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Jind News: जिले में 10636 किसानों की 127341 हजार से ज्यादा एकड़ में हुई गेहूं की फसल खराब
Mon, 10 Mar 2025 12:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Mon, 10 Mar 2025 12:21 AM IST
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09जेएनडी19: उचाना क्षेत्र में फसल खराबे की जांच करते हुए कृषि विभाग का कर्मचारी। स्वय
जींद। जिले में पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि व बरसात के कारण 127341 एकड़ में गेहूं की फसल के खराबे को किसानों ने दिखाया है। इसमें 10636 किसानों ने कृषि विभाग के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। इन किसानों की फसल खराब की जांच के लिए कृषि विभाग के अधिकारियों ने निरीक्षण शुरू कर दिया।
जिले में जिन किसानों ने फसल का बीमा करवाया था। उनके लिए विभाग के पोर्टल पर 72 घंटे में शिकायत दर्ज करानी थी। इसमें 541 किसानों ने लगभग 50 हजार एकड़ में फसल खराब होने की शिकायत दी थी। फसल बीमा करवाने वाले किसानों की फसल खराबे की रिपोर्ट कृषि विभाग तैयार कर रहा है। इसके लिए कृषि विभाग के कर्मचारी खेतों में जाकर निरीक्षण कर रहे हैं। इसमें किसानों ने कितनी गेहूं खराब दर्ज करवाई है और वास्तव में कितनी खराब हुई है। यह रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि किसानों को फसल खराबे का लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त जिन किसानों ने फसल बीमा नहीं करवाया था। उसमें 10097 किसानों ने 77341 एकड़ में गेहूं की फसल खराब होने की जानकारी क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अब तक अपलोड करवाई है। इन किसानों की फसल खराबे की जांच राजस्व विभाग को करनी होगी। इसके लिए राजस्व विभाग कमेटी बनाएगा। यह कमेटी जिन किसानों ने शिकायत दर्ज करवाई है। वह मौके पर जाकर जांच करेगी, ताकि किसानों की फसल नुकसान की भरपाई कराई जा सके। इसके अतिरिक्त तीन हजार एकड़ में सरसों की फसल भी खराब हुई है।
20 मार्च तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करवाएं फसल खराबे का ब्योरा
बरसात व ओलावृष्टि के कारण जिन किसानों की फसल खराब हुई है। उनके लिए 20 मार्च तक पोर्टल खोला गया है, ताकि किसान फसल खराबे का विवरण दर्ज करा सकें। जिन किसानों का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज होगा। उनकी राजस्व विभाग की टीम मौके पर जाकर जांच करेगी।
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वर्जनजिन किसानों की फसल का बीमा था। उन किसानों के खेत में जाकर फसल खराबे की जांच की जा रही है। इसके लिए विभाग की टीम प्रतिदिन संबंधित गांवों में जाकर आंकलन कर रही हैं। क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आने वाली फसल खराबे की रिपोर्ट की जांच राजस्व विभाग करेगा। इसके लिए भी टीम बनी हुई है।
-- गिरीश नागपाल डीडीए जींद।
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जिले में जिन किसानों ने फसल का बीमा करवाया था। उनके लिए विभाग के पोर्टल पर 72 घंटे में शिकायत दर्ज करानी थी। इसमें 541 किसानों ने लगभग 50 हजार एकड़ में फसल खराब होने की शिकायत दी थी। फसल बीमा करवाने वाले किसानों की फसल खराबे की रिपोर्ट कृषि विभाग तैयार कर रहा है। इसके लिए कृषि विभाग के कर्मचारी खेतों में जाकर निरीक्षण कर रहे हैं। इसमें किसानों ने कितनी गेहूं खराब दर्ज करवाई है और वास्तव में कितनी खराब हुई है। यह रिपोर्ट तैयार की जाएगी, ताकि किसानों को फसल खराबे का लाभ मिल सके। इसके अतिरिक्त जिन किसानों ने फसल बीमा नहीं करवाया था। उसमें 10097 किसानों ने 77341 एकड़ में गेहूं की फसल खराब होने की जानकारी क्षतिपूर्ति पोर्टल पर अब तक अपलोड करवाई है। इन किसानों की फसल खराबे की जांच राजस्व विभाग को करनी होगी। इसके लिए राजस्व विभाग कमेटी बनाएगा। यह कमेटी जिन किसानों ने शिकायत दर्ज करवाई है। वह मौके पर जाकर जांच करेगी, ताकि किसानों की फसल नुकसान की भरपाई कराई जा सके। इसके अतिरिक्त तीन हजार एकड़ में सरसों की फसल भी खराब हुई है।
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20 मार्च तक क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज करवाएं फसल खराबे का ब्योरा
बरसात व ओलावृष्टि के कारण जिन किसानों की फसल खराब हुई है। उनके लिए 20 मार्च तक पोर्टल खोला गया है, ताकि किसान फसल खराबे का विवरण दर्ज करा सकें। जिन किसानों का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज होगा। उनकी राजस्व विभाग की टीम मौके पर जाकर जांच करेगी।
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वर्जनजिन किसानों की फसल का बीमा था। उन किसानों के खेत में जाकर फसल खराबे की जांच की जा रही है। इसके लिए विभाग की टीम प्रतिदिन संबंधित गांवों में जाकर आंकलन कर रही हैं। क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आने वाली फसल खराबे की रिपोर्ट की जांच राजस्व विभाग करेगा। इसके लिए भी टीम बनी हुई है।