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Jind News: आखिर कब आबाद होंगे सफीदों में काटे गए हुडा के तीन सेक्टर
Sat, 28 Sep 2024 01:43 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Sat, 28 Sep 2024 01:43 AM IST
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सफीदों। महाभारतकालीन नगरी सफीदों विकास के लिए तरस रही है। सफीदों शहर में कई मुद्दे हैं। उनमें से एक मुद्दा यहां पर 424 एकड़ भूमि में सरकार की ओर से काटे गए हुडा के तीन सेक्टर के आबाद नहीं होने का भी है। यह तीनों सेक्टर पूरी तरह से बेरुखी का शिकार हैं। हालत यह है कि इतना लंबा अर्सा बीत जाने के बाद भी आजतक यहां पर एक भी मकान नहीं बन पाया है। हाल-फिलहाल कोई संभावना भी नहीं दिखाई दे रही है।
2005 के आसपास अस्तित्व में आए यह सेक्टर करीब 19 साल बीत जाने के बाद आबाद नहीं हो पाए हैं। हुडा सेक्टरों के चारों ओर रामपुरा, खेड़ाखेमावती व सिंघपुरा गांव की सीमाएं लगती हैं। इन सेक्टरों में तरक्की न होने का मुख्य कारण इन सेक्टरों के आसपास माहौल ठीक नहीं होना, शहर से दूर होना और प्लॉटों की गहराई अधिक होना बताया जा रहा है। सेक्टर के प्लॉटों की गहराई करीब 10 फुट है। अगर कोई प्लॉट खरीद लेता है तो उसके लाखों रुपये मिट्टी भरवाने में लग जाएंगे। इसके अलावा कोई हुडा विभाग की कागजातों की पेचीदगी में पड़ना नहीं चाहता है। प्लॉट अलॉट होने के बाद काफी कागजी कार्रवाई करवानी पड़ेंगी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने तीनों सेक्टरों के लिए प्लॉट आवंटन की कई बार नीलामी की घोषणाएं कीं, लेकिन लोगों ने इनमें रुचि नहीं दिखाई।
डंपिंग साइट बनकर रहे गए
सेक्टरों के आबाद नहीं होने के कारण लोग यहां कूड़ा डालने लगे हैं। ऐसा लगता है जैसे यह एक डंपिंग साइट बन गए हैं। सेक्टरों में ग्रीन बेल्ट में चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हैं। नगरपालिका खुद से शहर से कचरा निकालकर यहां पर डाल रही है। कुछ हैचरी संचालक मरे हुए मुर्गों को बोरियों में भरकर यहां फेंक देते हैं। यहां बदबू फैली रहती है और मच्छर-मखियों की भरमार है। इसके आसपास रहने वाले लोगों व साथ लगती नई अनाज मंडी के आढ़तियों का भी जीना मुहाल हो गया है।
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असामाजिक तत्वों ने बनाया अड्डा
हुडा के खाली पड़े तीनों सेक्टर के प्लॉट असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गए हैं। रात के समय तो इन सेक्टरों की सड़कों पर नशेड़ी व शराबी किस्म के लोगों का हुजूम नजर आता है। कोई भी समाज का इंसान रात को तो क्या दिन में भी यहां से निकलने से कतराता है। दिन में गलत किस्म के लोगों के समूह यहां पर दिखाई पड़ते हैं। सेक्टरों की सड़कों पर शराब की खाली बोतलें व खाने-पीने के सामान के पाउच पड़े दिखाई देते हैं। पुलिस भी कई बार यहां पर रेड करके जुआरियों, शराबियों, नशेड़ियों व अवैध हथियार लिए हुए लोगों को पकड़ चुकी है।
सामान भी हो रहा चोरी
इन सेक्टरों से हुडा का सामान भी चोरी हो रहा है। सेक्टरों में बिजली, पानी, सड़क व पेड़-पौधों की सुविधा दी गई है, लेकिन इन सुविधाओं का सामान चोरी किया जा रहा है। तार चोर काटकर ले गए। बिजली ट्रांसफार्मर को नीचे गिराकर उनमें से महंगी तार व तेल निकालकर ले गए। यहां अब ट्रांसफार्मर का खाली खोखा पड़ा है। ट्यूबवेलों के कमरों के गेट, लोहे के पाइप, सीवरों के ढक्कन तक चोरी हो चुके हैं।
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2005 के आसपास अस्तित्व में आए यह सेक्टर करीब 19 साल बीत जाने के बाद आबाद नहीं हो पाए हैं। हुडा सेक्टरों के चारों ओर रामपुरा, खेड़ाखेमावती व सिंघपुरा गांव की सीमाएं लगती हैं। इन सेक्टरों में तरक्की न होने का मुख्य कारण इन सेक्टरों के आसपास माहौल ठीक नहीं होना, शहर से दूर होना और प्लॉटों की गहराई अधिक होना बताया जा रहा है। सेक्टर के प्लॉटों की गहराई करीब 10 फुट है। अगर कोई प्लॉट खरीद लेता है तो उसके लाखों रुपये मिट्टी भरवाने में लग जाएंगे। इसके अलावा कोई हुडा विभाग की कागजातों की पेचीदगी में पड़ना नहीं चाहता है। प्लॉट अलॉट होने के बाद काफी कागजी कार्रवाई करवानी पड़ेंगी। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने तीनों सेक्टरों के लिए प्लॉट आवंटन की कई बार नीलामी की घोषणाएं कीं, लेकिन लोगों ने इनमें रुचि नहीं दिखाई।
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डंपिंग साइट बनकर रहे गए
सेक्टरों के आबाद नहीं होने के कारण लोग यहां कूड़ा डालने लगे हैं। ऐसा लगता है जैसे यह एक डंपिंग साइट बन गए हैं। सेक्टरों में ग्रीन बेल्ट में चारों तरफ गंदगी के ढेर लगे हैं। नगरपालिका खुद से शहर से कचरा निकालकर यहां पर डाल रही है। कुछ हैचरी संचालक मरे हुए मुर्गों को बोरियों में भरकर यहां फेंक देते हैं। यहां बदबू फैली रहती है और मच्छर-मखियों की भरमार है। इसके आसपास रहने वाले लोगों व साथ लगती नई अनाज मंडी के आढ़तियों का भी जीना मुहाल हो गया है।
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असामाजिक तत्वों ने बनाया अड्डा
हुडा के खाली पड़े तीनों सेक्टर के प्लॉट असामाजिक तत्वों का अड्डा बन गए हैं। रात के समय तो इन सेक्टरों की सड़कों पर नशेड़ी व शराबी किस्म के लोगों का हुजूम नजर आता है। कोई भी समाज का इंसान रात को तो क्या दिन में भी यहां से निकलने से कतराता है। दिन में गलत किस्म के लोगों के समूह यहां पर दिखाई पड़ते हैं। सेक्टरों की सड़कों पर शराब की खाली बोतलें व खाने-पीने के सामान के पाउच पड़े दिखाई देते हैं। पुलिस भी कई बार यहां पर रेड करके जुआरियों, शराबियों, नशेड़ियों व अवैध हथियार लिए हुए लोगों को पकड़ चुकी है।
सामान भी हो रहा चोरी
इन सेक्टरों से हुडा का सामान भी चोरी हो रहा है। सेक्टरों में बिजली, पानी, सड़क व पेड़-पौधों की सुविधा दी गई है, लेकिन इन सुविधाओं का सामान चोरी किया जा रहा है। तार चोर काटकर ले गए। बिजली ट्रांसफार्मर को नीचे गिराकर उनमें से महंगी तार व तेल निकालकर ले गए। यहां अब ट्रांसफार्मर का खाली खोखा पड़ा है। ट्यूबवेलों के कमरों के गेट, लोहे के पाइप, सीवरों के ढक्कन तक चोरी हो चुके हैं।