{"_id":"62ec205d8fb95d5b65195940","slug":"waterlogging-in-the-city-due-to-two-hours-of-rain-in-the-morning-damage-to-crops-jind-news-rtk654288265","type":"story","status":"publish","title_hn":"सुबह दो घंटे की बारिश से शहर में जलभराव, फसलों को भी नुकसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सुबह दो घंटे की बारिश से शहर में जलभराव, फसलों को भी नुकसान
विज्ञापन
जींद। जुलाई महीने की बारिश के बाद अब अगस्त का आगाज भी अच्छी बारिश के साथ हुआ है। जुलाई महीने में जिले में रिकार्ड 290 एमएम बारिश दर्ज की गई। वहीं अब वीरवार को भी जिले में औसतन 21.2 एमएम बारिश दर्ज की गई। पहले से ही पानी में डूबे खेतों में इस बारिश ने और आफत बढ़ा दी है। बराड़ खेड़ा, बुआना, किनाना, पोली, लजवाना कलां समेत कई गांवों में हजारों एकड़ फसल पानी में पहले ही डूबी हुई थी, अब इस बारिश के कारण और समस्या बढ़ गई है। जिन गांवों में फसलें पानी में डूबी हुई हैं, उनमें लगभग 90 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है। इन किसानों को पिछले वर्ष का ही मुआवजा नहीं मिला है, इस वर्ष फिर से लोग मुआवजे की मांग करने लग गए हैं। वहीं बारिश के कारण शहर के भी हालात बहुत बुरे हो गए हैं। जगह-जगह टूटी सड़कों के कारण हालात बद से बदतर हो गए हैं।
वीरवार को जिला में औसतन 21.2 एमएम बारिश दर्ज की गई। जींद में 38.5 एमएम, नरवाना में 29 एमएम, उचाना में 22 एमएम, पिल्लूखेड़ा में 42 एमएम, अलेवा में पांच एमएम तथा जुलाना में 11 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान में दो से 11 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान आकाश में बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना है।
राहगीरों के साथ-साथ वाहन चालक भी हुए परेशान
सुबह छह बजे हुई तेज बारिश ने एक बार फिर से शहर को पानी-पानी कर दिया। शहर की कोई ऐसी सड़क नहीं थी, जहां जलभराव न हुआ हो। पॉश कालोनियों समेत बाहरी कॉलोनियों में भी जलभराव हो गया। सबसे ज्यादा परेशानी पटियाला चौक, नरवाना रोड, सब्जी मंडी रोड, रामराये गेट, भिवानी रोड, रानी तालाब के निकट हुई। जहां दो से तीन फीट तक पानी जमा रहा। इससे राहगीरों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
विज्ञापन
पानी निकासी के दावे हुए फेल, 24 घंटे बाद भी नहीं निकल रहा पानी
शहर से बरसाती पानी निकासी के दावों की वीरवार को फिर से पोल खुली। प्रशासन द्वारा बरसाती पानी के दावों की पोल हर बारिश खोल देती है। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी बरसाती पानी ज्यों का त्यों खड़ा रहता है। इसके अलावा बरसाती पानी निकासी का स्थायी प्रबंध नहीं किए जाने के चलते शहर की सड़कों पर पानी खड़ा रहता है। जो आमजन के लिए परेशानी बनता है।
खेतों में भी जलभराव, कपास की फसल बर्बाद
जिले में कपास की 70 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है। जुलाना, पिल्लूखेड़ा तथा जींद ब्लॉक में तो पूरी तरह ही फसल खराब हो चुकी है। उचाना क्षेत्र में कपास का कुछ रकबा अभी ठीक है। कई गांवों में धान की फसल भी पानी में डूबी हुई है। धान की फसल यदि चार दिन तक पानी में डूबी रहती है तो वह खराब हो जाती है। इसके अलावा सब्जियों की फसल में भी बीमारियां आने लगी हैं। अमरहेड़ी, अहीरका तथा ढाणी गांवों में सब्जी की खेती की जाती हैं। इन गांवों में भी सब्जी की फसल लगभग 90 प्रतिशत खराब हो गई।
अगले 24 घंटों के दौरान और बारिश की संभावना
पांडु पिंडारा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि फसलों में पानी का ठहराव नहीं होने दें। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों से संपर्क करें।
विज्ञापन
वीरवार को जिला में औसतन 21.2 एमएम बारिश दर्ज की गई। जींद में 38.5 एमएम, नरवाना में 29 एमएम, उचाना में 22 एमएम, पिल्लूखेड़ा में 42 एमएम, अलेवा में पांच एमएम तथा जुलाना में 11 एमएम बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान में दो से 11 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान आकाश में बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना है।
विज्ञापन
राहगीरों के साथ-साथ वाहन चालक भी हुए परेशान
सुबह छह बजे हुई तेज बारिश ने एक बार फिर से शहर को पानी-पानी कर दिया। शहर की कोई ऐसी सड़क नहीं थी, जहां जलभराव न हुआ हो। पॉश कालोनियों समेत बाहरी कॉलोनियों में भी जलभराव हो गया। सबसे ज्यादा परेशानी पटियाला चौक, नरवाना रोड, सब्जी मंडी रोड, रामराये गेट, भिवानी रोड, रानी तालाब के निकट हुई। जहां दो से तीन फीट तक पानी जमा रहा। इससे राहगीरों के साथ-साथ वाहन चालकों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
विज्ञापन
पानी निकासी के दावे हुए फेल, 24 घंटे बाद भी नहीं निकल रहा पानी
शहर से बरसाती पानी निकासी के दावों की वीरवार को फिर से पोल खुली। प्रशासन द्वारा बरसाती पानी के दावों की पोल हर बारिश खोल देती है। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी बरसाती पानी ज्यों का त्यों खड़ा रहता है। इसके अलावा बरसाती पानी निकासी का स्थायी प्रबंध नहीं किए जाने के चलते शहर की सड़कों पर पानी खड़ा रहता है। जो आमजन के लिए परेशानी बनता है।
खेतों में भी जलभराव, कपास की फसल बर्बाद
जिले में कपास की 70 प्रतिशत फसल खराब हो चुकी है। जुलाना, पिल्लूखेड़ा तथा जींद ब्लॉक में तो पूरी तरह ही फसल खराब हो चुकी है। उचाना क्षेत्र में कपास का कुछ रकबा अभी ठीक है। कई गांवों में धान की फसल भी पानी में डूबी हुई है। धान की फसल यदि चार दिन तक पानी में डूबी रहती है तो वह खराब हो जाती है। इसके अलावा सब्जियों की फसल में भी बीमारियां आने लगी हैं। अमरहेड़ी, अहीरका तथा ढाणी गांवों में सब्जी की खेती की जाती हैं। इन गांवों में भी सब्जी की फसल लगभग 90 प्रतिशत खराब हो गई।
अगले 24 घंटों के दौरान और बारिश की संभावना
पांडु पिंडारा स्थित कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि अगले 24 घंटों के दौरान बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि फसलों में पानी का ठहराव नहीं होने दें। बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर कृषि विशेषज्ञों से संपर्क करें।

खेतों में भरा बारिश का पानी। संवाद- फोटो : Jind