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Jind News: वीटा के उपभोक्ताओं ने पेमेंट के लिए नारेबाजी
Fri, 02 Feb 2024 12:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
Updated Fri, 02 Feb 2024 12:28 AM IST
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01जेएनडी21: वीटा मिल्क प्लांट के बाहर रोष जताते हुए उपभोक्ता। संवाद।
जींद। दुग्ध उत्पादक उपभोक्ताओं ने वीटा मिल्क प्लांट के सामने बकाया पेमेंट की मांग को लेकर एक घंटा तक नारेबाजी की। वीट प्लांट में दुग्ध उत्पादक उपभोक्ताओं का लगभग 80 करोड़ रुपये बकाया है। जिसकी मांग को लेकर इन उपभोक्ताओं ने प्रशासन के सामने विरोध जताकर पेमेंट जारी करवाने की मांग की है। वीटा प्लांट में प्रतिदिन लगभग ढाई लाख लीटर दुग्ध उपभोक्ताओं से खरीदा जाता है। जिसकी पेमेंट बकाया है। इस पर सीईओ ने उपभोक्ताओं को समझाकर वापस भेज दिया। इन उपभोक्ताओं को जल्द ही राशि जारी करने का आश्वासन दिया गया है।
वीटा प्लांट द्वारा समय से उपभोक्ताओं के रुपये जारी करने में आंगनबाड़ी सेंटर व मिड डे मील की सप्लाई बाधा बनी हुई है। इन दोनों में हर माह करोड़ों रुपये का दूध व अन्य उत्पादन भेजा जाता है, लेकिन इनकी पेमेंट लंबे समय बाद भी वीटा को नहीं दी जा रही। जिसके चलते वीटा प्लांट का बजट बिगड़ा हुआ है। इसमें वीटा प्लांट के उत्पादनों की पेमेंट लगभग 80 करोड़ रुपये तो आंगनबाड़ी केंद्रों की तरफ बकाया है, जो कि जनवरी 2022 से अब तक की है। इसके अलावा 54 करोड़ रुपये की राशि मिड डे मील की तरफ बकाया है। इसमें मिड डे मील की तरफ जुलाई 2022 से अब तक की है। इन दोनों के कारण वीटा के दुग्ध उत्पादक उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन दोनों विभागों में दिए जा रहे दूध व अन्य उत्पादकों की पेमेंट जारी करवाने के लिए वीटा के अधिकारियों ने कई बार पत्र भी जारी किए हैं, लेकिन इसको गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। जिसके कारण यहां पर दूध बेचने वाले उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बाक्स
आंगनबाड़ी व मिड डे मील की अटकी पेमेंट ने बिगाड़ा है शैड्यूल
वीटा प्लांट में दुग्ध उत्पादकों द्वारा दिए गए दूध की पेमेंट को लेकर उपभोक्ताओं ने रोष जताया है। उनकी मांग है कि उनकी पेमेंट जल्द जारी करवाई जाए। इनको आश्वासन दिया है कि जल्द ही पेमेंट जारी करवाई जाएगी। जिसके बाद सभी उपभोक्ता शांत हो गए थे। प्लांट का लगभग 134 करोड़ रुपये आंगनबाड़ी व मिड डे मील की तरफ बकाया है। अगर यह बकाया राशि मिल जाए तो सभी किसानों की पेमेंट आसानी से हो जाएगी। इसके लिए उन्होंने पत्र लिखा है, ताकि उनकी बकाया राशि इन विभागों की तरफ से जारी करवाई जा सके। -नरेंद्र धानियां, सीईओ, वीटा मिल्क प्लांट जींद।
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वीटा प्लांट द्वारा समय से उपभोक्ताओं के रुपये जारी करने में आंगनबाड़ी सेंटर व मिड डे मील की सप्लाई बाधा बनी हुई है। इन दोनों में हर माह करोड़ों रुपये का दूध व अन्य उत्पादन भेजा जाता है, लेकिन इनकी पेमेंट लंबे समय बाद भी वीटा को नहीं दी जा रही। जिसके चलते वीटा प्लांट का बजट बिगड़ा हुआ है। इसमें वीटा प्लांट के उत्पादनों की पेमेंट लगभग 80 करोड़ रुपये तो आंगनबाड़ी केंद्रों की तरफ बकाया है, जो कि जनवरी 2022 से अब तक की है। इसके अलावा 54 करोड़ रुपये की राशि मिड डे मील की तरफ बकाया है। इसमें मिड डे मील की तरफ जुलाई 2022 से अब तक की है। इन दोनों के कारण वीटा के दुग्ध उत्पादक उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इन दोनों विभागों में दिए जा रहे दूध व अन्य उत्पादकों की पेमेंट जारी करवाने के लिए वीटा के अधिकारियों ने कई बार पत्र भी जारी किए हैं, लेकिन इसको गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। जिसके कारण यहां पर दूध बेचने वाले उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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आंगनबाड़ी व मिड डे मील की अटकी पेमेंट ने बिगाड़ा है शैड्यूल
वीटा प्लांट में दुग्ध उत्पादकों द्वारा दिए गए दूध की पेमेंट को लेकर उपभोक्ताओं ने रोष जताया है। उनकी मांग है कि उनकी पेमेंट जल्द जारी करवाई जाए। इनको आश्वासन दिया है कि जल्द ही पेमेंट जारी करवाई जाएगी। जिसके बाद सभी उपभोक्ता शांत हो गए थे। प्लांट का लगभग 134 करोड़ रुपये आंगनबाड़ी व मिड डे मील की तरफ बकाया है। अगर यह बकाया राशि मिल जाए तो सभी किसानों की पेमेंट आसानी से हो जाएगी। इसके लिए उन्होंने पत्र लिखा है, ताकि उनकी बकाया राशि इन विभागों की तरफ से जारी करवाई जा सके। -नरेंद्र धानियां, सीईओ, वीटा मिल्क प्लांट जींद।

01जेएनडी21: वीटा मिल्क प्लांट के बाहर रोष जताते हुए उपभोक्ता। संवाद।
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