदोलन में जो सहयोग दिया किसान, मजदूर उसको कभी नहीं भूलेगा। किसान, मजदूर, आढ़ती एक ही है। सरकार ने इनके वर्षों से चले आ रहे संबंधों को तोड़ने की कोशिश की लेकिन वो सफल नहीं हो पाए। पहले की तरह भविष्य में भी ये रिश्ते कायम रहेगा।
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