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Jind News: जो रोजगार की बात करेगा, उसे भेजेंगे विधानसभा
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18जेएनडी18 : अनाजमंडी में ताश खेलते समय चुनाव पर चर्चा करते लोग। संवाद
उचाना। उचाना कलां विधानसभा क्षेत्र में चौधर की जंग जारी है। गरीबों के हितों की कोई भी प्रत्याशी बात नहीं कर रहा है। लोगों का कहना है कि रोजगार व गरीबों के हितों की बात मुख्य मुद्दा होनी चाहिए, लेकिन प्रत्याशी केवल भाषणबाजी से जीत हासिल करना चाहते हैं।
लोगों का कहना है कि हर प्रत्याशी जीत के लिए कोई न कोई लाॅलीपॉप दे रहा है। आज तक किसी भी प्रत्याशी ने उद्योग स्थापित करने की बात नहीं की है। अनाजमंडी में आजकल लोग ताश खेलने पर कम ध्यान दे रहे हैं, जबकि राजनीति पर चर्चा ज्यादा होती है। मंडी में काम करने वाले सज्जन, विक्रम, सतबीर, गुरमीत, बल्ली व सोनू ने कहा कि उन्होंने तो अपना समय मजदूरी करके बिता लिया, लेकिन बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता सताती रहती है। उचाना कलां में कोई भी रोजगार के साधन नहीं हैं।
उचाना शहर में गंदे पानी की निकासी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इसलिए किसी ऐसे प्रत्याशी की तलाश में हैं, जो कोई मुद्दों तथा लोगों की समस्याओं पर बात करे और उनको दूर करने का ठोस आश्वासन दे। यदि उचाना में रोजगार के साधन उपलब्ध हो जाएं तो कुछ बात बने। गठबंधन सरकार में खटकड़ गांव के पास 2700 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की चर्चांए चली थीं, लेकिन उसके लिए जमीन का इंतजाम आज तक नहीं हो पाया। ऐसे कैसे उद्योग बिना जमीन के लग जाएंगे। इसके लिए ठोस निर्णय की जरूरत होगी।
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बॉक्स
मंडियों में सीजन के समय ही काम
अनाजमंडियों में सीजन के समय ही काम मिलता है। अप्रैल-मई में जब गेहूं का सीजन होता है और अक्तूबर-नवंबर में जब धान का सीजन होता है, तभी काम मिलता है। इसके अलावा आठ महीने मजदूर खाली रहते हैं। इनके लिए भी किसी काम की व्यवस्था होनी चाहिए। लोगों ने कहा कि वह उसी प्रत्याशी को वोट देंगे जो खाली हाथों को काम देगा।
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लोगों का कहना है कि हर प्रत्याशी जीत के लिए कोई न कोई लाॅलीपॉप दे रहा है। आज तक किसी भी प्रत्याशी ने उद्योग स्थापित करने की बात नहीं की है। अनाजमंडी में आजकल लोग ताश खेलने पर कम ध्यान दे रहे हैं, जबकि राजनीति पर चर्चा ज्यादा होती है। मंडी में काम करने वाले सज्जन, विक्रम, सतबीर, गुरमीत, बल्ली व सोनू ने कहा कि उन्होंने तो अपना समय मजदूरी करके बिता लिया, लेकिन बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता सताती रहती है। उचाना कलां में कोई भी रोजगार के साधन नहीं हैं।
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उचाना शहर में गंदे पानी की निकासी की समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। इसलिए किसी ऐसे प्रत्याशी की तलाश में हैं, जो कोई मुद्दों तथा लोगों की समस्याओं पर बात करे और उनको दूर करने का ठोस आश्वासन दे। यदि उचाना में रोजगार के साधन उपलब्ध हो जाएं तो कुछ बात बने। गठबंधन सरकार में खटकड़ गांव के पास 2700 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने की चर्चांए चली थीं, लेकिन उसके लिए जमीन का इंतजाम आज तक नहीं हो पाया। ऐसे कैसे उद्योग बिना जमीन के लग जाएंगे। इसके लिए ठोस निर्णय की जरूरत होगी।
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मंडियों में सीजन के समय ही काम
अनाजमंडियों में सीजन के समय ही काम मिलता है। अप्रैल-मई में जब गेहूं का सीजन होता है और अक्तूबर-नवंबर में जब धान का सीजन होता है, तभी काम मिलता है। इसके अलावा आठ महीने मजदूर खाली रहते हैं। इनके लिए भी किसी काम की व्यवस्था होनी चाहिए। लोगों ने कहा कि वह उसी प्रत्याशी को वोट देंगे जो खाली हाथों को काम देगा।