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Jind News: पीपीपी में उम्र सत्यापन होने से अटकी विधवाओं की पेंशन
Tue, 15 Apr 2025 11:49 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Tue, 15 Apr 2025 11:49 PM IST
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15जेएनडी04-क्रीड कार्यालय में बैठे लोग और कार्य करते कर्मचारी। संवाद
जींद। पीपीपी में उम्र सत्यापन होने से विधवा महिलाओं की पेंशन अटक गई है। ऐसे में विधवा महिलाएं बार-बार जिला समाज कल्याण विभाग कार्यालय के चक्कर काट रहीं हैं, लेकिन फिर भी पेंशन बनवाने में उम्र का प्रमाणपत्र आड़े आ रहा है। हालांकि क्रीड कार्यालय में हर रोज पीपीपी में उम्र सत्यापन करवाने के लिए महिलाओं को आना पड़ता है। इससे पति की मृत्यु के कई-कई माह बाद महिलाओं को योजना का लाभ मिल पा रहा है।
प्रदेश में विधवा पेंशन योजना के तहत पेंशन का लाभ लेने के लिए पीपीपी में उम्र सत्यापन की वजह से कुछ विधवाओं को समस्या हो रही है। इस योजना में पेंशन के लिए पात्र होने के लिए विधवा की उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए। पेंशन के लिए आवेदन को लेकर लाभार्थियों को पीपीपी पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना पड़ता है। पीपीपी पोर्टल पर उम्र का सत्यापन न होने के कारण कुछ विधवाओं को पेंशन मिलने में देरी हो रही है या वे पेंशन के लिए पात्र नहीं हो पा रही हैं। वहीं कुछ विधवाओं को उनके उम्र के सत्यापन में दिक्कत हो रही है, जिसके कारण उनकी पेंशन अटक गई है।
समाज कल्याण विभाग भेज रहा क्रीड कार्यालय
उम्र सत्यापन को लेकर विधवा महिलाएं जिला समाज कल्याण कार्यालय में आती हैं। इसके बाद कार्यालय कर्मचारी उन्हें क्रीड कार्यालय में भेज देते हैं, क्योंकि उम्र सत्यापन का कार्य क्रीड कार्यालय का है। ऐसे में महिलाएं क्रीड कार्यालय जाती हैं और वहां पर अपनी उम्र का प्रमाणपत्र देना होता है कि वह 18 साल की हैं या उससे ऊपर की हो गईं हैं। जबकि प्रदेश में अभिभावक अपनी बेटियों की शादी 18 साल उम्र होने के बाद ही करते हैं। इसके बावजूद भी प्रदेश सरकार ने यह नियम बनाया है कि विधवा बालिग है या नाबालिग, कहीं उसकी किशोरावस्था में तो शादी नहीं कर दी गई थी।
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नया नियम लागू से आई समस्या
विधवाओं को अब नया नियम लागू होने से ज्यादा समस्या आ गई है। इससे पहले किसी व्यक्ति की मौत हो जाती थी तो परिजन उसका मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर उसे परिवार पहचान पत्र में अपलोड करवा देते थे। इसके बाद निदेशालय से सूची में मृतक की पत्नी का नाम पेंशन बनवाने के लिए आ जाता था, लेकिन अब नया नियम बनने से दिक्कत पैदा हो गई है। विधवा महिलाओं की परिवार पहचान पत्र में उम्र सत्यापन की जाती है, कहीं महिला की नाबालिग उम्र में तो नहीं शादी की गई थी। ऐसे में महिलाओं को पेंशन बनवाने के लिए क्रीड कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
फिलहाल विधवा महिलाओं की उम्र जांचने के बाद ही उनकी पेंशन बनवाई जाती है। उम्र सत्यापन का कार्य क्रीड कार्यालय में होता है।
-सरोज देवी, जिला समाज कल्याण विभाग अधिकारी, जींद
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प्रदेश में विधवा पेंशन योजना के तहत पेंशन का लाभ लेने के लिए पीपीपी में उम्र सत्यापन की वजह से कुछ विधवाओं को समस्या हो रही है। इस योजना में पेंशन के लिए पात्र होने के लिए विधवा की उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए। पेंशन के लिए आवेदन को लेकर लाभार्थियों को पीपीपी पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना पड़ता है। पीपीपी पोर्टल पर उम्र का सत्यापन न होने के कारण कुछ विधवाओं को पेंशन मिलने में देरी हो रही है या वे पेंशन के लिए पात्र नहीं हो पा रही हैं। वहीं कुछ विधवाओं को उनके उम्र के सत्यापन में दिक्कत हो रही है, जिसके कारण उनकी पेंशन अटक गई है।
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समाज कल्याण विभाग भेज रहा क्रीड कार्यालय
उम्र सत्यापन को लेकर विधवा महिलाएं जिला समाज कल्याण कार्यालय में आती हैं। इसके बाद कार्यालय कर्मचारी उन्हें क्रीड कार्यालय में भेज देते हैं, क्योंकि उम्र सत्यापन का कार्य क्रीड कार्यालय का है। ऐसे में महिलाएं क्रीड कार्यालय जाती हैं और वहां पर अपनी उम्र का प्रमाणपत्र देना होता है कि वह 18 साल की हैं या उससे ऊपर की हो गईं हैं। जबकि प्रदेश में अभिभावक अपनी बेटियों की शादी 18 साल उम्र होने के बाद ही करते हैं। इसके बावजूद भी प्रदेश सरकार ने यह नियम बनाया है कि विधवा बालिग है या नाबालिग, कहीं उसकी किशोरावस्था में तो शादी नहीं कर दी गई थी।
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नया नियम लागू से आई समस्या
विधवाओं को अब नया नियम लागू होने से ज्यादा समस्या आ गई है। इससे पहले किसी व्यक्ति की मौत हो जाती थी तो परिजन उसका मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाकर उसे परिवार पहचान पत्र में अपलोड करवा देते थे। इसके बाद निदेशालय से सूची में मृतक की पत्नी का नाम पेंशन बनवाने के लिए आ जाता था, लेकिन अब नया नियम बनने से दिक्कत पैदा हो गई है। विधवा महिलाओं की परिवार पहचान पत्र में उम्र सत्यापन की जाती है, कहीं महिला की नाबालिग उम्र में तो नहीं शादी की गई थी। ऐसे में महिलाओं को पेंशन बनवाने के लिए क्रीड कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
फिलहाल विधवा महिलाओं की उम्र जांचने के बाद ही उनकी पेंशन बनवाई जाती है। उम्र सत्यापन का कार्य क्रीड कार्यालय में होता है।
-सरोज देवी, जिला समाज कल्याण विभाग अधिकारी, जींद