फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   villagers make pipr line, jind

लाखों रुपये खर्च कर ग्रामीणों ने बुझाई गांव की प्यास

Mon, 03 Oct 2016 01:08 AM IST
jind
jind Updated Mon, 03 Oct 2016 01:08 AM IST
विज्ञापन
villagers make pipr line, jind
शामलो कलां गांव में पेयजल के संकट को दूर करने के लिए चंदे से बनाया भूमिगत टैंक जिसमें एसी लगा है। - फोटो : bureau
शामलो कलां गांव में भूमिगत पानी खारा होने से गांव में कई वर्षों से पेयजल की समस्या थी। पीने के पानी के लिए ग्रामीणों को दूर-दराज का फेरा लगाकर पानी का इंतजाम करना पड़ता था। पेयजल संकट के समाधान के लिए ग्रामीण प्रशासनिक अधिकारियों और नेताओं से गुहार लगाकर थक चुके थे, लेकिन किसी ने भी उनकी समस्या की सुध नहीं ली तो ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित कर खुद ही इस संकट का समाधान निकाला। ग्रामीणों ने करीब एक हजार मीटर दूरी से भूमिगत पाइप लाइन दबाकर जलघर में पानी पहुंचाया। यहां पर भूमिगत टैंक बनाकर पानी को ठंडा करने के लिए इसमें एसी लगवाया। इस प्रकार ग्रामीणों ने वर्षों से चली आ रही पेयजल की समस्या का समाधान किया।
विज्ञापन


तीन लाख खर्च कर कराया काम
वर्षों से शामलों कलां गांव में चली आ रही पेयजल संकट को दूर करने के लिए ग्रामीणों ने छोटे अधिकारी से लेकर बड़े अधिकारी व नेताओं तक गुहार लगाई। काफी मशक्कत के बाद वन विभाग ने गांव में पेयजल संकट के लिए एक लाख रुपये मंजूर किए हैं। गांव की पेयजल संकट को दूर करने के लिए यह राशि नाकाफी थी। जय भगवान, राजकुमार, कश्मीर, राजेश, शमशेर, जानकी, बबला, बिजेश, सुरेंद्र, कुलदीप सहित दर्जनों ने कमेटी गठित की और चंदा जमा करना शुरू कर दिया। ग्रामीणों की आपसी सहयोग से गांव में भूमिगत टैंक का निर्माण करवाकर, पाइप लाइन दबाकर व ट्यूबवेल लगाकर गांव में पेयजल पहुंचा दिया। इसके बाद पानी को ठंडा रखने के लिए इसमें लाखों रुपये की लागत से एसी भी लगवा दिया। अब इस टैंक में 24 घंटे ग्रामीणों को ठंडा पानी मिलता है। पूरा गांव के लोग इसी टैंक का पानी पीते हैं। प्रतिदिन गांव में टैंक से पानी की लागत 1500 लीटर पानी के करीब है।
विज्ञापन



गांव में भूमिगत पानी खारा है इसलिए पेयजल का संकट काफी पुराना था। पेयजल के संकट को दूर करने के लिए वन विभाग ने एक लाख छह हजार रुपये दिए हैं। यह राशि पेयजल के संकट को दूर करने के लिए कम थी। ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से चंदा जमा कर सुंदर ब्रांच नहर के पास ट्यबवेल लगाकर, पाइप लाइन दबाकर व भूमिगत टैंक बनाकर उसमें एसी लगवाया है। यह भाईचारे की एक मिसाल है।
विज्ञापन
विज्ञापन

- स्नेहलता, सरपंच ग्राम पंचायत शामलो कलां
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed