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नस्ल और फसल बचाने के लिए संघर्ष करना होगा : बलजीत
Thu, 12 Mar 2026 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Thu, 12 Mar 2026 12:12 AM IST
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11जेएनडी12: धरने पर बैठे किसान। स्रोत किसान।
नरवाना। संयुक्त किसान मोर्चे के बैनर तले नरवाना तहसील कार्यालय में किसानों का धरना बुधवार को 1420वें दिन भी जारी रहा। धरने का नेतृत्व अखिल भारतीय किसान सभा हरियाणा के राज्य अध्यक्ष दबलबीर सिंह ने किया जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता बलदेव सिंह ढाकल ने की मंच संचालन मास्टर चांद बहादुर ने किया।
बलदेव सिंह ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए किसानों से एकजुट होकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। मंच साझा करते हुए बलजीत सिंह मांडी ने कहा कि मौजूदा सरकार के चाल, चरित्र और चेहरे को देखते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के नारे “हर गांव में किसान सभा, किसान सभा में हर किसान” को धरातल पर उतारने के लिए मजबूती से काम करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि यदि किसान अपनी नस्ल और फसल को बचाना चाहते हैं तो संगठित होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा लाए जा रहे बिजली बिल 2025, सीड बिल 2025 और भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौते जैसे फैसले किसान और मजदूर विरोधी ही नहीं बल्कि जनविरोधी भी हैं। इन नीतियों का असर आने वाले समय में खेती और किसानों की आजीविका पर गंभीर रूप से पड़ेगा।
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वक्ताओं ने कहा कि किसान लंबे समय से मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है। ऐसे में किसानों को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आंदोलन को और मजबूत करना होगा।
धरने में मास्टर बलबीर सिंह के अलावा सतबीर चोपड़ा, सतबीर फौजी, सतबीर, रामधारी सिंह ढाकल, सुरजन, इंद्र सिंह, निहाल सिंह, जसवंत सिंह, बदन सिंह, हवा सिंह, रत्न सिंह चोपड़ा और डॉ. बलवंत सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। किसानों ने सरकार से किसान हितों को ध्यान में रखते हुए नीतियों में बदलाव करने की मांग भी उठाई।
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बलदेव सिंह ने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए किसानों से एकजुट होकर संघर्ष तेज करने का आह्वान किया। मंच साझा करते हुए बलजीत सिंह मांडी ने कहा कि मौजूदा सरकार के चाल, चरित्र और चेहरे को देखते हुए अखिल भारतीय किसान सभा के नारे “हर गांव में किसान सभा, किसान सभा में हर किसान” को धरातल पर उतारने के लिए मजबूती से काम करने की जरूरत है।
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उन्होंने कहा कि यदि किसान अपनी नस्ल और फसल को बचाना चाहते हैं तो संगठित होकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा लाए जा रहे बिजली बिल 2025, सीड बिल 2025 और भारत-अमेरिका व्यापारिक समझौते जैसे फैसले किसान और मजदूर विरोधी ही नहीं बल्कि जनविरोधी भी हैं। इन नीतियों का असर आने वाले समय में खेती और किसानों की आजीविका पर गंभीर रूप से पड़ेगा।
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वक्ताओं ने कहा कि किसान लंबे समय से मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रही है। ऐसे में किसानों को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर आंदोलन को और मजबूत करना होगा।
धरने में मास्टर बलबीर सिंह के अलावा सतबीर चोपड़ा, सतबीर फौजी, सतबीर, रामधारी सिंह ढाकल, सुरजन, इंद्र सिंह, निहाल सिंह, जसवंत सिंह, बदन सिंह, हवा सिंह, रत्न सिंह चोपड़ा और डॉ. बलवंत सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। किसानों ने सरकार से किसान हितों को ध्यान में रखते हुए नीतियों में बदलाव करने की मांग भी उठाई।